किश्तवाड़ इंजीनियर पर ACB का शिकंजा: आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर, पाँच मंजिला मकान और जमीन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने किश्तवाड़ जिले के चटरो हाइड्रॉलिक सब-डिवीजन के सहायक कार्यकारी अभियंता आशिक हुसैन राथर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में 22 मई को एफआईआर दर्ज की। एसीबी के अनुसार, अभियंता ने अपनी और अपने परिवार के नाम पर ऐसी चल-अचल संपत्तियाँ बनाई हैं, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से काफी अधिक हैं।
मुख्य आरोप और संपत्तियाँ
एसीबी की जाँच में सामने आया कि आरोपी ने सेवाकाल के दौरान कथित तौर पर कई बड़ी संपत्तियाँ अर्जित कीं। इनमें डोडा कोर्ट रोड पर एक पाँच मंजिला आवासीय भवन, भद्रवाह के उडराना गाँव में भूमि, जम्मू के सुंजवाँ गाँव में खरीदी गई जमीन, बड़ी बैंक जमा राशि (फिक्स्ड डिपॉजिट), महँगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आभूषण शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, 'आरोपी द्वारा अर्जित संपत्तियों का मूल्य उसकी ज्ञात आय से काफी अधिक पाया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि उसने सेवा अवधि के दौरान अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है।'
तलाशी अभियान और कानूनी कार्रवाई
एसीबी ने सक्षम अदालत से सर्च वारंट हासिल कर डोडा और किश्तवाड़ में आरोपी के आवासीय व कार्यालय परिसरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मजिस्ट्रेटों और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में की गई। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एसीबी की भूमिका और अधिकार
जम्मू-कश्मीर एसीबी भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जाँच करने वाली प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसी है। यह एजेंसी सीधे केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है और नागरिक अधिकारियों तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों के मामलों की जाँच करने का अधिकार रखती है।
एजेंसी के पास परिसरों की तलाशी लेने, आपत्तिजनक दस्तावेज़ व संपत्ति जब्त करने तथा अवैध रूप से अर्जित मानी जाने वाली संपत्तियों को फ्रीज करने का अधिकार है।
आगे की जाँच
एसीबी (डोडा–किश्तवाड़ रेंज) द्वारा मामले की जाँच जारी है। जाँच पूरी होने के बाद ब्यूरो रिपोर्ट सरकार को अभियोजन स्वीकृति के लिए भेजेगा और सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगा। यह मामला जम्मू-कश्मीर में सरकारी तंत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एसीबी की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।