8 जुलाई 2026
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जलगांव में NCP (शरद पवार गुट) का बड़ा प्रदर्शन: किसानों के डीजल आरक्षण की मांग पर सरकारी गाड़ियाँ रोकीं

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जलगांव में NCP (शरद पवार गुट) का बड़ा प्रदर्शन: किसानों के डीजल आरक्षण की मांग पर सरकारी गाड़ियाँ रोकीं

सारांश

जलगांव में NCP (शरद पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने किसानों के लिए 25% डीजल आरक्षण की माँग पर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर सरकारी गाड़ियाँ रोककर प्रशासन में हड़कंप मचा दिया। आंदोलन को हर तालुके तक फैलाने की चेतावनी दी गई है।

मुख्य बातें

NCP (शरद पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने 22 मई 2026 को जलगांव जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहनों की आवाजाही रोककर कई गाड़ियाँ कार्यालय परिसर में फँसा दीं।
मुख्य माँग: किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण ।
जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगले दिन से हर तालुके में सरकारी गाड़ियाँ रोकी जाएँगी।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं के आक्रामक रुख से जलगांव प्रशासन सतर्क हो गया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने 22 मई 2026 को जलगांव के जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन ने जलगांव प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर डेरा जमाकर सरकारी वाहनों को अंदर-बाहर जाने से रोक दिया। इसके चलते कई सरकारी गाड़ियाँ कार्यालय परिसर के भीतर ही फंसी रह गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं के आक्रामक रुख को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया। वहाँ मौजूद आम नागरिकों को भी अव्यवस्था की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों की माँग

शरद पवार गुट का यह आंदोलन किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण दिलाने की माँग पर केंद्रित है। नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की इस बुनियादी ज़रूरत की लगातार अनदेखी कर रही है।

गौरतलब है कि यह आंदोलन केवल जलगांव तक सीमित नहीं है — शरद पवार गुट के कार्यकर्ता हर तालुका स्तर पर इस माँग को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।

जिला अध्यक्ष की चेतावनी

शरद पवार गुट के जिला अध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि अगले दिन से पूरे जिले के हर तालुके में सरकारी वाहनों को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों को सरकारी गाड़ियों में आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक सरकार किसानों की माँग नहीं मानती।

कार्यकर्ताओं ने यह भी ऐलान किया कि जिलाधिकारी सहित किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को सरकारी वाहन से घर नहीं जाने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए कितनी भी देर तक धरना देना पड़े।

प्रशासन की स्थिति

इस प्रदर्शन से जलगांव जिला प्रशासन में स्पष्ट हलचल देखी गई। अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए थे और कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सतर्कता बरती जा रही थी। हालाँकि, प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

आगे क्या होगा

शरद पवार गुट के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक महाराष्ट्र सरकार किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की माँग नहीं मानती, यह आंदोलन जारी रहेगा और इसे और तेज़ किया जाएगा। यह आंदोलन आने वाले दिनों में पूरे जलगांव ज़िले के तालुकों में फैलने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके तहत वह ज़मीनी स्तर पर किसान-केंद्रित मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। डीजल आरक्षण की माँग तकनीकी रूप से जटिल है — राज्य सरकार के पास डीजल मूल्य निर्धारण पर सीमित अधिकार है, जो केंद्र के नियंत्रण में है — और इस पर बहस की गुंजाइश है। असली सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन किसानों की वास्तविक पीड़ा की अभिव्यक्ति है, या आगामी स्थानीय चुनावों से पहले राजनीतिक ज़मीन तैयार करने की कवायद।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जलगांव में NCP (शरद पवार गुट) का प्रदर्शन किस माँग को लेकर हुआ?
यह प्रदर्शन किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की माँग को लेकर किया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए किसानों को सस्ता और आरक्षित डीजल मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान जलगांव में क्या हुआ?
NCP (शरद पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य द्वार पर सरकारी वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे कई गाड़ियाँ परिसर के अंदर फँस गईं। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन अव्यवस्था के कारण वहाँ मौजूद लोगों को असुविधा हुई।
शरद पवार गुट ने आगे क्या कार्रवाई की चेतावनी दी है?
जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि अगले दिन से पूरे जलगांव जिले के हर तालुके में सरकारी गाड़ियाँ रोकी जाएँगी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार किसानों की माँग नहीं मानती, आंदोलन जारी रहेगा।
यह आंदोलन केवल जलगांव तक सीमित है या पूरे महाराष्ट्र में फैला है?
शरद पवार गुट के कार्यकर्ता महाराष्ट्र में हर तालुका स्तर पर इस माँग को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। जलगांव इस व्यापक आंदोलन का एक केंद्र बिंदु है।
जलगांव प्रशासन ने इस प्रदर्शन पर क्या रुख अपनाया?
प्रदर्शन के आक्रामक रुख को देखते हुए जलगांव प्रशासन सतर्क हो गया। अधिकारी स्थिति पर नज़र रख रहे थे और कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सावधानी बरती जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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