गिरिडीह में कोयला मजदूर दिलीप दास की हत्या के बाद कबरीबाद खदान पर बवाल, पुलिस से धक्का-मुक्की

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गिरिडीह में कोयला मजदूर दिलीप दास की हत्या के बाद कबरीबाद खदान पर बवाल, पुलिस से धक्का-मुक्की

सारांश

गिरिडीह के कबरीबाद कोयला खदान में मजदूर दिलीप दास की हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा — शव को बिना पोस्टमार्टम के खदान तक ले जाया गया, पुलिस से धक्का-मुक्की हुई और एक युवक ने पेट्रोल बोतल से बड़ा हादसा करने की कोशिश की। झारखंड के कोयला क्षेत्र में मजदूर सुरक्षा का सवाल एक बार फिर केंद्र में है।

मुख्य बातें

गिरिडीह की कबरीबाद कोयला खदान के क्रेशर में कार्यरत मजदूर दिलीप दास की बीती रात हत्या कर दी गई।
परिजनों और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम के शव उठाकर खदान साइट कार्यालय तक पैदल मार्च किया।
एक युवक ने पेट्रोल से भरी बोतल से हादसे का प्रयास किया; एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने बोतल छीनकर बड़ा हादसा टाला।
ग्रामीणों ने CCL प्रबंधन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मुआवजे की माँग की।
सदर अंचल अधिकारी जितेंद्र प्रसाद और बीडीओ गणेश रजक मौके पर पहुँचे; इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

झारखंड के गिरिडीह जिले की कबरीबाद कोयला खदान में कार्यरत मजदूर दिलीप दास की हत्या के बाद बुधवार, 6 मई को इलाके में भारी तनाव फैल गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को स्ट्रेचर पर उठाया और पैदल मार्च करते हुए सीधे कबरीबाद खदान के साइट कार्यालय पहुँच गए। इस दौरान पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई और एक युवक ने पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर अप्रिय घटना को अंजाम देने का प्रयास किया, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, बीती देर रात कबरीबाद कोयला खदान के क्रेशर में काम करने वाले मजदूर दिलीप दास की हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली, स्थानीय ग्रामीण और परिजन उग्र हो गए। वे न्याय की माँग को लेकर अड़ गए और सदर अस्पताल में रखे शव को बिना पोस्टमार्टम के ही स्ट्रेचर पर उठाकर खदान की ओर कूच कर गए।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव और साइबर डीएसपी आबिद खान भारी पुलिस बल के साथ खदान पर पहले से तैनात थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को साइट कार्यालय में प्रवेश से रोकने का प्रयास किया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

पेट्रोल बोतल कांड और बड़ा हादसा टला

हंगामे के बीच एक युवक ने अचानक पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर अप्रिय घटना को अंजाम देने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने तत्परता दिखाते हुए युवक के हाथ से बोतल छीन ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद भारी विरोध के बीच प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़कर कार्यालय परिसर के भीतर घुस गए।

ग्रामीणों की माँगें और नारेबाजी

ग्रामीणों ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) प्रबंधन और स्थानीय पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजे की माँग रखी। ग्रामीण महिलाओं और पुलिस जवानों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

तनाव को देखते हुए सदर अंचल अधिकारी जितेंद्र प्रसाद और बीडीओ गणेश रजक भी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता शुरू की और उन्हें कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की। फिलहाल खदान क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी है और एहतियात के तौर पर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। यह घटना झारखंड के कोयला खदान क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि झारखंड के कोयला क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा और न्याय तक पहुँच की दीर्घकालिक विफलता का प्रतिबिंब है। परिजनों का पोस्टमार्टम से इनकार और शव को खदान तक ले जाना इस बात का संकेत है कि स्थानीय समुदाय को प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भरोसा कम हो रहा है। CCL जैसी सार्वजनिक उपक्रम कंपनियों के खदान क्षेत्रों में मजदूर सुरक्षा की जवाबदेही का सवाल बार-बार उठता है, लेकिन ठोस तंत्र अभी भी अनुपस्थित दिखता है। जब तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और पारदर्शी जाँच नहीं होती, यह तनाव और गहरा हो सकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरिडीह में किस मजदूर की हत्या हुई और कहाँ?
झारखंड के गिरिडीह जिले की कबरीबाद कोयला खदान के क्रेशर में कार्यरत मजदूर दिलीप दास की बीती रात हत्या कर दी गई। यह घटना 5-6 मई 2025 की दरम्यानी रात की बताई जा रही है।
ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम से इनकार क्यों किया?
परिजन और ग्रामीण न्याय की माँग को लेकर उग्र थे और उन्होंने सदर अस्पताल से बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को खदान साइट कार्यालय तक ले जाने का फैसला किया। यह कदम प्रशासन और CCL प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया प्रतीत होता है।
पेट्रोल बोतल की घटना क्या थी और इसे कैसे रोका गया?
हंगामे के दौरान एक युवक ने पेट्रोल से भरी बोतल निकालकर अप्रिय घटना को अंजाम देने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सदर एसडीपीओ जितवाहन उरांव ने तत्परता दिखाते हुए युवक के हाथ से बोतल छीन ली और एक बड़ा हादसा टल गया।
ग्रामीणों की मुख्य माँगें क्या हैं?
ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की माँग की है। इसके साथ ही CCL प्रबंधन और स्थानीय पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
सदर अंचल अधिकारी जितेंद्र प्रसाद और बीडीओ गणेश रजक मौके पर पहुँचे और परिजनों से वार्ता शुरू की। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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