11 अगस्त 2026
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कालकाजी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण और गंदगी से श्रद्धालु परेशान, महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने प्रशासन से माँगा तत्काल हस्तक्षेप

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कालकाजी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण और गंदगी से श्रद्धालु परेशान, महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने प्रशासन से माँगा तत्काल हस्तक्षेप

सारांश

कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने मंदिर मार्ग पर बढ़ती गंदगी और अनधिकृत दुकानों को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना इस सिद्धपीठ की गरिमा के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

मुख्य बातें

कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने 17 जून 2026 को मंदिर मार्ग पर गंदगी और अतिक्रमण को लेकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की माँग की।
श्मशान घाट से लोटस टेंपल तक बड़ी संख्या में अनधिकृत दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित है।
सड़क किनारे भंडारों के बाद पत्तलों और कचरे का ढेर श्रद्धालुओं के लिए असुविधा का कारण बन रहा है।
महंत ने वेंडरों के उचित सत्यापन और रिकॉर्ड रखने की माँग की, ताकि सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित हो सके।
पहले भी कई बार अधिकारियों को सुझाव दिए गए, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ।

कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने 17 जून 2026 को मंदिर परिसर के बाहर बढ़ती गंदगी और अनधिकृत दुकानों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से तत्काल कार्रवाई की माँग की। उनका कहना है कि नई दिल्ली के इस प्रतिष्ठित सिद्धपीठ की गरिमा अतिक्रमण और अस्वच्छता के कारण लगातार प्रभावित हो रही है।

मुख्य घटनाक्रम

महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि कालकाजी मंदिर एक सिद्धपीठ है, जहाँ प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। इसके बावजूद मंदिर के प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्र में गंदगी का अंबार देखने को मिलता है, जिससे भक्तों की धार्मिक भावना आहत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्मशान घाट से लेकर लोटस टेंपल तक बड़ी संख्या में अनधिकृत दुकानें संचालित हो रही हैं।

महंत ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर सड़क किनारे भंडारों का आयोजन होता है, जिसके बाद उपयोग किए गए पत्तलों और कचरे का ढेर लग जाता है। इससे मंदिर जाने वाले मार्ग पर गंदगी फैलती है और श्रद्धालुओं को असुविधा उठानी पड़ती है।

प्रशासन से अपील

महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने प्रशासन से माँग की कि मंदिर मार्ग को पूरी तरह स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त रखा जाए। उन्होंने स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों से भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उनके अनुसार, कालकाजी मंदिर क्षेत्र लंबे समय से स्थानीय नेताओं की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।

गौरतलब है कि पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को टेलीफोन के माध्यम से सुझाव दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राजधानी के धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छता और अतिक्रमण की समस्या एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

वेंडरों के सत्यापन की माँग

महंत ने मंदिर परिसर और आसपास व्यापार करने वाले वेंडरों के उचित सत्यापन और रिकॉर्ड रखने की माँग की। उनका मानना है कि इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत होगी, बल्कि क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मंदिर के बाहर मौजूद सभी अनधिकृत दुकानों को तत्काल हटाया जाना चाहिए।

आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर

कालकाजी मंदिर में प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु आते हैं और त्योहारों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। अतिक्रमण और अस्वच्छता के कारण भक्तों को न केवल शारीरिक असुविधा होती है, बल्कि धार्मिक स्थल की गरिमा भी प्रभावित होती है। महंत का कहना है कि यह स्थिति एक सिद्धपीठ के अनुरूप कदापि नहीं है।

क्या होगा आगे

महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत की इस माँग के बाद देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन और नगर निगम कितनी तेज़ी से कार्रवाई करते हैं। यदि शीघ्र हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो मंदिर प्रबंधन द्वारा आगे और कदम उठाए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे अनदेखा करना उचित नहीं। जब तक जवाबदेही तय नहीं होती और नियमित निगरानी का ढाँचा नहीं बनता, ऐसी अपीलें महज़ बयानबाज़ी तक सीमित रहने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कालकाजी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण की समस्या क्या है?
श्मशान घाट से लोटस टेंपल तक बड़ी संख्या में अनधिकृत दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे मंदिर मार्ग पर गंदगी फैलती है और श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। सड़क किनारे भंडारों के बाद पत्तलों और कचरे का ढेर स्थिति को और बदतर बना देता है।
महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने प्रशासन से क्या माँगें रखी हैं?
महंत ने स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से मंदिर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाने की माँग की है। साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर के आसपास व्यापार करने वाले वेंडरों के उचित सत्यापन और रिकॉर्ड रखने पर भी जोर दिया है।
क्या पहले भी इस समस्या को लेकर शिकायतें की गई थीं?
हाँ, महंत के अनुसार पहले भी कई बार टेलीफोन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को सुझाव दिए गए थे, लेकिन स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ। यही कारण है कि उन्होंने अब सार्वजनिक रूप से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।
वेंडर सत्यापन की माँग क्यों की जा रही है?
महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत का मानना है कि मंदिर परिसर के आसपास व्यापार करने वाले लोगों का उचित सत्यापन होने से सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत होगी और क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी। अनधिकृत वेंडरों की मौजूदगी सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंताजनक मानी जा रही है।
कालकाजी मंदिर का धार्मिक महत्व क्या है?
कालकाजी मंदिर नई दिल्ली का एक प्रतिष्ठित सिद्धपीठ है, जहाँ प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यहाँ भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे मंदिर मार्ग की स्वच्छता और व्यवस्था और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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