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खूंटी मुठभेड़: पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास के पैर में गोली, जंगल से 3 हथियार बरामद

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खूंटी मुठभेड़: पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास के पैर में गोली, जंगल से 3 हथियार बरामद

सारांश

झारखंड के खूंटी में पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास ने हथियार बरामदगी अभियान के दौरान पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी और जंगल से तीन हथियार बरामद हुए। पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग मौके पर पहुँचे, जाँच जारी है।

मुख्य बातें

खूंटी जिले के कर्रा-जरियागढ़ सीमा क्षेत्र में रविवार सुबह पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादी के बीच मुठभेड़ हुई।
उग्रवादी श्रवण दास ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया; जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगी।
श्रवण दास की निशानदेही पर जंगल से तीन हथियार बरामद ; बरामद हथियारों की जाँच जारी।
श्रवण दास पहले से फायरिंग, आगजनी और लेवी वसूली के आरोपों में गिरफ्तार था।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे; इलाके में सर्च अभियान जारी।

झारखंड के खूंटी जिले में 22 जून 2025 की सुबह पुलिस और प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के उग्रवादी श्रवण दास के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें श्रवण दास के पैर में गोली लगी और मौके से तीन हथियार बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, श्रवण दास को कर्रा-जरियागढ़ सीमा क्षेत्र के जंगल में छिपे हथियारों की बरामदगी के लिए ले जाया गया था, जहाँ उसने भागने की कोशिश में एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और फायरिंग शुरू कर दी।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान श्रवण दास ने खुलासा किया था कि जरियागढ़ इलाके के जंगलों में बड़ी मात्रा में हथियार छिपाए गए हैं। इसी सूचना के आधार पर रविवार सुबह एक विशेष पुलिस टीम उसे लेकर बरामदगी के लिए रवाना हुई। जंगल में पहुँचते ही श्रवण दास ने अचानक एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और जंगल की ओर भागते हुए फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, श्रवण दास को हाल के दिनों में खूंटी जिले में फायरिंग, वाहनों में आगजनी और ठेकेदारों से लेवी वसूली की घटनाओं में संलिप्तता के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के जंगली इलाकों में पीएलएफआई की सक्रियता को लेकर सुरक्षाबलों की चिंताएँ बढ़ी हुई हैं। गौरतलब है कि पीएलएफआई पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौके पर उपस्थिति

घटना की सूचना मिलते ही खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने इलाके में व्यापक सर्च अभियान भी चलाया। घायल उग्रवादी को तत्काल पुलिस हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

हथियार बरामदगी और आगे की जाँच

पुलिस के अनुसार, श्रवण दास की निशानदेही पर मौके से तीन हथियार बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों के प्रकार और उनके संभावित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जाँच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस बरामदगी से इलाके में सक्रिय पीएलएफआई नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। आगामी दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह एक अकेली कार्रवाई बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खूंटी मुठभेड़ में क्या हुआ?
रविवार सुबह झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस पीएलएफआई उग्रवादी श्रवण दास को हथियार बरामदगी के लिए जंगल ले गई थी, जहाँ उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और मौके से तीन हथियार बरामद हुए।
श्रवण दास को पहले किस आरोप में गिरफ्तार किया गया था?
पुलिस के अनुसार, श्रवण दास को खूंटी जिले में फायरिंग, वाहनों में आगजनी और ठेकेदारों से लेवी वसूली की घटनाओं में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने जंगल में छिपे हथियारों की जानकारी दी थी।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए?
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और इलाके में सर्च अभियान चलाया गया। घायल उग्रवादी को अस्पताल भेजा गया और बरामद तीन हथियारों की जाँच शुरू की गई।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
अधिकारियों के अनुसार, बरामद हथियारों और श्रवण दास से मिली जानकारी के आधार पर इलाके में पीएलएफआई नेटवर्क की जाँच जारी है। आगामी दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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