जमुई घटना पर कांग्रेस का पटना में प्रदर्शन, CM सम्राट चौधरी का पुतला दहन, 8 सदस्यीय जांच समिति गठित
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जमुई में एक स्कूली छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को राज्य सरकार के विरुद्ध जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पटना के कारगिल चौक पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया और घटना पर जवाबदेही तय करने की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिट्टू यादव के नेतृत्व में कारगिल चौक, पटना पर मुख्यमंत्री का पुतला फूँका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके अलावा, पटना महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से भी इसी घटना के विरोध में पुतला दहन किया गया। पार्टी ने स्पष्ट कहा कि महिला सुरक्षा के मुद्दे पर वह चुप नहीं बैठेगी।
बिट्टू यादव का बयान — मुख्यमंत्री पर सवाल
प्रदर्शन के दौरान बिट्टू यादव ने मुख्यमंत्री के एक पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर उन्होंने कहा था कि यदि किसी महिला को कोई छू भी दे, तो वह सुबह इस्तीफा दे देंगे। यादव ने कहा, 'अब जनता पूछ रही है कि वह सुबह कब आएगी और मुख्यमंत्री कब इस्तीफा देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि केवल आरोपियों की गिरफ्तारी को उपलब्धि बताकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।
आठ सदस्यीय जांच समिति गठित
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम के निर्देश पर घटना की स्थलीय जांच के लिए आठ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। समिति में मिन्नत रहमानी, पंकज यादव, डॉ. कुमारी अनिता, डॉ. गौरव सिंह, जीतेंद्र नाथ पटेल, पूनम यादव, सूरज यादव और मेनका कुमारी को शामिल किया गया है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि यह समिति 23 सितंबर 2026 को जमुई पहुँचकर पीड़िता के परिजनों से मुलाकात करेगी और घटना से जुड़े तथ्यों की विस्तृत जानकारी लेगी।
समिति का कार्यक्षेत्र
समिति पीड़िता और उसके परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल करने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी मुलाकात करेगी। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की माँग समिति की प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थलीय जांच के बाद समिति अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपेगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस ने प्रशासन से पीड़िता को न्याय दिलाने और मामले में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की है। गौरतलब है कि जमुई से आई यह रिपोर्ट राज्य में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर राजनीतिक बहस को और तीव्र कर सकती है।