कर्नाटक बस किराया वृद्धि: BJP का आरोप — ₹5,650.95 करोड़ बकाया रोककर जनता पर बोझ डाल रही है कांग्रेस
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने परिवहन निगमों का ₹5,650.95 करोड़ का बकाया रोककर उन्हें वित्तीय संकट में धकेल दिया है और इस विफलता को छुपाने के लिए बस किराए में 40 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है।
बकाये का विवरण: निगमवार आँकड़े
अशोक के अनुसार, सरकार पर कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) का ₹2,943 करोड़, नॉर्थ वेस्ट कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (NWKRTC) का ₹1,306 करोड़, बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (BMTC) का ₹1,019 करोड़ और कल्याण कर्नाटक रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KKRTC) का ₹999 करोड़ बकाया है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के भविष्य निधि का ₹2,901.53 करोड़ और ईंधन का ₹827.37 करोड़ भी चुकाया नहीं गया है।
उन्होंने बताया कि मई 2026 तक इन निगमों की कुल देनदारी — वेतन, भविष्य निधि और ग्रेच्युटी बकाया सहित — ₹7,130.80 करोड़ तक पहुँच चुकी थी।
मैदानी हालात: बसें चलाना हो रहा मुश्किल
अशोक ने आरोप लगाया कि निगम अब डीजल और पुर्जों की खरीद तक के लिए जूझ रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर कुछ घटनाओं का हवाला दिया — जैसे बसों का स्टीयरिंग व्हील निकल जाना, यात्रियों द्वारा बसों को धक्का देना, और एक बस का बिना हेडलाइट्स के मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में चलाया जाना। गौरतलब है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
BJP का अपने शासन से तुलनात्मक दावा
परिवहन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए अशोक ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में इन निगमों ने पाँच वर्षों तक लाभ दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि तब विभाग ने अपने स्वयं के कोष से 1,110 एकड़ भूमि खरीदी थी, जिससे लगभग ₹10,000 करोड़ का लैंड-बैंक तैयार हुआ था, और परिवहन टर्मिनलों व वाणिज्यिक परिसरों से ₹40-50 करोड़ का वार्षिक किराया राजस्व भी प्राप्त हुआ था।
दूध-दही की कीमतें और आम परिवार पर असर
अशोक ने बस किराए के अलावा दूध और दही की कीमतों में हाल में हुई बढ़ोतरी की भी आलोचना की। उनका आरोप है कि सरकार दूध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने का वादा पूरा करने में नाकाम रही, जबकि वित्तीय बोझ उपभोक्ताओं पर डाल दिया गया। उन्होंने दावा किया कि मूल्य संशोधनों से एक औसत परिवार का मासिक खर्च लगभग ₹390 बढ़ जाएगा।
श्वेत पत्र की मांग और 5 नवंबर को प्रदर्शन
अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर वित्तीय सहायता के बिना वादे करने का आरोप लगाते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग की। उन्होंने जनता से किराया वृद्धि के विरुद्ध आंदोलन में शामिल होने की अपील की और घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 5 नवंबर 2026 को बेंगलुरु सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही अपनी गारंटी योजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता को लेकर दबाव में है।