7 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

किश्तवाड़ इंजीनियर पर ACB का शिकंजा: आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर, पाँच मंजिला मकान और जमीन जब्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
किश्तवाड़ इंजीनियर पर ACB का शिकंजा: आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर, पाँच मंजिला मकान और जमीन जब्त

सारांश

जम्मू-कश्मीर एसीबी ने किश्तवाड़ के सहायक कार्यकारी अभियंता आशिक हुसैन राथर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। पाँच मंजिला मकान, कई जमीनें और बड़ी बैंक जमा राशि — सब कथित तौर पर सरकारी सेवाकाल में अवैध रूप से अर्जित।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर एसीबी ने 22 मई को किश्तवाड़ के सहायक कार्यकारी अभियंता आशिक हुसैन राथर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आरोपी के नाम पर डोडा कोर्ट रोड पर पाँच मंजिला आवासीय भवन , भद्रवाह और जम्मू के सुंजवाँ में भूमि, फिक्स्ड डिपॉजिट और आभूषण मिले।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 सहित कई धाराओं में मामला दर्ज; डोडा और किश्तवाड़ में छापेमारी की गई।
तलाशी मजिस्ट्रेटों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में अदालती सर्च वारंट के आधार पर हुई।
मामले की आगे जाँच एसीबी (डोडा–किश्तवाड़ रेंज) द्वारा जारी है।

जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने किश्तवाड़ जिले के चटरो हाइड्रॉलिक सब-डिवीजन के सहायक कार्यकारी अभियंता आशिक हुसैन राथर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में 22 मई को एफआईआर दर्ज की। एसीबी के अनुसार, अभियंता ने अपनी और अपने परिवार के नाम पर ऐसी चल-अचल संपत्तियाँ बनाई हैं, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक हैं।

मुख्य आरोप और संपत्तियाँ

एसीबी की जाँच में सामने आया कि आरोपी ने सेवाकाल के दौरान कथित तौर पर कई बड़ी संपत्तियाँ अर्जित कीं। इनमें डोडा कोर्ट रोड पर एक पाँच मंजिला आवासीय भवन, भद्रवाह के उडराना गाँव में भूमि, जम्मू के सुंजवाँ गाँव में खरीदी गई जमीन, बड़ी बैंक जमा राशि (फिक्स्ड डिपॉजिट), महँगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आभूषण शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, 'आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियों का मूल्य उसकी ज्ञात आय से काफी अधिक पाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि उसने सेवा अवधि के दौरान अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है।'

तलाशी अभियान और कानूनी कार्रवाई

एसीबी ने सक्षम अदालत से सर्च वारंट हासिल कर डोडा और किश्तवाड़ में आरोपी के आवासीय व कार्यालय परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेटों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में की गई। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

एसीबी की भूमिका और अधिकार

जम्मू-कश्मीर एसीबी भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जाँच करने वाली प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसी है। यह एजेंसी सीधे केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है और नागरिक अधिकारियों तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के मामलों की जाँच करने का अधिकार रखती है।

एजेंसी के पास परिसरों की तलाशी लेने, आपत्तिजनक दस्तावेज़ व संपत्ति जब्त करने तथा अवैध रूप से अर्जित मानी जाने वाली संपत्तियों को फ्रीज करने का अधिकार है।

आगे की जाँच

एसीबी (डोडा–किश्तवाड़ रेंज) द्वारा मामले की जाँच जारी है। जाँच पूरी होने के बाद ब्यूरो रिपोर्ट सरकार को अभियोजन स्वीकृति के लिए भेजेगा और सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगा। यह मामला जम्मू-कश्मीर में सरकारी तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एसीबी की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रायः सार्वजनिक निर्माण और जल-विद्युत परियोजनाओं से जुड़े होते हैं। चटरो हाइड्रॉलिक सब-डिवीजन जैसे दूरदराज़ के क्षेत्रों में जहाँ निगरानी सीमित है, वहाँ ऐसे मामले उजागर होना यह दर्शाता है कि एसीबी की पहुँच बढ़ी है। असली परीक्षा अब अभियोजन की गति की होगी — जम्मू-कश्मीर में दर्जनों एसीबी मामले वर्षों तक अदालतों में लंबित रहते हैं, जिससे निवारक प्रभाव कमज़ोर पड़ता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ इंजीनियर आशिक हुसैन राथर पर क्या आरोप हैं?
आशिक हुसैन राथर पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवाकाल के दौरान अपनी ज्ञात आय से काफी अधिक संपत्ति अर्जित की। इनमें डोडा में पाँच मंजिला मकान, दो जगह जमीन, बड़ी बैंक जमा राशि और आभूषण शामिल हैं।
जम्मू-कश्मीर एसीबी ने यह कार्रवाई कैसे की?
एसीबी ने सक्षम अदालत से सर्च वारंट लेकर डोडा और किश्तवाड़ में आरोपी के आवासीय व कार्यालय परिसरों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेटों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में की गई।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जाँच पूरी होने के बाद चार्जशीट सक्षम अदालत में दाखिल की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर एसीबी किसके नियंत्रण में काम करती है?
जम्मू-कश्मीर एसीबी सीधे केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करती है। यह नागरिक अधिकारियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों दोनों के भ्रष्टाचार मामलों की जाँच कर सकती है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
एसीबी (डोडा–किश्तवाड़ रेंज) द्वारा जाँच जारी है। जाँच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को अभियोजन स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी और अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले