जंगीपुर में केंद्रीय विद्यालय की मांग: सांसद खलीलुर रहमान ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लिखा पत्र
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के जंगीपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद खलीलुर रहमान ने 10 अगस्त 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर जंगीपुर उपमंडल में केंद्रीय विद्यालय (KV) की स्थापना की मांग एक बार फिर दोहराई है। सांसद का कहना है कि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण CBSE शिक्षा की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह विद्यालय जल्द से जल्द खोला जाना चाहिए।
पहले भी लिखा था पत्र, नहीं हुई कार्रवाई
सांसद रहमान ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने इससे पहले 17 जून 2026 को भी शिक्षा मंत्रालय को इसी विषय पर पत्र भेजा था, परंतु अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण उन्होंने शिक्षा मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप करते हुए शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया है।
जंगीपुर की स्थिति और शैक्षिक जरूरत
जंगीपुर उपमंडल शीघ्र ही एक नए जिले के रूप में उन्नत होने की कगार पर है और यहाँ की जनसंख्या निरंतर बढ़ रही है। इसके बावजूद पूरे क्षेत्र में एक भी केंद्रीय विद्यालय मौजूद नहीं है। वर्तमान में जंगीपुर के छात्रों और उनके अभिभावकों को CBSE शिक्षा के लिए बहरामपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय पर निर्भर रहना पड़ता है, जो लगभग 100 किलोमीटर दूर है।
सांसद के अनुसार इतनी लंबी दूरी तय करना छात्रों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत कठिन और आर्थिक रूप से बोझिल है। यह ऐसे समय में और भी गंभीर हो जाता है जब क्षेत्र जिला दर्जे की ओर अग्रसर है।
केंद्रीय विद्यालय से होने वाले लाभ
सांसद रहमान ने पत्र में रेखांकित किया कि जंगीपुर में केंद्रीय विद्यालय खुलने से स्थानीय छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण CBSE शिक्षा सुलभ होगी, बल्कि लंबी यात्रा की परेशानी से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा केंद्र सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों और अन्य सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
गौरतलब है कि केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से क्षेत्र की शैक्षिक अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी और आगामी जिले के रूप में उभर रहे जंगीपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी।
सांसद की अपील और आगे की राह
सांसद खलीलुर रहमान ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से आग्रह किया है कि वे इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जंगीपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को शीघ्र मंजूरी प्रदान करें। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार क्षेत्र के छात्रों के हित में सकारात्मक निर्णय लेगी। अब देखना यह होगा कि शिक्षा मंत्रालय इस दूसरी अपील पर कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है।