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नेहरू की पुण्यतिथि पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि: कमलनाथ, नीतीश, BJP सभी ने किया याद

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नेहरू की पुण्यतिथि पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि: कमलनाथ, नीतीश, BJP सभी ने किया याद

सारांश

नेहरू की पुण्यतिथि पर इस बार श्रद्धांजलि सिर्फ विपक्ष तक सीमित नहीं रही — अरुणाचल प्रदेश भाजपा सहित सत्तापक्ष ने भी नमन किया। राजनीतिक विभाजन के बावजूद यह सर्वदलीय सम्मान नेहरू की संस्थागत विरासत की स्थायी स्वीकार्यता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

27 मई को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर सर्वदलीय श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर नेहरू को लोकतंत्र की आधारशिला रखने वाला बताया।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नेहरू का कथन उद्धृत किया: 'दीवार के चित्र बदलने से इतिहास के तथ्य नहीं बदलते।' बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और RJD नेता रोहिणी आचार्य ने भी श्रद्धांजलि दी।
अरुणाचल प्रदेश भाजपा ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर नेहरू को 'भारत रत्न' के रूप में याद किया।

27 मई को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने नेहरू को आधुनिक भारत के निर्माता, लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रतीक के रूप में स्मरण किया।

कांग्रेस नेताओं की श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता सेनानी, देश के प्रथम प्रधानमंत्री, आधुनिक भारत के निर्माता पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। नेहरू ने भारत के चहुंमुखी विकास की जो आधारशिला रखी, वह आज भी विश्व में अद्वितीय है। भारत में लोकतंत्र की स्थापना और लोकतांत्रिक संस्थाओं का प्रसार उनका सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत में गैर-बराबरी दूर करने और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित किया। युगों-युगों तक उनकी कीर्ति अमर रहेगी।"

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अशोक सिंह ने कहा, "देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में अपना अतुलनीय योगदान देने वाले प्रथम प्रधानमंत्री स्व. पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर सशक्त भारत के नवनिर्माण में उनका अतुलनीय योगदान स्मरणीय रहेगा।"

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नेहरू का एक कथन उद्धृत करते हुए लिखा, 'आप दीवार के चित्रों को बदल कर इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते हैं।' उन्होंने इसके साथ नेहरू को "आधुनिक भारत के निर्माता" बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया।

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का संदेश

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा, "राष्ट्र निर्माण, प्रगति और एकता के प्रतीक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन। आधुनिक भारत के निर्माण में आपका योगदान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आपकी अटूट आस्था और शिक्षा व संस्थाओं को सशक्त बनाने की आपकी दूरदर्शी सोच सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी।"

राजद और बिहार से श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने नेहरू को "स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों में से एक, उत्कृष्ट विचारक, विलक्षण लेखक और युग-द्रष्टा" बताते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी नेहरू को सादर नमन अर्पित किया।

भाजपा की ओर से सम्मान

अरुणाचल प्रदेश भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "भारत रत्न जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्ण नमन। राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा और योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।" यह उल्लेखनीय है कि सत्तारूढ़ दल की एक इकाई ने भी नेहरू को सार्वजनिक रूप से सम्मान दिया, जो प्रायः राजनीतिक विभाजन के बावजूद उनकी ऐतिहासिक विरासत की स्वीकार्यता को दर्शाता है।

नेहरू की विरासत का संदर्भ

गौरतलब है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन 27 मई 1964 को हुआ था। उन्होंने 1947 से 1964 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और IIT, IIM, AIIMS जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की स्थापना में केंद्रीय भूमिका निभाई। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष सर्वदलीय श्रद्धांजलि का यह क्रम भारतीय लोकतंत्र की उस परंपरा को रेखांकित करता है जिसमें स्थापक नेताओं को राजनीतिक मतभेदों से परे सम्मान दिया जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच नेहरू की विरासत को लेकर तीखा वैचारिक संघर्ष जारी रहता है। यह दर्शाता है कि राज्य इकाइयाँ कभी-कभी केंद्रीय राजनीतिक स्वर से अलग रुख अपनाती हैं। सुरजेवाला का उद्धृत कथन — 'दीवार के चित्र बदलने से इतिहास नहीं बदलता' — स्पष्ट रूप से समकालीन राजनीतिक संदर्भ की ओर इशारा करता है, जो इस श्रद्धांजलि को महज स्मरण से आगे एक राजनीतिक वक्तव्य बनाता है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि कब होती है?
पंडित जवाहरलाल नेहरू का निधन 27 मई 1964 को हुआ था, इसलिए प्रतिवर्ष 27 मई को उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है। वे 1947 से 1964 तक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री रहे।
2026 की पुण्यतिथि पर किन नेताओं ने नेहरू को श्रद्धांजलि दी?
27 मई 2026 को कमलनाथ, उमंग सिंघार, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अशोक सिंह, रोहिणी आचार्य, नीतीश कुमार और अरुणाचल प्रदेश भाजपा सहित सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता क्यों कहा जाता है?
नेहरू ने अपने कार्यकाल में IIT, IIM, AIIMS जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की नींव रखी और लोकतांत्रिक ढाँचे को मजबूत किया। नेताओं ने उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संस्था-निर्माण को उनकी सबसे स्थायी विरासत बताया।
क्या भाजपा ने भी नेहरू को श्रद्धांजलि दी?
हाँ, अरुणाचल प्रदेश भाजपा ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर नेहरू को 'भारत रत्न' के रूप में याद करते हुए उनकी राष्ट्र-सेवा को नमन किया।
रणदीप सुरजेवाला ने नेहरू का कौन-सा कथन उद्धृत किया?
सुरजेवाला ने नेहरू का यह कथन उद्धृत किया: 'आप दीवार के चित्रों को बदल कर इतिहास के तथ्यों को नहीं बदल सकते हैं।' इसे उन्होंने नेहरू को श्रद्धांजलि देते हुए एक्स पर साझा किया।
राष्ट्र प्रेस
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