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अनंत सिंह के 'नौ हत्याओं' वाले बयान पर जीतन राम मांझी ने जांच की मांग की

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अनंत सिंह के 'नौ हत्याओं' वाले बयान पर जीतन राम मांझी ने जांच की मांग की

सारांश

मोकामा विधायक अनंत सिंह के 'नौ हत्याओं' वाले बयान ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने जांच की मांग की, जबकि JDU ने सतर्क चुप्पी साध रखी है। सिंह का स्पष्टीकरण आया, पर सवाल बरकरार हैं।

मुख्य बातें

जीतन राम मांझी ने 17 अक्टूबर को मोकामा विधायक अनंत सिंह के 'नौ हत्याओं' वाले बयान की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
अनंत सिंह ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी — उनका आशय अपने नौ सहयोगियों की हत्याओं से था, न कि हत्याओं की साजिश से।
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पार्टी मामले पर नज़र रख रही है; अब तक कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं।
यह विवाद बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच NDA के भीतर आंतरिक तनाव को उजागर करता है।
मूल बयान 16 अक्टूबर को एक मीडिया संवाद के दौरान सामने आया था।

केंद्रीय लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने शनिवार, 17 अक्टूबर को मोकामा विधायक अनंत सिंह के विवादास्पद 'नौ हत्याओं' वाले बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसकी जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। यह विवाद एक दिन पहले शुक्रवार को उस समय सुर्खियों में आया, जब सिंह ने एक मीडिया संवाद के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए किए गए कथित बलिदानों का ज़िक्र किया था।

मांझी का बयान और मांग

मांझी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अनंत सिंह का दावा है कि उन्होंने नीतीश कुमार की मदद के लिए हत्याएं कीं, तो यह सर्वथा गलत है। उन्होंने कहा, 'अगर वे सचमुच मदद करना चाहते थे, तो उन्हें सकारात्मक कार्यों के माध्यम से ऐसा करना चाहिए था। मैं उनके बयान की जांच और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करता हूं।' मांझी की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर बढ़ती असहजता का संकेत देती है।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद शुक्रवार, 16 अक्टूबर को तब शुरू हुआ जब मोकामा विधायक अनंत सिंह ने एक मीडिया बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव का वर्णन करते हुए कथित तौर पर 'नौ हत्याओं' का उल्लेख किया। इस बयान को व्यापक रूप से इस दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया कि उन्होंने जनता दल-यूनाइटेड (JDU) नेता को लाभ पहुंचाने के लिए हत्याओं की साजिश रची थी।

गौरतलब है कि अनंत सिंह बिहार की राजनीति में एक विवादास्पद व्यक्तित्व रहे हैं और उनके खिलाफ अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर NDA के भीतर आंतरिक तनाव की खबरें आ रही हैं।

अनंत सिंह का स्पष्टीकरण

राजनीतिक विरोध के बाद अनंत सिंह ने पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है। उनके अनुसार, उनका आशय नीतीश कुमार के साथ गठबंधन करने के बाद अपने नौ सहयोगियों की हत्याओं के संदर्भ में था — अर्थात वे स्वयं पीड़ित पक्ष की बात कर रहे थे, न कि हत्याओं की साजिश रचने का दावा।

JDU की प्रतिक्रिया

जनता दल-यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पार्टी ने अनंत सिंह के मूल बयान और उनके बाद के स्पष्टीकरण, दोनों का संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की बिहार इकाई इस घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रही है। हालांकि, JDU ने अब तक अनंत सिंह के खिलाफ किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।

आगे क्या होगा

मांझी की जांच की मांग और JDU के सतर्क रुख को देखते हुए यह मामला बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में और गर्माने की संभावना है। आलोचकों का कहना है कि यदि जांच की मांग को नज़रअंदाज़ किया गया, तो NDA की सहयोगी पार्टियों के बीच असंतोष और गहरा हो सकता है। बिहार विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह प्रकरण गठबंधन की एकजुटता की असली परीक्षा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि JDU इस पर कार्रवाई करेगी या मामले को शांत होने देगी। गठबंधन धर्म और जवाबदेही के बीच यह खिंचाव बिहार चुनाव की रणनीति को सीधे प्रभावित कर सकता है। मुख्यधारा की कवरेज बयान की व्याख्या पर केंद्रित है, जबकि असली कहानी यह है कि NDA के सहयोगी दल खुलकर एक-दूसरे पर सवाल उठाने लगे हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह के 'नौ हत्याओं' वाले बयान का विवाद क्या है?
मोकामा विधायक अनंत सिंह ने 16 अक्टूबर को एक मीडिया बातचीत में नीतीश कुमार के लिए किए गए बलिदानों का ज़िक्र करते हुए कथित तौर पर 'नौ हत्याओं' का उल्लेख किया, जिसे व्यापक रूप से हत्याओं की साजिश के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया। बाद में सिंह ने सफाई दी कि उनका आशय अपने नौ सहयोगियों की हत्याओं से था, न कि उन्हें करवाने से।
जीतन राम मांझी ने इस मामले में क्या मांग की है?
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अनंत सिंह के बयान की औपचारिक जांच और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि बयान सच है तो यह गलत है, और मदद सकारात्मक कार्यों से होनी चाहिए थी।
JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि पार्टी मूल बयान और स्पष्टीकरण दोनों का संज्ञान ले चुकी है और बिहार इकाई मामले पर नज़र रख रही है। हालांकि, अब तक JDU ने अनंत सिंह के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।
अनंत सिंह ने अपने बयान पर क्या सफाई दी?
अनंत सिंह ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया। उनके अनुसार, उनका तात्पर्य नीतीश कुमार के साथ गठबंधन के बाद मारे गए अपने नौ सहयोगियों से था, न कि खुद हत्याओं की साजिश रचने से।
यह विवाद बिहार की राजनीति को कैसे प्रभावित कर सकता है?
यह प्रकरण बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच NDA के भीतर आंतरिक तनाव को उजागर करता है। आलोचकों का कहना है कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच इस तरह की सार्वजनिक नोकझोंक मतदाताओं को गलत संदेश दे सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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