अनंतनाग में धार्मिक स्थलों के संरक्षण को ₹10.95 करोड़: जियारत शरीफ और शिव मंदिर दोनों को मिला फंड
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर सरकार ने अनंतनाग जिले के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों के संरक्षण और उन्नयन के लिए कुल ₹10.95 करोड़ की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह राशि दो अलग-अलग परियोजनाओं के लिए मंजूर की गई है — एक मुस्लिम धार्मिक स्थल और एक हिंदू मंदिर। यह निर्णय घाटी में सर्वधर्म सम्भाव की नीति को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किसे मिली कितनी राशि
जियारत शरीफ खिरम के जीर्णोद्धार और नवीनीकरण के लिए ₹5.03 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, बिजबेहरा के थजीवाड़ा स्थित शिव मंदिर की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए ₹5.92 करोड़ आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, ये परियोजनाएँ दोनों स्थलों की पवित्रता और विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाएँगी।
हिंदू धार्मिक स्थलों की उपेक्षा: ३६ साल का संकट
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कश्मीर में हिंदू धार्मिक स्थलों का संरक्षण दशकों से एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। आतंकवाद के चलते कश्मीरी पंडित समुदाय के जबरन पलायन के बाद पिछले 36 वर्षों से अधिक समय से घाटी के अनेक हिंदू मंदिर और धार्मिक स्थल बिना देखरेख के उपेक्षित पड़े हैं। इन स्थलों पर अतिक्रमण और भूमि अधिग्रहण की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि उपेक्षित हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भूमि अतिक्रमण और कब्जे से सुरक्षित किया जाए। इस न्यायिक हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक सक्रियता में कुछ वृद्धि देखी गई है।
पुनरुद्धार की कोशिशें
कश्मीर में हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों में सरकारी वित्त पोषित नवीनीकरण परियोजनाएँ, न्यायालय के आदेश पर सुरक्षात्मक उपाय और ऐतिहासिक पूजा स्थलों को पुनः खोलने की पहल शामिल हैं। श्रीनगर में 300 वर्ष पुराने आनंदीश्वर मंदिर और शिरल नाथ मंदिर सहित दर्जनों स्थलों पर नियमित पूजा-अर्चना पुनः आरंभ हो चुकी है।
स्थानीय नेतृत्व ने विस्थापित समुदाय की संपत्तियों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने पर विचार-विमर्श की बात भी कही है।
आगे की राह
थजीवाड़ा के शिव मंदिर के लिए सोमवार को घोषित ₹5.92 करोड़ की स्वीकृति को अधिकारी हिंदू धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार की दिशा में एक ठोस कदम बता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के द्विधार्मिक निवेश से घाटी में सांप्रदायिक सौहार्द को बल मिलेगा, बशर्ते परियोजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी और समयबद्ध हो।