झारखंड हीटवेव: CM हेमंत सोरेन ने सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल व्यवस्था के दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 23 मई 2026 को राज्यभर के सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि रांची सहित पूरे राज्य में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना नहीं करना चाहिए।
मुख्य निर्देश और आदेश
सोरेन ने राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, थाना प्रभारियों, अंचलाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर एवं सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था की जाए। साथ ही यह भी कहा कि इसकी स्पष्ट सूचना प्रदर्शित की जाए, ताकि राहगीरों और आम जनों को राहत मिल सके।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'जनहित सर्वोपरि है। भीषण गर्मी के इस दौर में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य करें।'
जल संकट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जहाँ कहीं भी जल संकट की स्थिति हो, वहाँ तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाए। इसके अलावा चापाकलों की मरम्मत और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएँ भी की जाएँ। सोरेन ने कहा कि किसी भी गाँव, टोला या मोहल्ले में पेयजल की कमी के कारण लोगों को परेशानी न हो — यह सामूहिक जिम्मेदारी है।
आम जनता पर असर
यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब झारखंड के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। गौरतलब है कि हर वर्ष मई-जून में झारखंड के कई इलाकों में जल संकट गहरा जाता है।
क्या होगा आगे
प्रशासनिक अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे इन निर्देशों का पालन तत्काल प्रभाव से करें और पेयजल व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री के इस कदम से राज्यभर में राहत शिविरों और जल वितरण केंद्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है।