17 जुलाई 2026
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जनगणना-2027: नोएडा में लापरवाही पर सख्त एक्शन, 2 कर्मचारी निलंबित, 5 संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त

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जनगणना-2027: नोएडा में लापरवाही पर सख्त एक्शन, 2 कर्मचारी निलंबित, 5 संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त

सारांश

जनगणना-2027 में नोएडा की रफ्तार सुस्त पड़ी तो प्रशासन ने चाबुक चलाया। 2,284 में से 1,096 एचएलबी पर काम ही शुरू नहीं हुआ था — अब 2 कर्मचारी निलंबित, 5 की सेवाएं समाप्त और जनगणना अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई भी शुरू।

मुख्य बातें

नोएडा में जनगणना-2027 कार्य में लापरवाही पर 1 जून 2026 को सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू।
नियमित कर्मचारी श्वेता तलवार और पिंकी मावी निलंबित; संविदाकर्मी नीरज, ईश्वर तवर, महबूब अली, राजेश शर्मा और धर्मेंद्र सिंह की सेवाएं समाप्त।
कुल 2,284 एचएलबी में से 1,096 पर अभी तक काम शुरू नहीं; केवल 52% एचएलबी लाइव।
जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 5 व 11 के तहत विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ।
अन्य विभागों के लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे जा रहे हैं।

नोएडा प्रशासन ने जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध 1 जून 2026 को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। प्राधिकरण की दो नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, जबकि पाँच संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में प्रगति काफी धीमी पाई गई।

जनगणना कार्य की मौजूदा स्थिति

जनगणना-2027 के अंतर्गत नोएडा में कुल 2,284 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) में कार्य किया जाना है। समीक्षा में सामने आया कि अब तक केवल 1,172 एचएलबी पर कार्य प्रगतिरत है और मात्र 16 एचएलबी का कार्य पूर्ण हो सका है। वहीं 1,096 एचएलबी ऐसे हैं जहाँ अभी तक काम शुरू भी नहीं हुआ है। इस प्रकार कुल एचएलबी में से केवल 52 प्रतिशत ही लाइव हो सके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है।

किन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई

लापरवाही के आरोप में प्राधिकरण की नियमित कर्मचारी श्वेता तलवार और पिंकी मावी को निलंबित किया गया है। इसके अतिरिक्त संविदा पर कार्यरत नीरज, ईश्वर तवर, महबूब अली, राजेश शर्मा और धर्मेंद्र सिंह की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ कर्मचारी जनगणना ड्यूटी से बचने, ड्यूटी कटवाने अथवा बदलवाने के प्रयास कर रहे थे, जिससे अभियान की गति प्रभावित हुई।

कानूनी कार्रवाई का भी रास्ता खुला

प्रशासन ने केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 5 एवं धारा 11 के तहत विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। गौरतलब है कि यह अधिनियम जनगणना कार्य में बाधा डालने या उससे बचने को दंडनीय अपराध मानता है।

अन्य विभागों को भी चेतावनी

अन्य विभागों के ऐसे कर्मचारी जिन्होंने अब तक जनगणना कार्य प्रारंभ नहीं किया है, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उदासीनता बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा — संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी और नियमित कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा।

आगे क्या होगा

प्रशासन ने सभी नियुक्त कर्मचारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय दायित्व है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। यह कार्रवाई देशभर में जनगणना अभियान की समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रोत्साहन और कार्यभार के समुचित वितरण की भी ज़रूरत है। जनगणना अधिनियम-1948 की धाराओं का प्रयोग एक असामान्य कदम है, जो बताता है कि प्रशासन इस बार वाकई सख्त रुख अपना रहा है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह दबाव वास्तविक प्रगति में तब्दील होता है या केवल कागज़ी अनुपालन तक सिमट जाता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा में जनगणना-2027 के कार्य में क्या लापरवाही पाई गई?
समीक्षा में पाया गया कि 2,284 एचएलबी में से 1,096 पर अभी तक काम शुरू नहीं हुआ और केवल 16 एचएलबी का कार्य पूर्ण हो सका है। कुल 52% एचएलबी ही लाइव हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से काफी कम है।
किन कर्मचारियों को निलंबित किया गया और किनकी सेवाएं समाप्त हुईं?
नियमित कर्मचारी श्वेता तलवार और पिंकी मावी को निलंबित किया गया है। संविदाकर्मी नीरज, ईश्वर तवर, महबूब अली, राजेश शर्मा और धर्मेंद्र सिंह की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 5 और 11 क्या कहती हैं?
जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 5 और 11 के तहत जनगणना कार्य में बाधा डालना या उससे जानबूझकर बचना दंडनीय अपराध माना जाता है। नोएडा प्रशासन ने इन्हीं धाराओं के तहत संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
क्या अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी?
हाँ, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में उदासीनता बरतने वाले अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। अन्य विभागों के लापरवाह कर्मचारियों के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे जा रहे हैं।
जनगणना-2027 का कार्य समय पर पूरा होगा?
प्रशासन ने सभी नियुक्त कर्मचारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने की अपील की है। हालाँकि मौजूदा प्रगति — 52% एचएलबी लाइव और 1,096 पर काम शुरू नहीं — को देखते हुए समयबद्ध पूर्णता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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