मराठा आरक्षण: जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल के पाँचवें दिन महाराष्ट्र सरकार ने सौंपा ड्राफ्ट प्रस्ताव
सारांश
मुख्य बातें
मराठा आरक्षण और कुनबी जाति प्रमाण पत्र की माँग को लेकर छत्रपति संभाजीनगर में आंदोलनरत एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 2 सितंबर को अपने पाँचवें दिन में प्रवेश कर गई। महाराष्ट्र सरकार ने इस बीच अपना रुख स्पष्ट करते हुए माँगों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों का ब्यौरा सार्वजनिक किया और जरांगे पाटिल से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की।
सरकार का ड्राफ्ट प्रस्ताव और जिला कलेक्टर की मुलाकात
एक संयुक्त प्रेस वार्ता में कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील और उदय सामंत ने बताया कि जालना के जिला कलेक्टर ने व्यक्तिगत रूप से जरांगे पाटिल से मुलाकात की और उन्हें कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित सरकार का ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपा। जिला कलेक्टर ने एक्टिविस्ट को एक पेन ड्राइव भी सौंपी, जिसमें 58 लाख एंट्रीज का रिकॉर्ड संग्रहीत है। प्रशासन अब जरांगे पाटिल की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में है।
विशेष कैंप और प्रमाण पत्र वितरण की प्रक्रिया
मंत्रियों ने घोषणा की कि आवेदनों पर कार्रवाई करने और कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 10 सितंबर से 17 सितंबर तक सभी प्रशासनिक क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। हैदराबाद गजट फ्रेमवर्क के तहत अब तक 3,500 से अधिक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की निगरानी करेगा और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित करेगा।
प्रशासनिक अनुरोधों को सुव्यवस्थित करने के लिए एक समर्पित मराठा सेल गठित किया गया है, जो पहले ही 2.5 लाख आवेदनों पर कार्रवाई कर चुका है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए राज्य सरकार पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा था।
पुलिस मामले और परिवारों को सहायता
मंत्रियों के अनुसार, सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज 90 प्रतिशत पुलिस मामले वापस ले लिए हैं और अब केवल 118 मामले कानूनी समाधान के लिए लंबित हैं। आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को वित्तीय सहायता और रोज़गार के लिए 222 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 33 लोग सरकारी सेवा में शामिल हो चुके हैं, 85 आवेदनों पर सक्रिय रूप से कार्रवाई जारी है। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (MIDC) रोज़गार योजना के तहत 40 दावों के समाधान के लिए छत्रपति संभाजीनगर में एक विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा।
छात्रों के लिए शैक्षिक सुविधाएँ और हॉस्टल विस्तार
मराठा छात्रों को ओबीसी छात्रों के समकक्ष लाभ दिए जा रहे हैं। यदि किसी छात्र का कुनबी प्रमाण पत्र आवेदन अस्वीकृत होता है, तो उनकी शिक्षा शुल्क का वहन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) योजना के अंतर्गत किया जाएगा। सारथी संगठन ने आठ हॉस्टल बनाए हैं, जिनमें से प्रत्येक में 1,000 छात्रों के रहने की क्षमता है, और तालुका स्तर तक हॉस्टल निर्माण के विस्तार की योजना तैयार की जा रही है।
सतारा गजट पर कानूनी सतर्कता
राज्य सरकार ने सतारा गजट के संबंध में एडवोकेट जनरल से कानूनी राय माँगी है। मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पूरी कानूनी सावधानी बरती जाएगी ताकि सतारा गजट को लागू करने से न्यायालय में चल रहे मामलों में हैदराबाद गजट की स्थिति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। आने वाले दिनों में जरांगे पाटिल की प्रतिक्रिया और सरकार के अगले कदम इस आंदोलन की दिशा तय करेंगे।