मध्य प्रदेश में 27 मई तक भीषण लू का कहर, IMD ने रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में अगले पाँच दिनों तक भीषण लू जारी रहने की चेतावनी दी है। 23 मई 2025 को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। 27 मई तक रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट प्रभावी रहेंगे।
कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित
23 से 24 मई के बीच सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही दतिया, भिंड, रीवा, मऊगंज, कटनी, दमोह, निवाड़ी और मैहर में भी गंभीर लू की चेतावनी जारी है। सागर में लू और छिंदवाड़ा, बालाघाट तथा पांढुर्णा में गर्म रातें रहने का अनुमान है।
इसके अलावा विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर और नरसिंहपुर समेत बड़ी संख्या में जिलों के लिए भी लू का अलर्ट जारी किया गया है।
अगले चरण में भी राहत नहीं
24 से 25 मई के दौरान सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, निवाड़ी और मैहर में भीषण लू की स्थिति बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 से 27 मई तक भी इन्हीं इलाकों में यही स्थिति बनी रह सकती है। 22 मई को कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जबकि 23 मई को छिंदवाड़ा समेत कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहा — जिससे रातें भी गर्म बनी हुई हैं।
मानसून की स्थिति
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और आने वाले दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और 28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा सकता है। हालाँकि मध्य प्रदेश को इससे तत्काल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सलाह
IMD ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ORS, नींबू पानी, छाछ और अन्य इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ लेने को कहा गया है। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर ढककर बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को सुबह या शाम के समय सिंचाई करने, अत्यधिक गर्मी में उर्वरक और कीटनाशकों के इस्तेमाल से बचने तथा पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर और मध्य भारत में मई के अंत में तापमान रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है।