7 जुलाई 2026
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नरेला हाई सिक्योरिटी जेल और रिज संरक्षण से मजबूत होगी दिल्ली, यमुना सफाई पर अगले सप्ताह बड़ा समझौता: आशीष सूद

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नरेला हाई सिक्योरिटी जेल और रिज संरक्षण से मजबूत होगी दिल्ली, यमुना सफाई पर अगले सप्ताह बड़ा समझौता: आशीष सूद

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली दौरे के बाद दिल्ली मंत्री आशीष सूद ने नरेला हाई सिक्योरिटी जेल, रिज क्षेत्र की 5,000 हेक्टेयर भूमि संरक्षण और यमुना सफाई के लिए अगले सप्ताह बड़े समझौते का ऐलान किया — राजधानी के विकास में केंद्र-राज्य सहयोग की नई तस्वीर।

मुख्य बातें

हाई सिक्योरिटी नरेला जेल परियोजना को गति मिली; दिल्ली मंत्री आशीष सूद ने इसे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अहम बताया।
दिल्ली के रिज क्षेत्र की 5,000 हेक्टेयर भूमि को संरक्षण के लिए अधिसूचित किया गया।
नांगली डेयरी और गोगा डेयरी में छोटे उपचार संयंत्र स्थापित; अगले सप्ताह डेयरी अपशिष्ट निस्तारण पर समझौते की संभावना।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे में डीटीसी की 300 नई बसों को हरी झंडी और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को बढ़ावा।
BJP नेता पंकज सिंह ने विपक्ष पर पूर्व सरकारों में योजनाएँ न आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने 7 जुलाई 2026 को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हाई सिक्योरिटी नरेला जेल परियोजना राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगी और रिज क्षेत्र की 5,000 हेक्टेयर भूमि के संरक्षण की अधिसूचना दिल्ली के पर्यावरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिल्ली दौरे और विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के तुरंत बाद सामने आया।

नरेला जेल और रिज संरक्षण: मुख्य घटनाक्रम

मंत्री सूद ने स्पष्ट किया कि दिल्ली के 'फेफड़ों' के रूप में जानी जाने वाली रिज क्षेत्र की भूमि को अधिसूचित करने की माँग लंबे समय से लंबित थी। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए दिल्ली सरकार के प्रयासों की प्रशंसा की।' गृह मंत्री शाह के दौरे के दौरान डीटीसी की 300 नई बसों को हरी झंडी दिखाई गई, परिवहन क्षेत्र के आधुनिक ऑटोमेटेड केंद्रों की शुरुआत हुई और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को भी आगे बढ़ाया गया।

यमुना सफाई पर अगले सप्ताह अहम समझौता

यमुना प्रदूषण के मुद्दे पर मंत्री सूद ने कहा कि नांगली डेयरी और गोगा डेयरी में छोटे उपचार संयंत्र लगाए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अगले सप्ताह एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिसके बाद दिल्ली की डेयरियों से निकलने वाले गोबर के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। उनके अनुसार इससे यमुना नदी को प्रदूषण से राहत मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। सूद ने स्वीकार किया कि पिछली सरकारों के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे कई योजनाएँ आगे नहीं बढ़ सकीं।

केंद्र-राज्य सहयोग पर जोर

मंत्री सूद ने कहा, 'केंद्र सरकार लगातार दिल्ली सरकार का सहयोग कर रही है और दिल्ली की जनता के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दी जा रही हैं। पर्यावरण संरक्षण और यमुना नदी की सफाई जैसे विषयों पर भी केंद्र का सहयोग आगे भी मिलता रहेगा, जिससे दिल्लीवासियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।' यह ऐसे समय में आया है जब यमुना की सफाई को लेकर वर्षों से राजनीतिक बहस जारी है और राजधानी में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है।

भाजपा नेता पंकज सिंह की प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता पंकज सिंह ने कहा कि गृह मंत्री शाह का दौरा दिल्ली सरकार के विकास कार्यों को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनता को केवल भ्रमित किया, जबकि मौजूदा सरकार यमुना की सफाई और दिल्ली के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सिंह ने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार अपने संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रही है।

आगे क्या होगा

अगले सप्ताह प्रस्तावित समझौते के बाद डेयरी अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है। रिज क्षेत्र की 5,000 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना और नरेला जेल परियोजना की प्रगति यह तय करेगी कि राजधानी की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ये घोषणाएँ कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नदी का प्रदूषण स्तर आज भी गंभीर बना हुआ है। नांगली और गोगा डेयरी में उपचार संयंत्र और प्रस्तावित समझौता सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि ये कदम वास्तव में यमुना में प्रदूषण भार को मापने योग्य तरीके से कम करते हैं या नहीं। रिज क्षेत्र की 5,000 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना स्वागत योग्य है, पर इसके क्रियान्वयन की निगरानी और अतिक्रमण रोकने की व्यवस्था पर अभी कोई स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेला हाई सिक्योरिटी जेल परियोजना क्या है और इससे दिल्ली को क्या फायदा होगा?
नरेला हाई सिक्योरिटी जेल दिल्ली में प्रस्तावित एक उच्च सुरक्षा कारागार परियोजना है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान गति मिली। दिल्ली मंत्री आशीष सूद के अनुसार यह परियोजना राजधानी की समग्र सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी।
दिल्ली के रिज क्षेत्र की 5,000 हेक्टेयर भूमि को अधिसूचित क्यों किया गया?
रिज क्षेत्र को दिल्ली के 'फेफड़ों' के रूप में जाना जाता है और इसकी 5,000 हेक्टेयर भूमि को पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिसूचित किया गया है। यह कदम लंबे समय से लंबित था और इसका उद्देश्य शहरी वन क्षेत्र को अतिक्रमण व विकास दबाव से बचाना है।
यमुना सफाई के लिए अगले सप्ताह कौन-सा समझौता होने वाला है?
दिल्ली मंत्री आशीष सूद के अनुसार अगले सप्ताह एक समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिसके तहत दिल्ली की डेयरियों से निकलने वाले गोबर के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। इससे यमुना में प्रदूषण कम होने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अमित शाह के दिल्ली दौरे में कौन-कौन सी परियोजनाएँ शुरू हुईं?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे में डीटीसी की 300 नई बसों को हरी झंडी दिखाई गई, परिवहन क्षेत्र के आधुनिक ऑटोमेटेड केंद्रों की शुरुआत हुई, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को आगे बढ़ाया गया और नरेला जेल परियोजना को भी गति मिली।
पूर्ववर्ती सरकारों पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
BJP नेता पंकज सिंह और मंत्री आशीष सूद ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे यमुना सफाई सहित कई योजनाएँ आगे नहीं बढ़ सकीं। सिंह ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जनता को केवल भ्रमित किया।
राष्ट्र प्रेस
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