गिरिडीह में कोयला मजदूर दिलीप दास की हत्या के बाद कबरीबाद खदान पर बवाल, पुलिस से धक्का-मुक्की
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गिरिडीह जिले की कबरीबाद कोयला खदान में कार्यरत मजदूर दिलीप दास की हत्या के बाद बुधवार, 6 मई को इलाके में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को स्ट्रेचर पर उठाया और पैदल मार्च करते हुए सीधे कबरीबाद खदान के साइट कार्यालय पहुँच गए। इस दौरान पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई और एक युवक ने पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर अप्रिय घटना को अंजाम देने का प्रयास किया, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, बीती देर रात कबरीबाद कोयला खदान के क्रेशर में काम करने वाले मजदूर दिलीप दास की हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली, स्थानीय ग्रामीण और परिजन उग्र हो गए। वे न्याय की माँग को लेकर अड़ गए और सदर अस्पताल में रखे शव को बिना पोस्टमार्टम के ही स्ट्रेचर पर उठाकर खदान की ओर कूच कर गए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव और साइबर डीएसपी आबिद खान भारी पुलिस बल के साथ खदान पर पहले से तैनात थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को साइट कार्यालय में प्रवेश से रोकने का प्रयास किया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
पेट्रोल बोतल कांड और बड़ा हादसा टला
हंगामे के बीच एक युवक ने अचानक पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर अप्रिय घटना को अंजाम देने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने तत्परता दिखाते हुए युवक के हाथ से बोतल छीन ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद भारी विरोध के बीच प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर कार्यालय परिसर के भीतर घुस गए।
ग्रामीणों की माँगें और नारेबाजी
ग्रामीणों ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) प्रबंधन और स्थानीय पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की माँग रखी। ग्रामीण महिलाओं और पुलिस जवानों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
तनाव को देखते हुए सदर अंचल अधिकारी जितेंद्र प्रसाद और बीडीओ गणेश रजक भी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता शुरू की और उन्हें कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। फिलहाल खदान क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी है और एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। यह घटना झारखंड के कोयला खदान क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।