कर्नाटक बस किराया बढ़ोतरी: BJP के आर. अशोक की चेतावनी — वापस नहीं लिया तो सड़कों पर उतरेंगे
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने 2 नवंबर 2026 को बेंगलुरु में कांग्रेस सरकार पर तीखा प्रहार किया और 5 नवंबर से लागू होने वाली प्रस्तावित बस किराया बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह प्रस्ताव नहीं लिया गया तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) सड़कों पर उतरकर जनता के समर्थन में विरोध-प्रदर्शन करेगी। अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दो ही सिद्धांत हैं — 'लोगों को धोखा देना और बिना सोचे-समझे कीमतें बढ़ाना।'
किराया बढ़ोतरी पर BJP का हमला
अशोक ने सवाल उठाया कि पहले दूध की कीमतें बढ़ीं, फिर दही महँगा हुआ और अब बस किराए में भी इज़ाफा होने वाला है — यह सब एक के बाद एक। उन्होंने पूछा, 'पहले दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, फिर दही की कीमतों में और अब 5 नवंबर से बस किराए में भी बढ़ोतरी होने वाली है। क्या यही कांग्रेस सरकार का लोगों के हक में काम करने वाला शासन है?' उन्होंने दूध, दही, बिजली शुल्क, पेयजल शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को लेकर सरकार को आम जनता का दुश्मन करार दिया।
शक्ति स्कीम पर विरोधाभास का आरोप
अशोक ने कांग्रेस की शक्ति स्कीम — जिसके तहत महिलाओं को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा दी जाती है — पर भी निशाना साधा। उनके अनुसार, सरकार एक हाथ से महिलाओं को मुफ्त सफर का वादा देती है, जबकि दूसरे हाथ से पुरुषों समेत पूरे परिवार की जेब पर बोझ डाल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और परिवहन मंत्री बी.एस. सुरेश से सीधे सवाल किया कि क्या राज्य की जनता से कांग्रेस की गारंटी योजनाओं की कीमत वसूली जा रही है।
₹9,000 करोड़ के घाटे पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप
अशोक ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि चार सरकारी परिवहन निगमों को ₹9,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। उनका आरोप था कि सरकार इस वित्तीय कुप्रबंधन की जिम्मेदारी लेने के बजाय उसका बोझ आम जनता पर डाल रही है। उन्होंने कहा, 'वित्तीय प्रबंधन में अपनी नाकामी छिपाने और लोगों पर बोझ डालने के बजाय, सरकार को डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का जिक्र करने से पहले अपनी प्रशासनिक असफलता के लिए जवाब देना चाहिए।'
गारंटी योजनाओं पर कटाक्ष
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपनी गारंटी योजनाओं के तहत वादे करके राज्य की अर्थव्यवस्था को दिवालियेपन की कगार पर धकेल दिया है, जबकि उनके पास इन्हें बनाए रखने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं। अशोक ने कटाक्ष करते हुए कहा, 'कांग्रेस सरकार अब गारंटी के नाम पर लोगों की जेब से पैसे वसूल रही है।' उन्होंने जोड़ा कि आम नागरिकों को 'महँगाई बढ़ाने की गारंटी' नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण और किफायती जीवन की गारंटी चाहिए।
BJP का अगला कदम
अशोक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि प्रस्तावित 'जनविरोधी' बस किराया बढ़ोतरी तत्काल वापस नहीं ली गई, तो BJP सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के वित्त-पोषण के लिए दबाव में है और विपक्ष लगातार सरकारी खर्च की आलोचना कर रहा है। अब नज़रें इस बात पर होंगी कि क्या राज्य सरकार 5 नवंबर से पहले अपना रुख बदलती है।