3 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने मांगी सीबीआई जांच, अधिकारियों की बर्खास्तगी की अपील

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जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती घोटाला: बाबूलाल मरांडी ने मांगी सीबीआई जांच, अधिकारियों की बर्खास्तगी की अपील

सारांश

झारखंड में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी-जेएसएससी पर नौकरियाँ बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। 120 प्रश्न पहले रटवाने, जाँच टीम बदलने और एडीजी नियुक्ति के ज़रिए जाँच प्रभावित करने के दावों के साथ उन्होंने सीबीआई जाँच और दोषी अधिकारियों की तत्काल बर्खास्तगी की माँग की है।

मुख्य बातें

बाबूलाल मरांडी ने 3 अगस्त को जेपीएससी और जेएसएससी पर खुलेआम नौकरियाँ बेचने का आरोप लगाया।
कथित तौर पर अभ्यर्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर 135–150 प्रश्न रटवाए गए, जिनमें से करीब 120 परीक्षा में पूछे गए।
मरांडी ने आरोप लगाया कि 26,000 आचार्य नियुक्ति परीक्षा का परिणाम पैसों के लेन-देन के कारण चरणबद्ध तरीके से जारी किया गया।
सीआईडी जाँच टीम बदले जाने और मनोज कौशिक को सीआईडी एडीजी बनाकर जाँच प्रभावित करने का आरोप।
माँग: जेपीएससी-जेएसएससी अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक व सचिव की तत्काल बर्खास्तगी और सीबीआई जाँच।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने 3 अगस्त को आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के ज़रिए राज्य में खुलेआम नौकरियाँ बेची गई हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच कराने और दोषी अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

क्या हैं आरोप

मरांडी ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी पोस्ट में दावा किया कि दलालों ने अभ्यर्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर 135 से 150 प्रश्न रटवाए, जिनमें से कथित तौर पर करीब 120 प्रश्न परीक्षा में हूबहू पूछे गए। उनका आरोप है कि परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट सेवा जानबूझकर बंद करवाकर इस धांधली को अंजाम दिया गया।

मरांडी ने यह भी दावा किया कि जेएसएससी ने 26,000 आचार्य नियुक्ति परीक्षा का परिणाम एक साथ जारी करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से घोषित किया, और इसके पीछे कथित रूप से पैसों का लेन-देन था।

जाँच टीम बदले जाने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सीआईडी की तत्कालीन जाँच अधिकारी संध्या रानी और निधि पांडेय की प्रारंभिक जाँच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, जिसकी पुष्टि पुरानी डायरी से भी होती है। उनका आरोप है कि सच्चाई सामने आने से रोकने के लिए राज्य सरकार ने जाँच टीम बदल दी।

मनोज कौशिक पर निशाना

मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार ने मनोज कौशिक को सीआईडी का एडीजी नियुक्त कर जाँच को प्रभावित करने का प्रयास किया। उनके अनुसार, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक रहते हुए कौशिक पर कोयले के अवैध कारोबार से जुड़े आरोप लगे थे और इस संबंध में लंबित एसीबी जाँच को सरकार ने कथित तौर पर दबाकर रखा है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के माध्यम से सरकार दोषियों को संरक्षण दे रही है।

छात्र आंदोलन को समर्थन की अपील

मरांडी ने झारखंड की जनता से छात्रों के आंदोलन को तन, मन और धन से समर्थन देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई झारखंड के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य में छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं।

क्या होगा आगे

मरांडी ने माँग की है कि जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, परीक्षा नियंत्रक और सचिव को तत्काल बर्खास्त किया जाए, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हो और पूरे मामले की सीबीआई जाँच सुनिश्चित की जाए। यह देखना बाकी है कि राज्य सरकार इन माँगों पर क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ये विपक्ष की ओर से लगाए गए दावे हैं — सीबीआई जाँच या न्यायिक जाँच ही इनकी सत्यता परखेगी। असली सवाल यह है कि यदि सीआईडी की पुरानी टीम सही दिशा में थी, तो जाँच टीम बदलने का औचित्य क्या था — इसका जवाब राज्य सरकार को देना होगा। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन इस बार विशिष्ट संख्याओं — 120 प्रश्न, 26,000 आचार्य पद — का उल्लेख मामले को अधिक ठोस बनाता है। बिना स्वतंत्र जाँच के, छात्रों का भरोसा बहाल करना मुश्किल होगा।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती घोटाले में क्या आरोप लगाए गए हैं?
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि जेपीएससी और जेएसएससी के ज़रिए खुलेआम नौकरियाँ बेची गईं। कथित तौर पर अभ्यर्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर 135–150 प्रश्न रटवाए गए, जिनमें से करीब 120 परीक्षा में हूबहू पूछे गए।
बाबूलाल मरांडी ने सीबीआई जाँच की माँग क्यों की?
मरांडी का आरोप है कि राज्य सरकार ने सीआईडी की जाँच टीम बदलकर और कथित रूप से आरोपित अधिकारी को सीआईडी एडीजी बनाकर जाँच को प्रभावित किया। उनके अनुसार, निष्पक्ष जाँच केवल सीबीआई ही कर सकती है।
26,000 आचार्य नियुक्ति परीक्षा विवाद क्या है?
मरांडी ने दावा किया कि जेएसएससी ने 26,000 आचार्य नियुक्ति परीक्षा का परिणाम एक साथ जारी करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से घोषित किया, और इसके पीछे कथित रूप से पैसों का लेन-देन था।
मनोज कौशिक पर क्या आरोप हैं?
बाबूलाल मरांडी के अनुसार, हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक रहते हुए मनोज कौशिक पर कोयले के अवैध कारोबार से जुड़े आरोप लगे थे और इस संबंध में एसीबी जाँच लंबित है। मरांडी का दावा है कि सरकार ने इस जाँच को दबाकर रखा है और कौशिक को सीआईडी एडीजी बनाकर भर्ती घोटाले की जाँच प्रभावित करने का प्रयास किया।
इस मामले में झारखंड के छात्रों पर क्या असर पड़ा है?
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड के छात्र लंबे समय से आंदोलनरत हैं। मरांडी ने जनता से छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है और इसे झारखंड के भविष्य की लड़ाई बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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