6 जुलाई 2026
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कर्नाटक में SIR प्रक्रिया से छेड़छाड़ का आरोप: जोशी-कुमारस्वामी ने CEO को सौंपा ज्ञापन, 7 जुलाई को CEC से मिलेंगे

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कर्नाटक में SIR प्रक्रिया से छेड़छाड़ का आरोप: जोशी-कुमारस्वामी ने CEO को सौंपा ज्ञापन, 7 जुलाई को CEC से मिलेंगे

सारांश

एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने कर्नाटक में SIR प्रक्रिया को लेकर सीधे राज्य सरकार पर निशाना साधा है। CEO को ज्ञापन सौंपने के बाद अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त तक पहुँचने की चेतावनी — यह विवाद राज्य की चुनावी तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी ने 6 जुलाई 2026 को कर्नाटक के CEO वी.
अंबु कुमार को ज्ञापन सौंपा।
आरोप: कांग्रेस सरकार अनिवार्य घर-घर सत्यापन के बजाय समूहों में जनगणना प्रपत्र वितरित कर ECI दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रही है।
ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण के चयनित बूथों पर अलग जनगणना कराने का भी आरोप लगाया गया।
CEO ने जांच का आश्वासन दिया; एनडीए ने कथित अनियमितताओं के विस्तृत साक्ष्य सौंपे।
संतोषजनक कार्रवाई न होने पर 7 जुलाई को नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलने की चेतावनी।

केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी ने 6 जुलाई 2026 को बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अंबु कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य में जारी विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को जानबूझकर पटरी से उतारने की कोशिश कर रहे हैं। एनडीए प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशानिर्देशों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे 7 जुलाई को नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात करेंगे।

मुख्य आरोप और ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, एचडी कुमारस्वामी, शोभा करंदलाजे और कर्नाटक के कई वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शामिल थे। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री जोशी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अनिवार्य घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय समूहों में जनगणना प्रपत्र वितरित करके ECI की निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन कर रही है।

जोशी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने लोगों को झुंड में ले जाकर जनगणना प्रपत्र वितरित किए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण के अंतर्गत चयनित बूथों पर अलग से जनगणना की जा रही है, जबकि उनके अनुसार राज्य सरकार को ऐसा करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।

CEO से मिला आश्वासन

जोशी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी और आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। एनडीए ने विशेष रूप से उन स्थानों पर पुनर्गणना की मांग की है जहाँ कथित तौर पर अनियमितताएँ हुई हैं। प्रतिनिधिमंडल ने CEO को कथित अनियमितताओं के विस्तृत साक्ष्य भी सौंपे।

सरकार की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि इस ज्ञापन और प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय तक कर्नाटक सरकार या मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया चल रही है और विभिन्न दलों के बीच इसकी निष्पक्षता को लेकर तनाव बना हुआ है।

आगे क्या होगा

एनडीए नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मुख्य निर्वाचन अधिकारी स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की जाएगी। यह कदम SIR प्रक्रिया की विश्वसनीयता और कर्नाटक में आगामी चुनावी तैयारियों पर राजनीतिक संघर्ष को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है। असली सवाल यह है कि ECI स्वयं इस पर क्या रुख अपनाती है — क्योंकि यदि CEO स्तर पर जांच के बाद आरोप निराधार निकले, तो एनडीए की विश्वसनीयता दांव पर होगी; और यदि अनियमितताएँ साबित हुईं, तो यह राज्य सरकार के लिए गंभीर संवैधानिक संकट बन सकता है।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में SIR प्रक्रिया क्या है और विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन संशोधन एक प्रक्रिया है जिसके तहत भारतीय निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों को अद्यतन करता है, जिसमें घर-घर जाकर सत्यापन अनिवार्य है। एनडीए का आरोप है कि कर्नाटक सरकार इस प्रक्रिया में ECI के दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रही है।
प्रल्हाद जोशी और कुमारस्वामी ने किस पर क्या आरोप लगाए?
दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वे घर-घर सत्यापन की जगह समूहों में फॉर्म वितरित कर रहे हैं और ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण के बूथों पर अलग जनगणना करा रहे हैं, जो संवैधानिक रूप से अनुचित है।
CEO वी. अंबु कुमार ने ज्ञापन पर क्या कहा?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने एनडीए प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनी और मामले की जांच का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कथित अनियमितताओं के विस्तृत साक्ष्य भी उन्हें सौंपे।
एनडीए का अगला कदम क्या होगा?
एनडीए नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि CEO स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मुलाकात की जाएगी।
कर्नाटक सरकार ने इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ज्ञापन सौंपे जाने और प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय तक कर्नाटक सरकार या मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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