झांगर दिवस से पहले सेना का मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल कैंप, GMC राजौरी के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सैकड़ों का उपचार किया
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के नौशेरा में झांगर बटालियन ने 27 जून 2026 को ब्रिगेडियर उस्मान मेमोरियल, झांगर में एक मल्टी-स्पेशियलिटी मेडिकल कैंप का आयोजन किया, जिसमें गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) राजौरी के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के स्थानीय निवासियों की जाँच कर उन्हें दवाइयाँ प्रदान कीं। यह आयोजन 'झांगर दिवस' से पूर्व की श्रृंखला का हिस्सा था, जो 'नौशेरा के शेर' के नाम से विख्यात ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, MVC के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है।
मुख्य घटनाक्रम
कैंप में GMC राजौरी के तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएँ दीं — प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम दत्त, मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. शकील अहमद, और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सिदरा डार। तीनों ने मरीज़ों की विस्तृत जाँच की और आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराईं।
स्वास्थ्य सेवा दल को ADS नौशेरा के डेंटल ऑफिसर और झांगर बटालियन के मेडिकल ऑफिसर का भी सहयोग मिला, जिन्होंने जाँच, इलाज और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।
समुदाय पर असर
बड़ी संख्या में झांगर और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने कैंप में उपस्थिति दर्ज कराई और निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श एवं उपचार का लाभ उठाया। स्थानीय समुदाय ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे दूरदराज़ के इलाकों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम बताया।
गौरतलब है कि नौशेरा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित है, ऐसे में सेना के ये कैंप स्थानीय आबादी के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेतु का काम करते हैं।
नशा मुक्ति जागरूकता अभियान
मेडिकल कैंप के अतिरिक्त, झांगर बटालियन ने हाल ही में स्थानीय युवाओं के लिए एक जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया। युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन के दुष्प्रभावों और अनुशासित जीवनशैली के महत्व के बारे में शिक्षित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने 'नशा मुक्त भारत' की शपथ ली और अपने समुदाय में मादक द्रव्यों के विरुद्ध जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
ब्रिगेडियर उस्मान और झांगर दिवस का महत्व
ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान, MVC ने 1947-48 के भारत-पाक युद्ध में नौशेरा की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर किए थे। उनकी वीरता और बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 'झांगर दिवस' मनाया जाता है। इस वर्ष के आयोजनों में मेडिकल कैंप को शामिल करना सेना की उस परंपरा को दर्शाता है, जिसमें सैन्य स्मृति को सामुदायिक सेवा से जोड़ा जाता है।
क्या होगा आगे
झांगर बटालियन समय-समय पर ऐसे सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। आगामी 'झांगर दिवस' समारोह में और भी कार्यक्रमों की योजना है, जो क्षेत्र में सेना और नागरिकों के बीच सहयोग को और मज़बूत करेंगे।