16 जुलाई 2026
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जमशेदपुर: ₹100 करोड़ के फर्जी GST बिलिंग मामले में स्क्रैप कारोबारी गिरफ्तार, DGGI ने अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जांच तेज की

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जमशेदपुर: ₹100 करोड़ के फर्जी GST बिलिंग मामले में स्क्रैप कारोबारी गिरफ्तार, DGGI ने अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जांच तेज की

सारांश

DGGI ने जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी अजय शर्मा को ₹100 करोड़ के कथित फर्जी GST बिलिंग नेटवर्क में गिरफ्तार किया। 'गणेश ट्रेडिंग' और 'कांतिक ट्रेडिंग' जैसी फर्जी फर्मों के जरिए ITC का अवैध लाभ उठाने का आरोप है। झारखंड में फैले अंतरराज्यीय सिंडिकेट की जांच अब और गहरी होती जा रही है।

मुख्य बातें

DGGI ने 16 जुलाई को जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी अजय शर्मा को ₹100 करोड़ के कथित फर्जी GST बिलिंग मामले में गिरफ्तार किया।
आरोपी पर 'गणेश ट्रेडिंग' और 'कांतिक ट्रेडिंग' सहित कई फर्जी फर्मों के नाम पर कागजी लेन-देन दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ लेने का आरोप है।
DGGI संयुक्त निदेशक अभिनव कुमार के नेतृत्व में बारीडीह, जमशेदपुर में छापेमारी कर मोबाइल, लैपटॉप व डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए।
जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी के संबंध पहले से हिरासत में बंद कथित GST फर्जीवाड़ा आरोपियों से हो सकते हैं; एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
जब्त डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच जारी; अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) ने 16 जुलाई को जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी अजय शर्मा को कथित तौर पर ₹100 करोड़ के फर्जी GST बिलिंग नेटवर्क में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी फर्जी कंपनियों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट से जुड़ा बताया जा रहा है।

छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

DGGI के संयुक्त निदेशक अभिनव कुमार के नेतृत्व में एजेंसी की टीम ने जमशेदपुर के बारीडीह इलाके में आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप और अनेक डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए। विस्तृत पूछताछ के बाद अजय शर्मा को बुधवार देर शाम गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

फर्जी फर्मों का कथित जाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अजय शर्मा पर आरोप है कि वह 'गणेश ट्रेडिंग' और 'कांतिक ट्रेडिंग' सहित कई फर्जी फर्मों के नाम पर केवल कागजी लेन-देन दर्शाकर ITC का अवैध फायदा उठा रहा था। एजेंसी के अनुसार, इस कथित नेटवर्क के जरिए लगभग ₹100 करोड़ की फर्जी बिलिंग की गई। गौरतलब है कि जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी के संबंध उन कारोबारियों से हो सकते हैं जो पहले से कथित GST फर्जीवाड़े के मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं, हालांकि DGGI ने इस बारे में अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सरकारी खजाने को नुकसान की जांच

एजेंसी अब यह निर्धारित करने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े से सरकारी राजस्व को वास्तविक रूप से कितना नुकसान पहुँचा और इसमें किन-किन कंपनियों एवं कारोबारियों की भूमिका रही। जब्त किए गए डिजिटल डेटा और वित्तीय दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान भी हो सकती है।

झारखंड में व्यापक अभियान का हिस्सा

यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत DGGI पिछले कई महीनों से झारखंड और अन्य राज्यों में फैले कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क की जांच कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार GST चोरी पर नकेल कसने के लिए देशभर में प्रवर्तन कार्रवाइयाँ तेज कर रही है। एजेंसी के अनुसार, वित्तीय लेन-देन, फर्जी कंपनियों और कथित लाभार्थियों की कड़ियों को खंगाला जा रहा है और जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि सिंडिकेट हिरासत के बावजूद सक्रिय रहा। असली सवाल यह है कि ₹100 करोड़ की फर्जी बिलिंग में से वास्तविक राजस्व नुकसान कितना है — एक आँकड़ा जो अभी तक सामने नहीं आया। फोरेंसिक जांच का दायरा और अंतरराज्यीय कड़ियों की पहचान ही तय करेगी कि यह कार्रवाई महज एक गिरफ्तारी बनकर रहती है या पूरे नेटवर्क को उखाड़ने में सफल होती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेदपुर में GST फर्जीवाड़े के मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
DGGI ने जमशेदपुर के स्क्रैप कारोबारी अजय शर्मा को गिरफ्तार किया है। उन पर 'गणेश ट्रेडिंग' और 'कांतिक ट्रेडिंग' जैसी फर्जी फर्मों के माध्यम से ₹100 करोड़ की कथित फर्जी बिलिंग कर ITC का अवैध लाभ उठाने का आरोप है।
DGGI ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
DGGI के संयुक्त निदेशक अभिनव कुमार के नेतृत्व में टीम ने जमशेदपुर के बारीडीह इलाके में छापेमारी की और मोबाइल फोन, लैपटॉप व डिजिटल दस्तावेज जब्त किए। पूछताछ के बाद अजय शर्मा को बुधवार देर शाम न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) फर्जीवाड़ा क्या होता है?
ITC फर्जीवाड़े में कारोबारी फर्जी कंपनियों के नाम पर काल्पनिक खरीद-बिक्री के दस्तावेज बनाकर GST रिटर्न में टैक्स क्रेडिट का दावा करते हैं, जबकि वास्तव में कोई लेन-देन नहीं होता। इससे सरकारी राजस्व को सीधा नुकसान होता है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
अधिकारियों के अनुसार, जब्त डिजिटल डेटा की फोरेंसिक जांच जारी है और जांच आगे बढ़ने पर अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान हो सकती है। आरोपी के पहले से हिरासत में बंद कारोबारियों से संबंध होने के संकेत भी जांच का हिस्सा हैं।
DGGI झारखंड में GST फर्जीवाड़े की जांच कब से कर रही है?
DGGI पिछले कई महीनों से झारखंड और अन्य राज्यों में फैले कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क की जांच कर रही है। जमशेदपुर में यह गिरफ्तारी उसी व्यापक अभियान की एक कड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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