जलपाईगुड़ी में सरकारी स्कूल टीचर गिरफ्तार, किराए के घर में मिली ब्राउन शुगर बनाने की अवैध फैक्ट्री
सारांश
मुख्य बातें
जलपाईगुड़ी जिला पुलिस ने एक गुप्त ड्रग-विरोधी ऑपरेशन के तहत सरकारी हाई स्कूल शिक्षक रंजीत सिकदर को गिरफ्तार किया है। 20 अगस्त 2026 की रात नागराकाटा स्थित छोछरिया पेट्रोल पंप के पास उसके किराए के घर पर छापा मारा गया, जहाँ प्रतिबंधित मादक पदार्थ ब्राउन शुगर बनाने की एक अवैध इकाई संचालित होने के आरोप हैं। इस कार्रवाई में धीरज महतो नामक एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कुछ दिन पूर्व जिला पुलिस को रंजीत सिकदर की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी साझा की थी। इसके बाद से जिला पुलिस उस पर निगरानी रख रही थी। ऑपरेशन की गोपनीयता इस हद तक बरती गई कि प्रारंभिक चरण में निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को भी इसकी भनक नहीं लगने दी गई।
बुधवार रात लगभग 10 बजे जिला पुलिस की एक बड़ी टीम ने आरोपी के किराए के घर पर दबिश दी। शुरुआती तलाशी में ₹8.39 लाख नकद और कुछ नकली नोट बरामद हुए, लेकिन ड्रग्स का सीधा प्रमाण नहीं मिला।
स्निफर डॉग की भूमिका और बरामदगी
इसके बाद सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 46वीं बटालियन को सूचित किया गया। SSB अधिकारी अपने प्रशिक्षित स्निफर डॉग के साथ मौके पर पहुँचे। स्निफर डॉग की सहायता से पुलिस को ब्राउन शुगर बनाने का लगभग 67 ग्राम कच्चा माल और ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण मिले। इसके अतिरिक्त, ब्राउन शुगर बनाने में इस्तेमाल होने वाला विशेष सफेद कपड़ा और पैकिंग के लिए प्रयुक्त खास प्लास्टिक भी बरामद किया गया।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, रंजीत सिकदर मूलतः मालदा जिले के बामनगोला का निवासी है और कई वर्षों से नागराकाटा के एक स्थानीय सरकारी हाई स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि वह इलाके में ड्रग्स के कारोबार में पहले से संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार, उसे कुछ वर्ष पूर्व मालदा में ड्रग्स से जुड़े मामलों में जेल भी हो चुकी है।
दूसरे आरोपी धीरज महतो पड़ोसी कूचबिहार जिले के पुंडीबारी इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस को संदेह है कि वे बरामद नकदी से ब्राउन शुगर खरीदने के इरादे से रंजीत सिकदर के घर आए थे।
पुलिस अधीक्षक का बयान
जलपाईगुड़ी की पुलिस अधीक्षक सुजाता कुमारी वीणापानी ने मीडिया को बताया, "हमें अंदरूनी सूत्रों से जानकारी मिली थी। हम जाँच कर रहे हैं कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है या नहीं।" दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजने की अर्जी अदालत में दायर की गई है।
आगे की जाँच
पूरे मामले की जाँच जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में ड्रग तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और STF की सक्रियता भी तेज हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध नेटवर्क की जड़ें कहाँ तक फैली हैं।