जादवपुर विश्वविद्यालय झड़प: कोलकाता पुलिस का फॉरेंसिक और वीडियो विश्लेषण शुरू, 27 अगस्त को जांच समिति की पहली बैठक
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता पुलिस ने जादवपुर विश्वविद्यालय में 19 और 20 अगस्त को हुई झड़पों की जांच तेज़ कर दी है — फॉरेंसिक नमूने एकत्र किए जा चुके हैं और सोशल मीडिया पर वायरल मोबाइल वीडियो क्लिप्स की प्रामाणिकता परखी जा रही है। जांचकर्ताओं का मुख्य लक्ष्य यह स्थापित करना है कि झड़पों को भड़काने में किसकी भूमिका थी और घटनाक्रम की शुरुआत कहाँ से हुई।
फॉरेंसिक जांच का दायरा
कोलकाता पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने विश्वविद्यालय परिसर के कई स्थानों से नमूने एकत्र किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, विशेष रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के दौरान किसी ज्वलनशील या रासायनिक पदार्थ का उपयोग हुआ था या नहीं। ज़रूरत पड़ने पर इन नमूनों की तुलना अन्य संदर्भ नमूनों से भी की जाएगी।
वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल
जांच एजेंसियाँ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ों और सीसीटीवी फुटेज की तुलना सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप्स से करेंगी। फॉरेंसिक विशेषज्ञ यह सत्यापित करेंगे कि वीडियो वास्तव में 19-20 अगस्त के हैं या नहीं, उनमें किसी प्रकार की एडिटिंग की गई है या नहीं, और क्या उनमें दिखने वाले व्यक्तियों की पहचान संभव है।
सुरक्षा गार्डों से होगी विस्तृत पूछताछ
पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ चर्चा के बाद सुरक्षा गार्डों की एक सूची तैयार की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गार्डों से पूछा जाएगा कि घटना के समय उनकी ड्यूटी कहाँ थी, उन्होंने क्या देखा, और क्या उन्होंने किसी प्रकार का शोर-शराबा या आगजनी देखी थी। अधिकारियों का मानना है कि गार्डों के मोबाइल फोन में मौजूद वीडियो रिकॉर्डिंग जांच के लिए महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।
सहायक पुलिस आयुक्त की विश्वविद्यालय यात्रा
मंगलवार को सहायक पुलिस आयुक्त मनोज कुमार झा आरोपों की जांच के सिलसिले में विश्वविद्यालय परिसर पहुँचे। उन्होंने रजिस्ट्रार सलीम बॉक्स मंडल से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच हुई झड़पों को लेकर विस्तृत चर्चा की।
घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और जांच समिति
19 और 20 अगस्त को दक्षिण कोलकाता स्थित जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की छात्र इकाई स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच दो बार झड़प हुई। पहली झड़प 8बी बस स्टैंड चौराहे पर SFI कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई, जबकि दूसरी झड़प विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच हुई। दूसरी झड़प के दौरान प्रसिद्ध चित्रकार नंदलाल बोस द्वारा डिज़ाइन किया गया विश्वविद्यालय का प्रतीक चिह्न क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसे मरम्मत के बाद 21 अगस्त को गेट नंबर-4 पर पुनः स्थापित किया गया।
इस बीच, विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्व न्यायाधीश प्रणब कुमार चटर्जी की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है, जिसकी पहली बैठक 27 अगस्त को निर्धारित है। फॉरेंसिक रिपोर्ट और समिति के निष्कर्ष मिलकर यह तय करेंगे कि आगे किन पर और क्या कार्रवाई होगी।