जमुई छात्रा बदसलूकी: पटना में राजद महिला विंग का विरोध मार्च, CM से इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जमुई में एक छात्रा के साथ हुई कथित बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटना को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की महिला कार्यकर्ताओं ने राजधानी पटना में विरोध प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की माँग करते हुए मामले में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
विरोध मार्च और मुख्य घटनाक्रम
राजद महिला प्रकोष्ठ की ओर से पार्टी कार्यालय से आयकर गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाएँ और बेटियाँ न घर में सुरक्षित हैं और न स्कूल में।
प्रदर्शनकारियों ने जमुई मामले के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले का स्पीडी ट्रायल कराने की माँग की। उनका कहना था कि जमुई की घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
राजद नेता का सरकार पर तीखा हमला
राजद के विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि यह सरकार खोखली साबित हो रही है।
सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ घटनाएँ लगातार हो रही हैं और सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी आवाज उठाते हैं, उन पर भी कार्रवाई का खतरा मँडराता रहता है।
सरकार और प्रशासन का रुख
पुलिस और प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि जाँच जारी है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदर्शन के दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने 'हाफ नहीं, फुल एनकाउंटर' जैसी माँगें भी उठाईं, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई विधिसम्मत ढँग से होगी।
राजद की माँगें
राजद ने कहा कि जमुई की घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। पार्टी ने माँग की कि मामले की निष्पक्ष जाँच कर दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल के जरिए शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता को लेकर लगातार निशाना साध रहे हैं। जमुई मामले पर विधानसभा के भीतर और बाहर राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है।