24 जुलाई 2026
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जम्मू-कश्मीर आतंक मुक्त होने की राह पर: इंद्रेश कुमार, हिंसक घटनाओं को बताया कायरता

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जम्मू-कश्मीर आतंक मुक्त होने की राह पर: इंद्रेश कुमार, हिंसक घटनाओं को बताया कायरता

सारांश

RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने जम्मू में साफ कहा — जम्मू-कश्मीर आतंक मुक्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन छिटपुट हिंसा 'कायरता और शैतानियत' है। पाकिस्तान को लेकर उनकी टिप्पणी तीखी रही — 'आने वाले वर्षों में पाकिस्तान नहीं रहेगा।'

मुख्य बातें

RSS नेता इंद्रेश कुमार ने 24 जुलाई को जम्मू में कहा कि जम्मू-कश्मीर धीरे-धीरे आतंक मुक्त हो रहा है।
हाल ही में एक हेड कॉन्स्टेबल की हत्या सहित हिंसक घटनाओं को उन्होंने 'कायरता और शैतानियत' का प्रतीक बताया।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान विघटन की ओर बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में उसका अस्तित्व नहीं रहेगा।
सोनम वांगचुक के अनशन पर उन्होंने कहा कि लद्दाख के विकास में सहयोग करना चाहिए, विदेशी इशारों पर नहीं चलना चाहिए।
सीजेपी को विदेशी फंडिंग मिलने की रिपोर्टों को उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने 24 जुलाई को जम्मू में कहा कि जम्मू-कश्मीर धीरे-धीरे आतंकवाद के चंगुल से मुक्त हो रहा है और वह दिन दूर नहीं जब यह क्षेत्र पूरी तरह आतंक मुक्त होगा। उन्होंने हाल ही में हुई एक हेड कॉन्स्टेबल की हत्या सहित छिटपुट हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें 'कायरता और शैतानियत का प्रतीक' करार दिया।

मुख्य बयान: हिंसा कायरता की निशानी

इंद्रेश कुमार ने कहा, 'इस तरह की हिंसा कायरता और शैतानियत के लक्षण हैं।' उन्होंने सरकार, सेना और समाज को आतंकवाद में आई गिरावट के लिए बधाई दी, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि छोटी-मोटी हिंसक घटनाएं भी अस्वीकार्य हैं। उनके अनुसार, इन घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों की हरकतें कायरता की श्रेणी में आती हैं और इन्हें रोकना सुरक्षा तंत्र तथा समाज दोनों की साझा ज़िम्मेदारी है।

राष्ट्रवाद और शांति का आह्वान

इंद्रेश कुमार ने कहा कि देश हिंसा से नहीं चलता और शांति तथा विकास का मार्ग हिंसा से नहीं गुज़रता। उन्होंने 'सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा' की भावना को जीवन में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि 'नेशन फर्स्ट' की सोच हावी रहे, तो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को हिंसा मुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों ने देश में भय फैलाने की कोशिश की, लेकिन देश की जनता ने स्पष्ट कर दिया है कि वे न डरे हैं और न डरेंगे।

पाकिस्तान और पीओके पर तीखी टिप्पणी

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के संदर्भ में इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान दिन-प्रतिदिन विघटन की ओर बढ़ रहा है। उनके अनुसार, पाकिस्तान में पाकिस्तानियों पर ही अत्याचार हो रहा है और यह देश अपनी हरकतों की वजह से टूटने की कगार पर है। उन्होंने कहा, '1971 में वह टूट चुका है, अब उसके और भी हिस्से अलग होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।' इंद्रेश कुमार ने यह भी दावा किया कि आने वाले कुछ वर्षों में पाकिस्तान का अस्तित्व नहीं रहेगा।

सोनम वांगचुक के अनशन और सीजेपी पर रुख

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के बारे में पूछे जाने पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार लद्दाख को एक विकसित और शिक्षित क्षेत्र बनाने में जुटी है और सभी को इस प्रयास में सहयोग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतों के इशारे पर नहीं खेलना चाहिए। सीजेपी द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में सामने आ रहा है कि विदेशी ताकतें सीजेपी को फंडिंग कर रही हैं, जो भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरनाक है।

संसद में विपक्ष और 'वंदे मातरम' विवाद

संसद में विपक्ष के रवैये पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक माहौल में नकारात्मकता नहीं आने देनी चाहिए, क्योंकि नकारात्मकता से देश और पार्टियों दोनों का नुकसान होता है। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' बोलने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए और इस पर बहस की कोई ज़रूरत नहीं है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब संसद सत्र में कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि सुरक्षाबलों पर हमले अभी भी जारी हैं। पाकिस्तान के 'टूटने' जैसी भविष्यवाणियाँ RSS के पुराने बयानों की पुनरावृत्ति हैं — इनका कूटनीतिक या नीतिगत आधार स्पष्ट नहीं है। सीजेपी और विदेशी फंडिंग पर टिप्पणी मुख्यधारा की बहस को एक खास दिशा में मोड़ने की कोशिश जान पड़ती है, जो असली सुरक्षा चुनौतियों से ध्यान हटा सकती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रेश कुमार ने जम्मू-कश्मीर में हिंसक घटनाओं पर क्या कहा?
RSS नेता इंद्रेश कुमार ने 24 जुलाई को जम्मू में कहा कि जम्मू-कश्मीर में हो रही छोटी-मोटी हिंसक घटनाएं 'कायरता और शैतानियत' के लक्षण हैं। उन्होंने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें रोकने की ज़िम्मेदारी सुरक्षा तंत्र और समाज दोनों पर डाली।
क्या जम्मू-कश्मीर वाकई आतंक मुक्त हो रहा है?
इंद्रेश कुमार के अनुसार, बड़े परिवर्तनों के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं में गिरावट आई है और यह क्षेत्र धीरे-धीरे आतंक से मुक्त हो रहा है। हालाँकि, उन्होंने स्वीकार किया कि छिटपुट हिंसक घटनाएं अभी भी जारी हैं, जो एक चुनौती बनी हुई हैं।
इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और पीओके पर क्या कहा?
इंद्रेश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान अपनी हरकतों की वजह से विघटन की ओर बढ़ रहा है और आने वाले कुछ वर्षों में पाकिस्तान का अस्तित्व नहीं रहेगा। उन्होंने 1971 के विभाजन का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान के और भी हिस्से अलग होने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक के अनशन पर RSS नेता का क्या रुख है?
इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत सरकार लद्दाख को विकसित और शिक्षित क्षेत्र बनाने में लगी है और सभी को इसमें सहयोग देना चाहिए। उन्होंने विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने के विरुद्ध आगाह किया।
इंद्रेश कुमार ने संसद में विपक्ष पर क्या कहा?
RSS नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक माहौल में नकारात्मकता नहीं आने देनी चाहिए और विपक्ष को भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नकारात्मकता से देश और पार्टियों दोनों का नुकसान होता है।
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