महासमुंद में अंतर-राज्यीय हथियार गिरोह का भंडाफोड़: देसी पिस्तौल, ₹3.25 लाख नकद सहित चार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में बसना पुलिस ने 9-10 अगस्त 2026 की देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के चार सदस्यों वाले अंतर-राज्यीय हथियार गिरोह को गिरफ्तार किया। पलसापली बैरियर पर सघन वाहन जाँच के दौरान पकड़े गए इन आरोपियों के पास से एक देसी .315 बोर पिस्तौल, तीन जिंदा कारतूस और ₹3.25 लाख नकद बरामद हुए।
कैसे हुई गिरफ्तारी
बसना पुलिस स्टेशन की एक टीम पलसापली बैरियर पर नियमित गश्त और वाहन जाँच कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा की दिशा से आ रही एक बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाली सफेद मारुति सुजुकी विक्टोरिस कार को रोका गया। कार पर MP07/C0011/TC नंबर की पीली अस्थायी प्लेट लगी थी और उसमें सवार चारों लोगों का व्यवहार संदिग्ध पाया गया।
तलाशी के दौरान पुलिस को कार के डैशबोर्ड और सीटों के पास से देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस मिले। कार के अंदर रखे एक बैग से ₹3.25 लाख नकद भी जब्त किए गए। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, कार और अन्य सामान सहित बरामद संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹19.25 लाख है।
गिरोह की योजना क्या थी
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि चारों आरोपियों ने मिलकर ओडिशा के बलांगीर से गांजा खरीदने की योजना बनाई थी। पुलिस या किसी भी विरोध की स्थिति में इस्तेमाल के लिए वे अवैध हथियार साथ लेकर चल रहे थे। सप्लायर से संपर्क न हो पाने के कारण वे नकदी लेकर वापस लौट रहे थे, तभी बैरियर पर उन्हें दबोच लिया गया।
यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर अंतर-राज्यीय नशा तस्करी और हथियारों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं। गौरतलब है कि महासमुंद जिला ओडिशा और मध्य प्रदेश दोनों से सटा हुआ है, जो इसे तस्करी के लिए एक संवेदनशील गलियारा बनाता है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई:
उमाशंकर शर्मा (41) — मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र के देवोरी गाँव के निवासी।
आकाश कक्कड़ शर्मा उर्फ गोलू (27) और शिवम शर्मा (26) — दोनों मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बरोही गाँव के निवासी।
शनि सिंह उर्फ संदीप (32) — उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खैरागढ़ थाना क्षेत्र के गरिकर्ना गाँव के निवासी।
कानूनी कार्रवाई
बसना पुलिस ने चारों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 25 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2)(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी चारों को औपचारिक रूप से 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियार आपूर्तिकर्ताओं का पता लगाने के लिए जाँच जारी है। बरामद मोबाइल फोन से संपर्कों की जाँच की जा रही है। सतर्क बसना पुलिस की समय पर की गई यह कार्रवाई राज्य की सीमाओं के पार हथियार और नशीले पदार्थों की एक बड़ी तस्करी को रोकने में सफल रही।