कमलनाथ का मोहन यादव सरकार पर हमला: NCRB रिपोर्ट में MP आदिवासी अत्याचार में पहले, दलित में दूसरे स्थान पर

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कमलनाथ का मोहन यादव सरकार पर हमला: NCRB रिपोर्ट में MP आदिवासी अत्याचार में पहले, दलित में दूसरे स्थान पर

सारांश

NCRB की 2024 रिपोर्ट ने मध्य प्रदेश को आदिवासी अत्याचार में देश में पहले और दलित अत्याचार में दूसरे स्थान पर रखा है। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने इसे BJP सरकार की विफलता करार दिया है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया — आँकड़ों पर सीधा जवाब अभी बाकी है।

मुख्य बातें

NCRB 2024 रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश आदिवासी अत्याचार के मामलों में देश में पहले स्थान पर रहा।
दलितों पर अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोहन यादव सरकार को दलित और आदिवासी विरोधी करार दिया।
BJP ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया; NCRB आँकड़ों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी नहीं आई।
कांग्रेस इस रिपोर्ट को सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल कर रही है।

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 8 मई 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि यह सरकार दलित और आदिवासी विरोधी है। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) पर अत्याचार के मामले अत्यंत चिंताजनक स्तर पर हैं।

NCRB रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की स्थिति

NCRB की हाल में जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा, जबकि दलितों पर अत्याचार के मामलों में राज्य दूसरे स्थान पर रहा। कमलनाथ ने इसे राज्य सरकार की नीतिगत विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि ये आँकड़े सरकारी दस्तावेज़ों पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें नकारा नहीं जा सकता।

कमलनाथ के आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि NCRB रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि प्रदेश का आदिवासी समाज देश में सबसे ज़्यादा अत्याचारों का सामना कर रहा है। उनके अनुसार, BJP सरकार आदिवासियों को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आगे कहा कि दलितों पर अत्याचार के मामले में प्रदेश का देश में दूसरे स्थान पर होना यह बताता है कि राज्य में दलितों की स्थिति कितनी गंभीर है।

कांग्रेस की रणनीति

राज्य की कांग्रेस इकाई लगातार कानून-व्यवस्था और दलित-आदिवासी अत्याचार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही है। NCRB की 2024 की रिपोर्ट आने के बाद कांग्रेस ने इसे सत्तारूढ़ सरकार को घेरने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्ष सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर लगातार सवाल उठा रहा है।

BJP का पक्ष

दूसरी ओर, BJP का दावा है कि मोहन यादव सरकार दलित, आदिवासी और तमाम वर्गों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है, हालाँकि NCRB के आँकड़ों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और गरमाने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस NCRB के आँकड़ों को आधार बनाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में है। दलित और आदिवासी समुदायों की सुरक्षा और न्याय का सवाल अब विधानसभा से लेकर ज़मीनी स्तर तक राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कांग्रेस ने। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि अत्याचार के मामलों की संख्या केवल पंजीकरण की दर को दर्शाती है, न कि अनिवार्य रूप से अपराध की दर को — बेहतर रिपोर्टिंग तंत्र वाले राज्यों में संख्या स्वाभाविक रूप से अधिक दिखती है। असली सवाल यह है कि दर्ज मामलों में सज़ा की दर क्या है और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल रहा है या नहीं — जो NCRB रिपोर्ट में दर्ज होता है लेकिन राजनीतिक बहस में अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाता है। मध्य प्रदेश में दलित-आदिवासी मुद्दा चुनावी दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएँ आँकड़ों की पूरी तस्वीर से ज़्यादा राजनीतिक स्थिति-निर्धारण को दर्शाती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCRB रिपोर्ट 2024 में मध्य प्रदेश की रैंकिंग क्या है?
NCRB की 2024 रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश आदिवासियों पर अत्याचार के मामलों में देश में पहले स्थान पर और दलितों पर अत्याचार के मामलों में दूसरे स्थान पर रहा। यह रिपोर्ट हाल ही में जारी की गई है।
कमलनाथ ने मोहन यादव सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कमलनाथ ने NCRB रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि BJP सरकार आदिवासियों को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही है और मध्य प्रदेश की BJP सरकार पूरी तरह दलित और आदिवासी विरोधी है। उन्होंने कहा कि सरकारी आँकड़े खुद इस बात की गवाही दे रहे हैं।
BJP ने कांग्रेस के आरोपों पर क्या कहा?
BJP ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और दावा किया है कि मोहन यादव सरकार दलित, आदिवासी और सभी वर्गों के जीवन स्तर में सुधार के लिए काम कर रही है। हालाँकि NCRB के आँकड़ों पर सरकार की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
NCRB रिपोर्ट में अत्याचार के आँकड़े क्यों महत्वपूर्ण हैं?
NCRB रिपोर्ट पुलिस थानों में दर्ज मामलों पर आधारित होती है और यह SC-ST समुदायों की सुरक्षा स्थिति का एक महत्वपूर्ण सरकारी संकेतक है। इन आँकड़ों के आधार पर नीति-निर्माण, बजट आवंटन और न्यायिक प्राथमिकताएँ तय होती हैं।
मध्य प्रदेश में दलित-आदिवासी मुद्दा राजनीतिक रूप से क्यों संवेदनशील है?
मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा है, जिससे यह वर्ग चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों प्रमुख दल — BJP और कांग्रेस — इस समुदाय का समर्थन हासिल करने की कोशिश में रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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