21 सितंबर 2026
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बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त: राजद सांसद सुधाकर सिंह का नीतीश सरकार पर हमला, जमुई घटना पर उठाए सवाल

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बिहार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त: राजद सांसद सुधाकर सिंह का नीतीश सरकार पर हमला, जमुई घटना पर उठाए सवाल

सारांश

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार में रोज़ाना हो रहे दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों का हवाला देते हुए नीतीश सरकार पर निशाना साधा और पुलिस व शराब माफिया की मिलीभगत का आरोप लगाया। साथ ही दिल्ली के एसआईआर अभियान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता होने की जानकारी देते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।

मुख्य बातें

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने 21 सितंबर 2026 को बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने का आरोप लगाया।
जमुई में युवती से छेड़छाड़ की घटना को अकेली नहीं बल्कि पूरे राज्य में फैले अपराध का हिस्सा बताया।
सिंह ने पुलिस और शराब माफिया के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।
वे दिल्ली एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता हैं; चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता जताई।
बाबा रामदेव के गृहयुद्ध वाले बयान को संदर्भहीन बताया; बाबा बागेश्वर को 'नए जमाने के बाबा' कहा।
CM योगी आदित्यनाथ पर मठाधीश और मुख्यमंत्री की दोहरी भूमिका को लेकर सवाल उठाए।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने 21 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने जमुई में युवती से छेड़छाड़ की घटना का हवाला देते हुए कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में इस तरह के अपराध लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने बाबा रामदेव के गृहयुद्ध संबंधी बयान, बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा और दिल्ली में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान पर भी अपनी राय रखी।

जमुई घटना और बिहार की कानून-व्यवस्था

बिहार के जमुई में युवती से छेड़छाड़ की घटना पर सुधाकर सिंह ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हत्या, लूटपाट, दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी वारदातें रोज़ाना की बात बन चुकी हैं। उनके अनुसार, राज्य के अलग-अलग जिलों से लगातार ऐसी खबरें आती हैं और कई मामले तो इसलिए सामने नहीं आ पाते क्योंकि उनका वीडियो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध नहीं होता।

सांसद सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस और शराब माफिया के बीच मिलीभगत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कानून-व्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

बाबा रामदेव के गृहयुद्ध वाले बयान पर प्रतिक्रिया

बाबा रामदेव द्वारा देश में गृहयुद्ध जैसे हालात बताने वाले बयान पर सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव कोई राजनेता नहीं हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने किस संदर्भ में यह बात कही। उन्होंने कहा, 'देश में संविधान के दायरे में रहकर जो कार्य संभव हैं, वे किए जा रहे हैं — यदि मुद्दा सामाजिक न्याय से जुड़ा है, तो उसमें गृहयुद्ध की बात कहाँ से आती है, यह समझ से परे है।'

बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा पर टिप्पणी

बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा के बारे में पूछे जाने पर सुधाकर सिंह ने कहा कि देश में इस तरह के अनेक बाबा हैं जिनका अधिकांश समय धार्मिक आयोजनों और यात्राओं में बीतता है। उन्होंने इन्हें 'नए जमाने के बाबा' बताया जो सोशल मीडिया और रील्स के ज़रिए लोकप्रियता हासिल करते हैं। उनके अनुसार, हेलीकॉप्टर, विमान और रथ से यात्रा करने वाले ऐसे बाबाओं के समाज सेवा के दावों पर सवाल उठता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर वे आमतौर पर ऐसे बाबाओं पर बयान देने से बचते हैं।

एसआईआर अभियान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर चिंता

दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने पर सुधाकर सिंह ने कहा कि वे स्वयं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इसी तरह अलग-अलग लोगों को नोटिस भेजे जाते रहे तो चुनावी व्यवस्था की प्रासंगिकता पर ही सवाल खड़ा हो जाएगा। न्यायपालिका से जुड़े लोगों के नाम भी नोटिस सूची में आने की बात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखना अनिवार्य है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि गोरखपुर मठ के मठाधीश और मुख्यमंत्री की दोहरी भूमिका पर विचार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग स्वयं सनातन परंपराओं का पालन नहीं करते, उन्हें दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए।

आगे क्या

सुधाकर सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू होने को हैं और विपक्ष कानून-व्यवस्था को एक प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश में है। गौरतलब है कि राजद लगातार राज्य सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफलता का आरोप लगाती रही है। एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का परिणाम भी आगे की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर उनकी जाँच के लिए कोई स्वतंत्र तंत्र आज भी नहीं है — यही असली खामी है जिसे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सुविधानुसार नज़रअंदाज़ करते हैं। एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका राजनीतिक भी है, पर सवाल वैध है: मतदाता सूची की पवित्रता और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर बढ़ती बहस को केवल अदालत पर नहीं छोड़ा जा सकता।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधाकर सिंह ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर क्या कहा?
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में हत्या, लूटपाट, दुष्कर्म और छेड़छाड़ की घटनाएँ रोज़ाना हो रही हैं और राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची। उन्होंने पुलिस और शराब माफिया की मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
जमुई छेड़छाड़ घटना क्या है और इस पर सुधाकर सिंह का क्या कहना है?
बिहार के जमुई जिले में एक युवती से छेड़छाड़ की घटना सामने आई है। सुधाकर सिंह ने इसे अकेली घटना नहीं बताते हुए कहा कि पूरे राज्य में ऐसी अनेक घटनाएँ होती हैं जो साक्ष्य के अभाव में सार्वजनिक नहीं हो पातीं।
दिल्ली एसआईआर अभियान क्या है और सुधाकर सिंह इससे कैसे जुड़े हैं?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) दिल्ली में मतदाता सूची की जाँच का अभियान है जिसके तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित बड़ी संख्या में मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। सुधाकर सिंह ने बताया कि वे स्वयं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता हैं और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है।
बाबा रामदेव के गृहयुद्ध वाले बयान पर सुधाकर सिंह का क्या रुख है?
सुधाकर सिंह ने कहा कि बाबा रामदेव कोई राजनेता नहीं हैं और उन्हें यह पता नहीं कि किस संदर्भ में यह बयान दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में संविधान के दायरे में काम हो रहा है तो गृहयुद्ध की बात कहाँ से आती है।
सुधाकर सिंह ने बाबा बागेश्वर की रथ यात्रा पर क्या टिप्पणी की?
सुधाकर सिंह ने बाबा बागेश्वर को 'नए जमाने के बाबा' बताया जो सोशल मीडिया और रील्स से लोकप्रियता हासिल करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हेलीकॉप्टर, विमान और रथ से यात्रा करने वाले ऐसे बाबाओं ने समाज के लिए ठोस रूप से क्या किया है।
राष्ट्र प्रेस
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