अंबेडकर विकास निगम में ₹14.95 करोड़ की धोखाधड़ी: ईडी की कार्रवाई, भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने 17 अक्टूबर 2026 को राज्य की कांग्रेस सरकार पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर विकास निगम (एडीसीएल) में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनके अनुसार, अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए आवंटित ₹14.95 करोड़ की राशि कथित तौर पर फर्जी बैंक खातों, जाली दस्तावेजों और समयपूर्व सावधि जमा (एफडी) निकासी के जरिए हड़प ली गई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की 14 अक्टूबर की प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर अशोक ने यह मुद्दा उठाया।
धोखाधड़ी का तरीका: फर्जी खाता और जाली दस्तावेज
ईडी की जांच में सामने आया कि बेंगलुरु स्थित स्टेट बैंक ऑफ मैसूर की एचएएल सेकंड स्टेज शाखा में अंबेडकर विकास निगम के नाम पर एक फर्जी चालू खाता खोला गया। इसके बाद निगम की पाँच-पाँच करोड़ रुपये की चार सावधि जमाओं को जाली टर्म डिपॉजिट रसीद (टीडीआर/एफडीआर) और फर्जी समयपूर्व निकासी पत्रों का सहारा लेकर बंद करा दिया गया।
ईडी के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में पहचान संबंधी धोखाधड़ी का भी इस्तेमाल किया गया — अर्थात किसी दूसरे व्यक्ति के रूप में पहचान प्रस्तुत कर लेनदेन को अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी ने पाया कि अपराध से प्राप्त धन को कई व्यक्तियों और संस्थाओं के बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया और मूल स्रोत को छिपाने के लिए रकम को नकद में भी निकाला गया।
ईडी की कानूनी कार्रवाई
ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने इस मामले में अयूब सैयद समेत पाँच आरोपियों के विरुद्ध 5 अक्टूबर को बेंगलुरु की धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गठित विशेष अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, बेंगलुरु में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जो भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत दर्ज की गई थी।
इससे पूर्व, 25 मार्च 2026 को ईडी ने इस धनशोधन मामले में 15 आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी और ₹6.02 करोड़ की संपत्तियाँ जब्त करने की माँग की थी। इसके अलावा, 22 जुलाई को दूसरे अस्थायी कुर्की आदेश के तहत एक आरोपी की ₹24 लाख मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क की गई।
भाजपा का राजनीतिक हमला
नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने इस प्रकरण को महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम के कथित घोटाले से जोड़ते हुए कहा कि यह कर्नाटक में वित्तीय धोखाधड़ी की एक और घटना है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए पूछा, 'राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक न्याय की बात करते हैं, जबकि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण के लिए निर्धारित धन के कथित दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं।'
अशोक ने यह भी कहा कि भाजपा पारदर्शिता और जवाबदेही की माँग जारी रखेगी और कथित घोटालों में संलिप्त लोगों को न्याय के कटघरे में लाने तक पीछे नहीं हटेगी। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पहले से ही कई विवादों के घेरे में है।
आगे क्या होगा
पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज किए गए बयानों से भी संकेत मिला है कि कथित धनशोधन प्रक्रिया के तहत धनराशि को जानबूझकर प्राप्त किया गया, स्थानांतरित किया गया और निकाला गया। ईडी की जांच अभी जारी है और विशेष अदालत में मामले की सुनवाई आगे बढ़ने के साथ इस प्रकरण के और पहलू सामने आने की संभावना है।