इंदौर में 9 से 13 जून तक ब्रिक्स कृषि मंत्रियों का सम्मेलन, 21 देश होंगे शामिल: सीएम मोहन यादव

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इंदौर में 9 से 13 जून तक ब्रिक्स कृषि मंत्रियों का सम्मेलन, 21 देश होंगे शामिल: सीएम मोहन यादव

सारांश

इंदौर अब वैश्विक कृषि कूटनीति का केंद्र बनने जा रहा है — 9 से 13 जून के बीच 21 देशों के कृषि मंत्री यहाँ जुटेंगे। सीएम मोहन यादव ने इसे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का अवसर बताया। साथ ही ₹271 करोड़ के सोलर प्लांट और ₹6,520 करोड़ के गेहूँ भुगतान की जानकारी भी दी गई।

मुख्य बातें

ब्रिक्स कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 9 से 13 जून 2026 तक इंदौर में आयोजित होगा।
सम्मेलन में 21 देशों के मंत्री, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और नीति-निर्धारक भाग लेंगे।
खरगोन के जलूद में ₹271 करोड़ की लागत से 60 मेगावाट के सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण हुआ; नगर निगम इंदौर को ₹35–₹60 करोड़ की बचत संभावित।
गेहूँ उपार्जन में 19 लाख किसानों का पंजीयन; 41 लाख मीट्रिक टन उपार्जन के लिए ₹6,520 करोड़ का भुगतान।
प्रदेश के 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग व्यवस्था अपनाई।
राज्य सरकार के ढाई वर्ष पूर्ण होने पर 8 से 10 मई के बीच विभागवार समीक्षा बैठकें होंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 मई 2026 को मंत्रिपरिषद की बैठक से पूर्व अपने संबोधन में घोषणा की कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का पाँच दिवसीय सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में 21 देशों के मंत्री, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और नीति-निर्धारक भाग लेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया।

सम्मेलन में कौन-कौन से देश होंगे शामिल

इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, मिस्र, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलंबिया और इंडोनेशिया सहित कुल 21 देशों के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। डॉ. यादव ने कहा कि यह सम्मेलन पूर्ण गरिमा और गौरव के साथ संपन्न हो, यह राज्य सरकार का दायित्व है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स समूह को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार और भू-राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देना है।

खरगोन में मेगा सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण

सीएम डॉ. यादव ने बताया कि खरगोन के जलूद में 60 मेगावाट क्षमता के मेगा सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण किया गया है। यह संयंत्र पीपीपी मोड पर ₹271 करोड़ की लागत से स्थापित किया गया है और नगर निगम इंदौर द्वारा ग्रीन बॉन्ड स्कीम के अंतर्गत लगाया गया है। इस जन-भागीदारी योजना में प्रति व्यक्ति अधिकतम 10 बॉन्ड (एक-एक लाख रुपए तक) लेने की अनुमति थी, जिस पर 8.27 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय होगा। परियोजना की लागत 8 वर्षों में वसूल होने का अनुमान है और यह 20 वर्षों तक संचालित रहेगी, जिससे नगर निगम इंदौर को ₹35 से ₹60 करोड़ तक की बचत होने की संभावना है।

गेहूँ उपार्जन और कृषि कर्मयोगी कार्यशाला

मुख्यमंत्री ने गेहूँ उपार्जन की अद्यतन स्थिति साझा करते हुए बताया कि 19 लाख किसानों का पंजीयन किया जा चुका है और अब तक 41 लाख मीट्रिक टन उपार्जन हो चुका है, जिसके एवज में ₹6,520 करोड़ का भुगतान किया गया है। 14.70 लाख स्लॉट बुकिंग कृषकों द्वारा की गई है और 7 लाख 77 हजार विक्रेता कृषक इस प्रक्रिया में सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त, 30 अप्रैल को भोपाल में आयोजित कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला में प्रदेश के सभी 55 जिलों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1,627 चुनिंदा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

श्रम स्टार रेटिंग और अन्य प्रमुख घोषणाएँ

डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत अब तक 554 कारखानों ने स्वेच्छा से इस व्यवस्था को अपनाया है। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक संस्थाओं में श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने मंत्रिगण को निर्देश दिए कि 8 से 10 मई के बीच विभागवार उपलब्धियों, नवाचारों और चुनौतियों पर चर्चा का कार्यक्रम आयोजित किया जाए और 12 मई से पूर्व जिला विकास समितियों की बैठकें अनिवार्य रूप से संपन्न की जाएँ।

राज्य सरकार के ढाई वर्ष और राजनीतिक प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जाता है। उन्होंने बंगाल की ऐतिहासिक जीत को वहाँ के कार्यकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान का परिणाम बताया। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी में वैदिक घड़ी के अवलोकन की भी चर्चा की, जिसे उन्होंने आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम बताया। आने वाले दिनों में इंदौर में होने वाला ब्रिक्स कृषि सम्मेलन मध्य प्रदेश को वैश्विक कृषि कूटनीति के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिला सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस कूटनीतिक मंच से राज्य के किसानों को ठोस लाभ कैसे मिलेगा। ब्रिक्स के विस्तार के साथ अब 21 देशों की भागीदारी है, परंतु कृषि सहयोग के ठोस परिणाम अब तक सीमित रहे हैं। गेहूँ उपार्जन के आँकड़े उत्साहजनक हैं, किंतु ₹6,520 करोड़ के भुगतान के बावजूद छोटे और सीमांत किसानों तक इसकी पहुँच का कोई स्वतंत्र सत्यापन सामने नहीं आया है। सम्मेलन की भव्यता और ज़मीनी कृषि वास्तविकता के बीच की खाई को पाटना ही इस आयोजन की असली सफलता होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंदौर में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों का सम्मेलन कब होगा?
ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का पाँच दिवसीय सम्मेलन 9 से 13 जून 2026 तक इंदौर में आयोजित होगा। इसमें 21 देशों के मंत्री, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और नीति-निर्धारक भाग लेंगे।
ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में कौन-कौन से देश शामिल होंगे?
सम्मेलन में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, मिस्र, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलंबिया और इंडोनेशिया सहित कुल 21 देश शामिल होंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच कृषि सहयोग और भू-राजनीतिक संवाद को बढ़ावा देना है।
खरगोन के जलूद में स्थापित सोलर पॉवर प्लांट की क्या विशेषताएँ हैं?
खरगोन के जलूद में ₹271 करोड़ की लागत से 60 मेगावाट क्षमता का मेगा सोलर पॉवर प्लांट पीपीपी मोड पर स्थापित किया गया है। यह नगर निगम इंदौर की ग्रीन बॉन्ड स्कीम के तहत बनाया गया है, जिस पर 8.27% वार्षिक ब्याज मिलेगा और 8 वर्षों में लागत वसूल होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में गेहूँ उपार्जन की वर्तमान स्थिति क्या है?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार अब तक 19 लाख किसानों का पंजीयन हो चुका है और 41 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। इसके लिए ₹6,520 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है और 7 लाख 77 हजार विक्रेता कृषक इस प्रक्रिया में शामिल हैं।
मध्य प्रदेश की श्रम स्टार रेटिंग पहल क्या है?
श्रम स्टार रेटिंग एक अनूठी पहल है जिसके तहत औद्योगिक संस्थाओं को श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के आधार पर रेटिंग दी जाती है। अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्वेच्छा से इस व्यवस्था को अपनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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