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अनु मलिक का जन्मदिन: धुन चोरी के आरोपों पर बोले थे — 'ईश्वर के अलावा कोई मौलिक नहीं'

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अनु मलिक का जन्मदिन: धुन चोरी के आरोपों पर बोले थे — 'ईश्वर के अलावा कोई मौलिक नहीं'

सारांश

2 नवंबर को 66 साल के हुए अनु मलिक की कहानी प्रतिभा और विवाद का अजीब संगम है। बचपन में पिता सरदार मलिक से मिली सीख, 'रिफ्यूजी' के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार और धुन चोरी के आरोपों पर उनका वह जवाब — 'ईश्वर के अलावा कोई मौलिक नहीं' — आज भी उतना ही चर्चित है।

मुख्य बातें

अनु मलिक का जन्म 2 नवंबर 1960 को हुआ; वे आज 66 साल के हो गए हैं।
उनके पिता सरदार मलिक संगीत निर्देशक और मामा हसरत जयपुरी प्रसिद्ध गीतकार थे।
1978 में फिल्म 'हंटरवाली 77' से मात्र 16-17 साल की उम्र में संगीत निर्देशक के रूप में करियर शुरू किया।
फिल्म 'रिफ्यूजी' के संगीत के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
2017 में रघु राम के सवाल पर धुन चोरी के आरोपों पर कहा — 'ईश्वर के अलावा कोई मौलिक नहीं है।' 'बाजीगर' , 'बॉर्डर' , 'एलओसी कारगिल' और 'मैं हूँ ना' उनके करियर की मील के पत्थर फिल्में रहीं।

बॉलीवुड के विवादास्पद और प्रतिभाशाली संगीतकार अनु मलिक — जिनका असली नाम अनवर मलिक है — आज 2 नवंबर 2026 को अपना 66वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। 2 नवंबर 1960 को जन्मे अनु मलिक ने महज सात साल की उम्र में संगीत की प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी थी और बाद में हिंदी फिल्म संगीत जगत के सबसे चर्चित नामों में से एक बने।

संगीत के माहौल में पली-बढ़ी प्रतिभा

अनु मलिक का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ जहाँ संगीत की खुशबू हर सुबह बिखरी रहती थी। उनके पिता सरदार मलिक जाने-माने संगीत निर्देशक थे, और उनके मामा हसरत जयपुरी हिंदी सिनेमा के दिग्गज गीतकार थे। एक पुराने साक्षात्कार में अनु मलिक ने कहा था, 'मैं खुशनसीब हूँ कि सरदार मलिक का बेटा हूँ और मेरे मामा हसरत जयपुरी हैं। मैं बचपन से उस माहौल में पला-बढ़ा हूँ।' शंकर-जयकिशन के गीतों का उन पर गहरा प्रभाव रहा, जिसने उनकी संगीत-संवेदना को शुरुआत से ही माँजा।

पिता की परीक्षा और पहली पहचान

बचपन में जब अनु मलिक ने एक मराठी कविता की धुन बनाई और उसे पिता सरदार मलिक को सुनाया, तो वे हैरान रह गए। इसके बाद पिता ने बेटे की परीक्षा ली — उनके सामने कई अलग-अलग गाने रखे और धुन बनाने को कहा। अनु मलिक ने एक के बाद एक धुनें तैयार कर दीं, जिन्हें सुनकर पिता ने उन्हें गले लगा लिया।

16-17 साल की उम्र में ही उन्हें बतौर संगीत निर्देशक काम करने का अवसर मिल गया। वर्ष 1978 में अभिनेता-हास्य कलाकार मोहन चोटी की फिल्म 'हंटरवाली 77' में उन्होंने पिता की जगह संगीत दिया। मामा हसरत जयपुरी के लिखे गीत को जब उन्होंने कंपोज़ किया, तो उसे सुनने वाले दीवाने हो गए।

करियर की बुलंदियाँ

फिल्म 'एक जान हैं हम' से उन्हें सही शुरुआत मिली। इसके बाद 'सोनी महिवाल' आई और फिर अनु मलिक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका सबसे प्रसिद्ध शुरुआती गाना — 'जुल्मों सितम पर इतराने वाले, तू भी तो इक दिन मिट जाएगा' — जिसे गायिका आशा भोसले ने गाया और बोल हसरत जयपुरी ने लिखे — उनका पहला संगीतबद्ध गाना माना जाता है।

फिल्म 'बाजीगर' के संगीत ने उन्हें नई पहचान दी। इसके बाद 'बॉर्डर' के सभी गाने जबरदस्त हिट रहे। फिल्म 'रिफ्यूजी' के लिए उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी नवाज़ा गया।

धुन चोरी के आरोप और विवादास्पद जवाब

शोहरत की बुलंदियों पर पहुँचने के बाद अनु मलिक पर अंतरराष्ट्रीय और भारतीय गीतों की धुनें तथा संगीत-संयोजन चुराने के आरोप भी लगते रहे। 2017 में एक टेलीविज़न शो 'एंटरटेनमेंट की रात' के दौरान 'रोडीज़' के लिए मशहूर रघु राम ने उनसे सीधे इस बारे में सवाल किया।

इसके जवाब में अनु मलिक ने कहा था — 'ईश्वर के अलावा कोई भी मौलिक (ओरिजिनल) नहीं है' — और यह भी कहा कि प्रेरणा लेना और चोरी करना दो बिल्कुल अलग बातें हैं। उन्होंने अपने बचाव में 'बॉर्डर', 'एलओसी कारगिल' और 'मैं हूँ ना' जैसी फिल्मों में किए गए अपने काम का उदाहरण दिया।

विरासत और आगे की राह

अनु मलिक का संगीत सफर विरोधाभासों से भरा रहा है — एक तरफ राष्ट्रीय पुरस्कार और अनगिनत हिट गाने, दूसरी तरफ साहित्यिक चोरी के बार-बार लगने वाले आरोप। आलोचकों का कहना है कि इन विवादों ने उनकी विरासत को एक जटिल रूप दिया है। फिर भी, नब्बे और दो-हजारी दशक के बॉलीवुड संगीत में उनके योगदान को नकारना मुश्किल है। 66वें जन्मदिन पर उनका नाम एक बार फिर उनकी अनूठी जीवन-यात्रा की याद दिला रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जवाबदेही का कोई ठोस ढाँचा नहीं बना। राष्ट्रीय पुरस्कार की ऊँचाई और साहित्यिक चोरी के आरोपों की गहराई — दोनों एक ही व्यक्तित्व में समाए होना इस उद्योग की जटिलता को रेखांकित करता है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनु मलिक का असली नाम क्या है और उनका जन्म कब हुआ?
अनु मलिक का असली नाम अनवर मलिक है और उनका जन्म 2 नवंबर 1960 को हुआ था। वे प्रसिद्ध संगीत निर्देशक सरदार मलिक के पुत्र हैं।
अनु मलिक को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार किस फिल्म के लिए मिला?
अनु मलिक को फिल्म 'रिफ्यूजी' के संगीत के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह उनके करियर का एक बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।
अनु मलिक पर धुन चोरी के आरोप कब और क्यों लगे?
अनु मलिक पर शोहरत हासिल करने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय और भारतीय गीतों की धुनें चुराने के आरोप लगते रहे। 2017 में टेलीविज़न शो 'एंटरटेनमेंट की रात' में 'रोडीज़' के रघु राम ने उनसे सीधे इस बारे में सवाल किया था।
धुन चोरी के आरोपों पर अनु मलिक ने क्या जवाब दिया था?
अनु मलिक ने 2017 में कहा था कि 'ईश्वर के अलावा कोई भी मौलिक नहीं है' और प्रेरणा लेना, चोरी करने से बिल्कुल अलग है। उन्होंने 'बॉर्डर', 'एलओसी कारगिल' और 'मैं हूँ ना' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए अपने काम का बचाव किया।
अनु मलिक ने अपना फिल्मी करियर किस फिल्म से शुरू किया?
अनु मलिक ने 1978 में फिल्म 'हंटरवाली 77' से बतौर संगीत निर्देशक अपना करियर शुरू किया, जब वे महज 16-17 साल के थे। बाद में 'एक जान हैं हम' और 'सोनी महिवाल' से उन्हें उद्योग में पक्की पहचान मिली।
राष्ट्र प्रेस
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