2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जयपुर में डीएनटी आरक्षण प्रदर्शन हिंसक: पुलिस ने लाठीचार्ज किया, 50 हिरासत में

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जयपुर में डीएनटी आरक्षण प्रदर्शन हिंसक: पुलिस ने लाठीचार्ज किया, 50 हिरासत में

सारांश

जयपुर में डीएनटी समुदाय की महापंचायत शांति से शुरू हुई, लेकिन मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की कोशिश ने इसे हिंसक झड़प में बदल दिया। लाठीचार्ज, आंसू गैस और पत्थरबाजी के बाद 50 हिरासत में — 10% आरक्षण की माँग अब सड़क से सियासत तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

1 जुलाई 2026 को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में डीएनटी समुदाय की महापंचायत के बाद हिंसक झड़प हुई।
प्रदर्शनकारी 10 प्रतिशत आरक्षण की माँग को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करना चाहते थे।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया।
एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी और स्थानीय निवासी शामिल हैं।
करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
विपक्ष नेता टीका राम जुली ने पुलिस कार्रवाई को 'अत्यंत निंदनीय' बताया।

जयपुर में 1 जुलाई 2026 की शाम खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश (डीएनटी) समुदायों की विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। 10 प्रतिशत आरक्षण की माँग को लेकर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने जब मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया, तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोका और स्थिति हिंसक हो गई। इस घटना में पुलिसकर्मियों और स्थानीय निवासियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए और करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बुधवार शाम करीब 6 बजे महापंचायत की समाप्ति के बाद प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च की घोषणा की। पुलिस ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी और बैरिकेड लगा दिए थे। जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, तो झड़प शुरू हो गई जो जल्द ही हिंसक रूप ले गई।

कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों और नागरिकों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद अधिकारियों ने बताया कि स्थिति बाद में नियंत्रण में आ गई।

पुलिस का पक्ष

डीसीपी (उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के बीच बैठक कराई थी और चर्चा सकारात्मक रही थी। शर्मा के अनुसार, बातचीत के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक आक्रामक हो गए, उन्होंने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया और कथित तौर पर स्थानीय निवासियों के साथ दुर्व्यवहार किया।

पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों और नागरिकों दोनों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद बल प्रयोग किया गया।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्ष के नेता टीका राम जुली ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल को 'अत्यंत निंदनीय' बताते हुए कहा कि यह एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन था। जुली ने आरोप लगाया कि सरकार की यह कार्रवाई समाज के कमजोर, वंचित और हाशिए पर पड़े वर्गों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता को दर्शाती है।

आम जनता पर असर

घटना जयपुर के उत्तरी हिस्से में हुई जहाँ भारी पुलिस बल की तैनाती से यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में विभिन्न समुदायों की आरक्षण माँगें लंबे समय से लंबित हैं। गौरतलब है कि डीएनटी समुदाय देश भर में अपनी पहचान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है।

क्या होगा आगे

हिरासत में लिए गए करीब 50 प्रदर्शनकारियों के मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है। डीएनटी समुदाय की 10 प्रतिशत आरक्षण की माँग पर सरकार का आधिकारिक रुख अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। विपक्ष के दबाव और घायलों की संख्या को देखते हुए राज्य सरकार पर वार्ता की माँग तेज हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीतिगत स्तर पर उन्हें बार-बार टाला गया है। राजस्थान सरकार की ओर से वार्ता की पहल सकारात्मक थी, लेकिन बिना ठोस आश्वासन के बातचीत समाप्त होना और फिर बैरिकेड — यह टकराव की पटकथा पहले से लिखी थी। विपक्ष का आरोप और सरकार का बल प्रयोग दोनों एक ही सवाल को टाल रहे हैं: डीएनटी समुदाय की माँगों पर कोई स्थायी नीतिगत जवाब कब मिलेगा?
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर में डीएनटी प्रदर्शन क्यों हुआ?
खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश (डीएनटी) समुदायों के सदस्य 10 प्रतिशत आरक्षण की माँग को लेकर 1 जुलाई 2026 को विद्याधर नगर स्टेडियम में महापंचायत के लिए एकत्रित हुए थे। महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने का प्रयास किया, जिससे पुलिस से झड़प हो गई।
जयपुर लाठीचार्ज में कितने लोग घायल हुए?
हिंसा में पुलिसकर्मियों और स्थानीय निवासियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। कई प्रदर्शनकारी भी पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए और करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया?
डीसीपी (उत्तर) करण शर्मा के अनुसार, पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कराई थी। बातचीत के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी आक्रामक हो गए, बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों व नागरिकों पर पत्थर फेंके, जिसके बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया गया।
विपक्ष ने जयपुर पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?
विपक्ष के नेता टीका राम जुली ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे 'अत्यंत निंदनीय' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की यह कार्रवाई समाज के कमजोर और हाशिए पर पड़े वर्गों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
डीएनटी समुदाय कौन हैं और उनकी माँग क्या है?
डीएनटी यानी विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियाँ वे समुदाय हैं जिन्हें औपनिवेशिक काल में 'आपराधिक जनजाति' घोषित किया गया था और बाद में 1952 में विमुक्त किया गया। ये समुदाय सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण की माँग कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले