करौली में 15 वर्षीय किशोर को जंगल में ले जाकर पीटा, जातिसूचक गालियाँ दीं; वीडियो वायरल
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के करौली जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में 28 जून की शाम एक 15 वर्षीय नाबालिग अमन जाटव के साथ कथित तौर पर अपहरण कर जंगल में ले जाने, बेरहमी से मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित की माँ भावना जाटव की शिकायत पर पुलिस ने 1 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की तलाश में विशेष टीम गठित कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
28 जून की शाम लगभग 6 बजे अमन जाटव, जो गुलाब बाग क्षेत्र की एक मिठाई की दुकान पर काम करता है, काम से घर लौट रहा था। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, रास्ते में गुडला निवासी अभिषेक गुर्जर अपने तीन-चार साथियों के साथ मिला और किशोर पर दुकान से पैसे लाने का दबाव बनाने लगा। किशोर द्वारा मना करने पर आरोपियों ने उसे जबरन एक कार में बैठाकर गुडला बांध के पास जंगल में ले गए।
रिपोर्ट में आरोप है कि जंगल में आरोपियों ने किशोर को जमीन पर पटक-पटककर पीटा और उल्टा लटकाकर भी मारा। आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।
पीड़ित की स्थिति
मारपीट में घायल किशोर के हाथ, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। वह फिलहाल जिला अस्पताल, करौली में उपचाराधीन है। पीड़ित की माँ भावना जाटव ने बताया कि उनका परिवार पुत्र की कमाई पर ही निर्भर है। उन्होंने रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने किशोर का मोबाइल फोन और घड़ी भी छीन ली। परिवार ने पुलिस से अपनी सुरक्षा की माँग भी की है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
करौली डीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जाँच की जा रही है और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
आम जनता पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान में दलित और पिछड़े वर्गों के विरुद्ध जातीय हिंसा की घटनाओं को लेकर पहले से ही चिंता जताई जाती रही है। गौरतलब है कि नाबालिग के खिलाफ इस तरह की हिंसा और वीडियो वायरल होने से सामाजिक संगठनों में रोष है और त्वरित कार्रवाई की माँग उठ रही है। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी न होने पर विरोध-प्रदर्शन की आशंका भी जताई जा रही है।
क्या होगा आगे
पुलिस द्वारा गठित विशेष टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय है। मामले में अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। अदालत में आरोप-पत्र दाखिल होने के बाद न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।