25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या उत्तराखंड की मंत्री के पति के बयान पर राजद का विरोध प्रदर्शन हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या उत्तराखंड की मंत्री के पति के बयान पर राजद का विरोध प्रदर्शन हुआ?

सारांश

उत्तराखंड की मंत्री के पति के विवादास्पद बयान के खिलाफ राजद ने पटना में विशाल मार्च निकाला। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए यह प्रदर्शन व्यापक समर्थन के साथ आयोजित किया गया। क्या भाजपा इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई करेगी?

मुख्य बातें

महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजद ने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से आवाज उठाई।
भाजपा को कार्रवाई करनी चाहिए।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान महत्वपूर्ण हैं।
सार्वजनिक जीवन में संवेदनशीलता की आवश्यकता है।

पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा महिलाओं के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ राजद की महिला कार्यकर्ताएं सड़कों पर उतरीं।

बिहार प्रदेश राजद महिला प्रकोष्ठ ने शनिवार को गिरधारी लाल साहू के बयान के विरोध में पटना में एक विरोध प्रदर्शन मार्च आयोजित किया। यह मार्च राजद प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर वीर चंद पटेल पथ से होते हुए आयकर गोलंबर तक गया, जहाँ पुतला जलाया गया।

इस प्रदर्शन में 'महिलाओं का अपमान सहन नहीं करेंगे बिहार' जैसे नारे लगाए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनिता भारती ने कहा कि भाजपा को तुरंत ऐसे नेताओं को अपने दल से बाहर करना चाहिए जो बिहार की महिलाओं का अपमान करते हैं।

उन्होंने यह भी सवाल किया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन इस मामले पर चुप क्यों हैं? क्या भाजपा को बिहार की महिलाओं के सम्मान की कोई चिंता नहीं है?

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता ने जानबूझकर बिहार की महिलाओं का अपमान किया है। गिरधारी लाल साहू पर भाजपा को कार्रवाई करनी चाहिए और उनकी मंत्री पत्नी को उत्तराखंड सरकार से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।

मार्च से पहले राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह का विरोध प्रदर्शन भाजपा को एक चेतावनी के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार अब तक चुप क्यों हैं?

उन्होंने कहा कि इस तरह की अमर्यादित भाषा बोलने वालों के खिलाफ यह आंदोलन की शुरुआत भर है, क्योंकि बिहार की महिलाएं इस अपमान को सहन नहीं कर सकतीं। इस मौके पर राजद की प्रवक्ता सारिका पासवान, प्रदेश महासचिव मुकुंद सिंह, आभा लता यादव, गीता यादव, सुनीता कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

— राष्ट्र प्रेस

एमएनपी/एएमटी

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह समाज में एक नकारात्मक संदेश भेजता है। राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरधारी लाल साहू ने क्या कहा था?
गिरधारी लाल साहू ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे बिहार की महिलाओं में आक्रोश फैल गया।
राजद ने किस प्रकार का विरोध प्रदर्शन किया?
राजद की महिला कार्यकर्ताओं ने पटना में एक मार्च निकाला और गिरधारी लाल साहू का पुतला जलाया।
इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना और गिरधारी लाल साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना था।
क्या भाजपा इस मुद्दे पर कुछ करेगी?
यह देखना होगा कि भाजपा इस मुद्दे पर कब और क्या कार्रवाई करती है।
क्या यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह प्रदर्शन महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले