झारखंड कांग्रेस की चुनाव आयोग से माँग: एसआईआर मतदाता गणना की समय सीमा 15 दिन बढ़ाई जाए
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड कांग्रेस ने 10 जुलाई को चुनाव आयोग (ECI) को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 29 जुलाई से बढ़ाकर 13 अगस्त करने की माँग की है। पार्टी का कहना है कि शहरी विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटलीकरण की रफ्तार अत्यंत धीमी है, जिससे बड़ी संख्या में पात्र मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं।
प्रतिनिधिमंडल और ज्ञापन
राज्य कांग्रेस महासचिव सूर्यकांत शुक्ला, राज्य महासचिव एवं मीडिया विभाग समन्वयक लाल किशोर नाथ शाहदेव और सोशल मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष संजय कुमार के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रांची स्थित मुख्य निर्वाचन कार्यालय पहुँचा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुबोध कुमार को सौंपा गया।
पार्टी के अनुसार, यह कदम झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर उठाया गया।
डिजिटलीकरण की धीमी रफ्तार: आँकड़े क्या कहते हैं
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि 30 जून से शुरू हुए एसआईआर अभियान के तहत प्रमुख शहरी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता प्रपत्रों का डिजिटलीकरण अपेक्षा से कहीं पीछे है।
पार्टी द्वारा उद्धृत आँकड़ों के अनुसार अब तक की स्थिति इस प्रकार है: रांची विधानसभा क्षेत्र में केवल 4.14%, हटिया में 8.48%, धनबाद में 4.78%, झरिया में 5.96% और बोकारो में 11.56% मतदाताओं का ही डिजिटलीकरण हो पाया है। घनी आबादी वाले इन क्षेत्रों में यह प्रगति पार्टी को चिंताजनक लगती है।
कांग्रेस की चेतावनी
पार्टी ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यदि 29 जुलाई की मौजूदा समय सीमा नहीं बढ़ाई गई, तो बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अपने प्रपत्र जमा करने से वंचित रह जाएंगे और अंततः मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। पार्टी का तर्क है कि अतिरिक्त 15 दिन मिलने से शेष सभी पात्र नागरिकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा और मतदाता सूची अधिक व्यापक एवं निष्पक्ष बनेगी।
एसआईआर अभियान की पृष्ठभूमि
चुनाव आयोग द्वारा 30 जून से 29 जुलाई तक चलाया जा रहा यह एसआईआर अभियान मतदाता सूची को अद्यतन करने की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके तहत बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता जानकारी एकत्र करते हैं और प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मतदाता सूची की शुद्धता और समावेशिता को लेकर राजनीतिक दलों की निगाहें तेज़ हैं।
आगे क्या
चुनाव आयोग ने अभी तक इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यदि समय सीमा नहीं बढ़ाई गई, तो एसआईआर अभियान 29 जुलाई को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समाप्त होगा। कांग्रेस के इस कदम के बाद अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और आयोग का रुख अहम होगा।