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जम्मू-कश्मीर को हक मिलना चाहिए, सदन चलाना सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी: सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी

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जम्मू-कश्मीर को हक मिलना चाहिए, सदन चलाना सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी: सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी

सारांश

सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने संसद सत्र में दो-टूक कहा — जम्मू-कश्मीर को अन्य पहाड़ी राज्यों जैसा हक मिलना चाहिए और सदन की कार्यवाही बाधित होने की जिम्मेदारी सत्ताधारी पक्ष की है। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने राज्य दर्जे के टूटे वादे पर गृह मंत्री से जवाब माँगा।

मुख्य बातें

सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 5 अगस्त 2026 को कहा कि जम्मू-कश्मीर को अन्य पहाड़ी राज्यों की तरह अपनी पहचान का अधिकार मिलना चाहिए।
नदवी ने सदन में हंगामे की जिम्मेदारी सत्ताधारी पार्टी पर डाली; कहा विपक्ष का काम मुद्दे उठाना है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में कश्मीरी उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष दुकानें देने की घोषणा की है।
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे पर जवाब माँगा।
समूचे विपक्ष ने छात्रों और युवाओं के मुद्दों को संसद में उठाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने 5 अगस्त 2026 को संसद सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने, कश्मीरी उत्पादों के प्रचार-प्रसार, सदन में बार-बार होने वाले व्यवधान और एनडीए सरकार के प्रति विपक्ष के रुख पर अपने विचार स्पष्ट रूप से रखे। नदवी ने कहा कि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की प्राथमिक जिम्मेदारी सत्ताधारी पक्ष की होती है।

कश्मीरी उत्पादों और पहचान का मुद्दा

नदवी ने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में आने वाले कश्मीरी लोगों के लिए उनके उत्पादों की बिक्री हेतु विशेष दुकानें उपलब्ध कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'ताकि कश्मीर का जो हुनर है, वह देश में फैले।' आर्टिकल 370 पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय पर संसद में उनकी पार्टी की स्थिति रिकॉर्ड में दर्ज है।

नदवी ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को मणिपुर, गोवा, केरल, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश जैसे अन्य पहाड़ी राज्यों की भाँति अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने का अधिकार मिलना चाहिए। उनके अनुसार यह हक अभी तक जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह नहीं मिला है।

सदन में हंगामे की जिम्मेदारी किसकी?

संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होने के सवाल पर नदवी ने सत्ताधारी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'सदन की कार्यवाही चले, इसकी जिम्मेदारी सत्ताधारी पार्टी की ज्यादा होती है। विपक्ष का काम मुद्दों को उठाना और राह दिखाना होता है। लेकिन इन मुद्दों को सही से लेना और संसद की कार्यवाही को चलाना, सत्ताधारी पार्टी की जिम्मेदारी होती है।'

छात्रों और युवाओं के साथ विपक्ष

सपा सांसद ने कहा कि देश के कई हिस्सों में छात्र और युवा पीढ़ी विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है और सपा समेत समूचा विपक्ष इन मुद्दों को संसद में लगातार उठा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'पूरा विपक्ष छात्रों के साथ है। सदन की कार्यवाही चलनी चाहिए, सभी इसके पक्ष में हैं।'

राजद का केंद्र सरकार पर हमला

इसी विषय पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'उस फैसले का क्या हुआ? केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे से बस बच नहीं सकते। अगर उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था, तो उनसे यह क्यों नहीं पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने वह वादा क्यों तोड़ा?'

आगे क्या होगा

विपक्षी दलों का यह एकजुट दबाव संसद के मौजूदा सत्र में जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे और अनुच्छेद 370 के मुद्दे को केंद्र में बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन में और तीखी बहस का रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह विपक्ष की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे और अनुच्छेद 370 को चुनावी नहीं, बल्कि संवैधानिक मुद्दे के रूप में जीवित रखना चाहती है। सदन की बाधा की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष पर डालना एक पुरानी संसदीय चाल है, लेकिन असली सवाल यह है कि विपक्ष के पास इस मुद्दे पर ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव क्या है। राजद सांसद झा का राज्य दर्जे के वादे पर सीधा सवाल अधिक धारदार है — और सरकार के लिए उत्तर देना कठिन भी।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने जम्मू-कश्मीर पर क्या कहा?
नदवी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को मणिपुर, गोवा, हिमाचल प्रदेश जैसे अन्य पहाड़ी राज्यों की तरह अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 पर संसद में उनकी पार्टी की स्थिति रिकॉर्ड में दर्ज है।
संसद में हंगामे के लिए नदवी ने किसे जिम्मेदार ठहराया?
नदवी ने सत्ताधारी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाना सत्ता पक्ष की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जबकि विपक्ष का काम मुद्दे उठाना और राह दिखाना है।
अखिलेश यादव ने कश्मीरी उत्पादों के लिए क्या घोषणा की?
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में आने वाले कश्मीरी लोगों के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष दुकानें उपलब्ध कराने की घोषणा की है, ताकि कश्मीरी हुनर पूरे देश में पहुँच सके।
राजद सांसद मनोज कुमार झा ने केंद्र सरकार पर क्या सवाल उठाया?
झा ने केंद्र सरकार से पूछा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का जो वादा किया गया था, वह क्यों नहीं पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री इस मुद्दे से बच नहीं सकते।
विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर क्या रुख रखता है?
नदवी ने कहा कि सपा समेत पूरा विपक्ष देशभर में छात्रों और युवाओं की समस्याओं को संसद में लगातार उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने के पक्ष में है।
राष्ट्र प्रेस
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