17 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कमलनाथ का BJP सरकार पर हमला: ₹30 लाख करोड़ के निवेश दावे, असल FDI सिर्फ ₹708 करोड़

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कमलनाथ का BJP सरकार पर हमला: ₹30 लाख करोड़ के निवेश दावे, असल FDI सिर्फ ₹708 करोड़

सारांश

₹30 लाख करोड़ के निवेश दावे, ज़मीन पर सिर्फ ₹708 करोड़ — कमलनाथ ने DPIIT के आँकड़ों से BJP सरकार को घेरा। मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय FDI हिस्सेदारी मात्र 0.14%, पड़ोसी राज्यों से भी पीछे। असली सवाल: क्या इवेंट्स से निवेश आता है?

मुख्य बातें

कमलनाथ ने 17 अगस्त को BJP सरकार के निवेश दावों पर DPIIT के आँकड़ों के आधार पर सवाल उठाए।
सरकार के दावे के अनुसार 2025-26 में ₹30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले, लेकिन वास्तविक FDI इक्विटी इनफ्लो सिर्फ ₹708.06 करोड़ रहा।
देश के कुल विदेशी निवेश में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 2025-26 में मात्र 0.14 प्रतिशत रही।
राज्य पड़ोसी राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी FDI इनफ्लो में पीछे रहा।
कमलनाथ ने कहा — 'निवेश भरोसे से आता है, इवेंट्स और प्रचार से नहीं।'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार, 17 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार के निवेश दावों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के आधिकारिक आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश को घोषित ₹30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों के मुकाबले वास्तविक एफडीआई इक्विटी इनफ्लो मात्र ₹708.06 करोड़ रहा।

निवेश दावे और ज़मीनी हकीकत

कमलनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने दावा किया था कि मध्य प्रदेश को वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ₹30 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। लेकिन DPIIT के एफडीआई इक्विटी इनफ्लो डेटा के अनुसार, इस पूरे वर्ष के दौरान राज्य में वास्तविक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश केवल ₹708.06 करोड़ रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह संभव है कि ₹30 लाख करोड़ के प्रस्ताव आएँ और वास्तविक निवेश ₹1,000 करोड़ भी न हो?

पड़ोसी राज्यों से भी पीछे मध्य प्रदेश

कमलनाथ के अनुसार, निवेश इनफ्लो के मामले में मध्य प्रदेश अपने पड़ोसी राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी पिछड़ा रहा। 2025-26 के दौरान देश में आए कुल विदेशी निवेश में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी मात्र 0.14 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि यह आँकड़ा राज्य की निवेश आकर्षण क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

BJP पर इवेंट्स और प्रचार का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि BJP सरकार वास्तविक निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने की बजाय इवेंट्स और प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा, "निवेश भरोसे से आता है। निवेश अपने-आप नहीं आता; उसे आकर्षित करना पड़ता है।" उनका कहना था कि निवेश प्रस्तावों को तब तक आर्थिक गतिविधि का पैमाना नहीं माना जा सकता, जब तक उनसे परियोजनाएँ, पूँजी का प्रवाह और रोज़गार सृजन न हो।

राजनीतिक संदर्भ

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार निरंतर मध्य प्रदेश को निवेशकों के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई वैश्विक निवेशक सम्मेलनों का आयोजन किया है, जिनमें बड़े निवेश प्रस्तावों की घोषणाएँ हुई हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रस्तावों और वास्तविक निवेश के बीच की यह खाई नीतिगत क्रियान्वयन की कमज़ोरी को उजागर करती है।

आगे की स्थिति

कमलनाथ की इस चुनौती के बाद अब राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BJP सरकार DPIIT के आँकड़ों और अपने निवेश दावों के बीच के अंतर का स्पष्टीकरण किस तरह देती है, और क्या वह वास्तविक निवेश रूपांतरण के ठोस प्रमाण सामने रख पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश में 'निवेश सम्मेलन संस्कृति' की एक बुनियादी समस्या को उजागर करती है — जहाँ MoU और प्रस्ताव सुर्खियाँ बनते हैं, पर रूपांतरण दर पर कोई जवाबदेही नहीं होती। 0.14% की राष्ट्रीय हिस्सेदारी यह भी बताती है कि मध्य प्रदेश का औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र — बुनियादी ढाँचा, नियामक सुगमता, कौशल — अभी भी निवेशकों को वास्तविक प्रतिबद्धता तक नहीं ले जा पा रहा। BJP सरकार को संख्याओं का खंडन नहीं, बल्कि रूपांतरण का रोडमैप देना होगा।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के निवेश दावों पर क्या सवाल उठाए?
कमलनाथ ने DPIIT के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 2025-26 में राज्य सरकार के ₹30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव के दावे के मुकाबले वास्तविक FDI इक्विटी इनफ्लो सिर्फ ₹708.06 करोड़ रहा। उन्होंने इसे BJP की 'इवेंट्स और प्रचार' की राजनीति का नतीजा बताया।
DPIIT के अनुसार मध्य प्रदेश में 2025-26 में कितना FDI आया?
DPIIT के FDI इक्विटी इनफ्लो डेटा के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश को केवल ₹708.06 करोड़ का वास्तविक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त हुआ। यह देश के कुल FDI का मात्र 0.14 प्रतिशत है।
मध्य प्रदेश की FDI स्थिति पड़ोसी राज्यों से कैसी है?
कमलनाथ के अनुसार, 2025-26 में FDI इनफ्लो के मामले में मध्य प्रदेश अपने पड़ोसी राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी पीछे रहा। राज्य की राष्ट्रीय हिस्सेदारी 0.14% रही, जो इसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर सवाल उठाती है।
निवेश प्रस्ताव और वास्तविक निवेश में क्या फर्क होता है?
निवेश प्रस्ताव (MoU या आशय पत्र) वे घोषणाएँ होती हैं जो निवेशक सम्मेलनों में की जाती हैं, जबकि वास्तविक निवेश वह पूँजी है जो ज़मीन पर परियोजनाओं, रोज़गार और उत्पादन में रूपांतरित होती है। कमलनाथ ने कहा कि जब तक प्रस्ताव से प्रोजेक्ट, पूँजी प्रवाह और रोज़गार न बनें, तब तक उन्हें आर्थिक गतिविधि का पैमाना नहीं माना जा सकता।
BJP सरकार पर कमलनाथ के आरोपों का क्या जवाब आया है?
कमलनाथ के बयान के बाद अभी तक राज्य की BJP सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राज्य सरकार लगातार मध्य प्रदेश को निवेशकों के लिए अनुकूल गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले