जलगांव में NCP (शरद पवार गुट) का बड़ा प्रदर्शन: किसानों के डीजल आरक्षण की मांग पर सरकारी गाड़ियाँ रोकीं
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के कार्यकर्ताओं ने 22 मई 2026 को जलगांव के जिलाधिकारी कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन ने जलगांव प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर डेरा जमाकर सरकारी वाहनों को अंदर-बाहर जाने से रोक दिया। इसके चलते कई सरकारी गाड़ियाँ कार्यालय परिसर के भीतर ही फंसी रह गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं के आक्रामक रुख को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया। वहाँ मौजूद आम नागरिकों को भी अव्यवस्था की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों की माँग
शरद पवार गुट का यह आंदोलन किसानों को सिंचाई और कृषि कार्यों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण दिलाने की माँग पर केंद्रित है। नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की इस बुनियादी ज़रूरत की लगातार अनदेखी कर रही है।
गौरतलब है कि यह आंदोलन केवल जलगांव तक सीमित नहीं है — शरद पवार गुट के कार्यकर्ता हर तालुका स्तर पर इस माँग को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
जिला अध्यक्ष की चेतावनी
शरद पवार गुट के जिला अध्यक्ष ने साफ चेतावनी दी है कि अगले दिन से पूरे जिले के हर तालुके में सरकारी वाहनों को रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों और मंत्रियों को सरकारी गाड़ियों में आने-जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक सरकार किसानों की माँग नहीं मानती।
कार्यकर्ताओं ने यह भी ऐलान किया कि जिलाधिकारी सहित किसी भी वरिष्ठ अधिकारी को सरकारी वाहन से घर नहीं जाने दिया जाएगा, चाहे इसके लिए कितनी भी देर तक धरना देना पड़े।
प्रशासन की स्थिति
इस प्रदर्शन से जलगांव जिला प्रशासन में स्पष्ट हलचल देखी गई। अधिकारी स्थिति पर नज़र रखे हुए थे और कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सतर्कता बरती जा रही थी। हालाँकि, प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
आगे क्या होगा
शरद पवार गुट के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक महाराष्ट्र सरकार किसानों के लिए 25 प्रतिशत डीजल आरक्षण की माँग नहीं मानती, यह आंदोलन जारी रहेगा और इसे और तेज़ किया जाएगा। यह आंदोलन आने वाले दिनों में पूरे जलगांव ज़िले के तालुकों में फैलने की संभावना है।