उमा भगवती मंदिर प्रतिष्ठान दिवस: मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने अनंतनाग में की पूजा-अर्चना, संरक्षण का दिया आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने 22 जुलाई 2025 को अनंतनाग जिले के शांगुस स्थित उमानगरी में माता उमा भगवती मंदिर का दौरा किया और मूर्ति प्रतिष्ठान दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह समारोह उमा भगवती अस्थापन ट्रस्ट द्वारा आयोजित दो दिवसीय यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ। इस प्राचीन मंदिर का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह जुलाई 2024 में 34 वर्षों की लंबी बंदी के बाद पुनः श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।
समारोह में क्या हुआ
मुख्य सचिव डुल्लू ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और जम्मू-कश्मीर के लोगों की शांति, समृद्धि एवं खुशहाली के लिए माता का आशीर्वाद माँगा। उन्होंने कलश पूजा सहित मूर्ति प्रतिष्ठान दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर अनंतनाग के उपायुक्त डॉ. बिलाल मोहिउद्दीन भट, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रस्ट के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सरकार की प्रतिबद्धता
मंदिर में जारी विरासत संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सरकार ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के ऐसे स्थलों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर की चल रही विकास परियोजना में अतिरिक्त कार्यों को भी सम्मिलित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें और मंदिर की पवित्रता समग्र रूप से सुरक्षित रहे।
उमा भगवती मंदिर का महत्व
उमा भगवती मंदिर अनंतनाग का एक प्राचीन हिंदू तीर्थ है, जिसकी पहचान यहाँ मौजूद पाँच प्राकृतिक जल स्रोतों (झरनों) से है। यह मंदिर कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। गौरतलब है कि 1990 के दशक में घाटी में हुई उथल-पुथल के बाद यह मंदिर बंद हो गया था और 34 वर्षों बाद जुलाई 2024 में इसे पुनः खोला गया — जो समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था।
कश्मीरी पंडित समुदाय की पहल
यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीरी पंडित समुदाय घाटी में अपने पैतृक धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और संरक्षण की दिशा में शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहा है। पुनर्वास की बजाय समुदाय फिलहाल मंदिरों और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रवासी कश्मीरी पंडितों के सहयोग और स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी से यह पहल पुराने धार्मिक स्थलों को फिर से जीवंत बना रही है।
ट्रस्ट की प्रतिक्रिया
उमा भगवती अस्थापन ट्रस्ट ने समारोह में शामिल होने और मंदिर के संरक्षण एवं विकास के लिए निरंतर सहयोग का आश्वासन देने पर मुख्य सचिव का आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट ने इस धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने में उपायुक्त डॉ. भट की सक्रिय भूमिका की भी सराहना की। आने वाले समय में मंदिर परिसर में विकास कार्यों के पूरा होने के साथ यह तीर्थ स्थल और अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।