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मध्य प्रदेश में 27 मई तक भीषण लू का कहर, IMD ने रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी किया

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मध्य प्रदेश में 27 मई तक भीषण लू का कहर, IMD ने रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी किया

सारांश

मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों पर अगले पाँच दिन भीषण लू की मार पड़ने वाली है — IMD ने 27 मई तक रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं। सतना से ग्वालियर तक रातें भी गर्म हैं, और मानसून से तत्काल राहत के आसार नहीं।

मुख्य बातें

IMD भोपाल ने 27 मई 2025 तक मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं।
सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, भिंड, रीवा समेत कई जिलों में 23 से 25 मई के बीच भीषण लू की चेतावनी है।
छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्णा में गर्म रातें रहने का अनुमान; न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर तक पहुँचा, लेकिन मध्य प्रदेश में तत्काल राहत के संकेत नहीं।
28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना।
IMD ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने और ORS-नींबू पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट पेय लेने की सलाह दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने मध्य प्रदेश के दर्जनों जिलों में अगले पाँच दिनों तक भीषण लू जारी रहने की चेतावनी दी है। 23 मई 2025 को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। 27 मई तक रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट प्रभावी रहेंगे।

कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित

23 से 24 मई के बीच सतना, पन्ना, छतरपुर और टीकमगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भीषण लू चलने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही दतिया, भिंड, रीवा, मऊगंज, कटनी, दमोह, निवाड़ी और मैहर में भी गंभीर लू की चेतावनी जारी है। सागर में लू और छिंदवाड़ा, बालाघाट तथा पांढुर्णा में गर्म रातें रहने का अनुमान है।

इसके अलावा विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, उज्जैन, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, जबलपुर और नरसिंहपुर समेत बड़ी संख्या में जिलों के लिए भी लू का अलर्ट जारी किया गया है।

अगले चरण में भी राहत नहीं

24 से 25 मई के दौरान सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, निवाड़ी और मैहर में भीषण लू की स्थिति बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 से 27 मई तक भी इन्हीं इलाकों में यही स्थिति बनी रह सकती है। 22 मई को कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जबकि 23 मई को छिंदवाड़ा समेत कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहा — जिससे रातें भी गर्म बनी हुई हैं।

मानसून की स्थिति

मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और आने वाले दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और 28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा सकता है। हालाँकि मध्य प्रदेश को इससे तत्काल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सलाह

IMD ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ORS, नींबू पानी, छाछ और अन्य इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ लेने को कहा गया है। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने और सिर ढककर बाहर निकलने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को सुबह या शाम के समय सिंचाई करने, अत्यधिक गर्मी में उर्वरक और कीटनाशकों के इस्तेमाल से बचने तथा पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर और मध्य भारत में मई के अंत में तापमान रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी तैयारी अक्सर कागज़ों तक सिमटी रहती है। असली सवाल यह है कि क्या राज्य के स्वास्थ्य तंत्र और ज़िला प्रशासन ने हीटस्ट्रोक के मामलों के लिए पर्याप्त क्षमता बनाई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में मध्य प्रदेश में लू से होने वाली मौतों के आँकड़े अक्सर देरी से सामने आते हैं। जब तक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली अलर्ट को वास्तविक हस्तक्षेप में नहीं बदलती, ये चेतावनियाँ महज़ सूचना बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में लू का अलर्ट कब तक रहेगा?
IMD के अनुसार मध्य प्रदेश में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट 27 मई 2025 तक प्रभावी रहेंगे। 23 से 27 मई के बीच राज्य के उत्तरी, पूर्वी और मध्य जिलों में भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
किन जिलों में सबसे अधिक खतरा है?
सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, भिंड, रीवा, मऊगंज, कटनी, दमोह, निवाड़ी और मैहर में भीषण लू का रेड अलर्ट है। ग्वालियर, मुरैना, सिंगरौली, जबलपुर समेत दर्जनों अन्य जिलों में भी लू की चेतावनी दी गई है।
लू से बचाव के लिए क्या करें?
IMD ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। पर्याप्त पानी, ORS, नींबू पानी और छाछ जैसे इलेक्ट्रोलाइट पेय लें; हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें।
मध्य प्रदेश में मानसून कब आएगा?
IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है और परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। हालाँकि मध्य प्रदेश में तत्काल राहत के संकेत नहीं हैं; 28 मई से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।
किसानों और पशुपालकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
किसानों को सुबह या शाम के समय सिंचाई करने और अत्यधिक गर्मी में उर्वरक व कीटनाशकों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करना ज़रूरी बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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