क्या राजद जल्द बागियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?

Click to start listening
क्या राजद जल्द बागियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?

सारांश

क्या राजद अपने बागियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रही है? जानें सुधाकर सिंह के बयान और पार्टी की समीक्षा प्रक्रिया के बारे में। क्या बिहार में बेईमानी की गई है? इस महत्वपूर्ण समाचार का पूरा विवरण जानें।

Key Takeaways

  • राजद बागियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
  • सुधाकर सिंह ने पार्टी की समीक्षा प्रक्रिया की जानकारी दी।
  • बिहार में बेईमानी पर सवाल उठाए गए हैं।
  • तेजस्वी यादव का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • भविष्य में चुनावी प्रक्रियाओं में सुधार की आवश्यकता है।

पटना, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) बागियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई कर सकती है। पार्टी के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा है कि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं की समीक्षा की गई है और रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी गई है। एक-दो दिनों में निर्णय लिया जाएगा और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सुधाकर सिंह ने कहा, "चुनाव के दौरान कई लोग बागी होकर चुनाव लड़े और कुछ ने पार्टी के खिलाफ भी काम किया, जिसकी पार्टी ने समीक्षा की है। लंबे समय तक चली समीक्षा के बाद तैयार की गई रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष को सौंप दी गई है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जो भी आवश्यक निर्णय होगा, वह एक-दो दिनों में बताया जाएगा।"

इसी दौरान, सुधाकर सिंह ने तेजस्वी यादव के बयान 'बिहार में लोक हारा है और तंत्र जीता है' का समर्थन करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनमानस मान रहा है कि बिहार में बेईमानी हुई है। आने वाले समय में इस बेईमानी को समाप्त किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "बिहार में लोक हारा है और तंत्र जीता है' पर सुधाकर सिंह ने कहा, "मतदाता सूची में सुधार के नाम पर लाखों मतदाताओं का नाम काट दिया गया। चुनाव के दौरान मतदाता अपने खाते में सरकार से नगद पैसे प्राप्त कर रहे थे। इस तरह के चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकते। इसमें तंत्र की भूमिका की समीक्षा होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।"

सुधाकर सिंह ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कांग्रेस से इस्तीफा देने पर कहा, "नसीमुद्दीन सिद्दीकी पहले बहुजन समाज पार्टी के नेता थे, जो बाद में कांग्रेस में आए। स्वाभाविक है कि कोई नेता जब किसी और दल से आता है, तो उसे पार्टी सिस्टम को समझने में समय लगता है। लेकिन किसी भी राजनीतिक दल के निर्णय लेने की परिस्थितियों को उसका शीर्ष नेतृत्व ही बता सकता है।"

Point of View

पार्टी के भीतर के असंतोष को दर्शाती है। यह कदम बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है, जिससे आगामी चुनावों में असर पड़ने की संभावना है। इस स्थिति में पार्टी की एकजुटता और नेतृत्व की भूमिका को समझना जरूरी है।
NationPress
07/02/2026

Frequently Asked Questions

राजद बागियों के खिलाफ कब कार्रवाई करेगी?
सुधाकर सिंह के अनुसार, एक-दो दिनों में निर्णय लिया जाएगा और जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
सुधाकर सिंह ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि पार्टी के विरुद्ध काम करने वाले नेताओं की समीक्षा की गई है और रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंप दी गई है।
तेजस्वी यादव के बयान का क्या महत्व है?
तेजस्वी यादव का बयान बिहार में चुनावी बेईमानी के मुद्दे को उठाता है, जिसे सुधाकर सिंह ने समर्थन किया।
Nation Press