शक्ति योजना से कर्नाटक के परिवहन निगमों पर ₹9,723 करोड़ का कर्ज: भाजपा नेता आर. अशोक का कांग्रेस पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने 2 सितंबर को आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की शक्ति योजना ने राज्य के सार्वजनिक परिवहन निगमों को गंभीर वित्तीय संकट में धकेल दिया है। उनके अनुसार, चारों सरकारी परिवहन निगमों पर कुल ₹9,723.99 करोड़ का कर्ज है और सरकार पर इन निगमों का ₹5,651.24 करोड़ बकाया है — जो महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा कराने की एवज में दिया जाना था।
मुख्य आरोप और आँकड़े
आर. अशोक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में निगम-वार देनदारियों का विवरण दिया। उनके दावों के अनुसार, केएसआरटीसी पर ₹2,183.49 करोड़, बीएमटीसी पर ₹1,068.90 करोड़, केकेआरटीसी पर ₹1,045.95 करोड़ और एनडब्ल्यूकेआरटीसी पर ₹1,352.90 करोड़ की देनदारी है।
इसके अतिरिक्त, आर. अशोक ने अन्य बकाया राशियों का भी उल्लेख किया — कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड के ₹2,658.18 करोड़, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के ₹538.18 करोड़ और डीजल के ₹1,053.88 करोड़ बकाया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन निगमों के पास डीजल खरीदने, स्पेयर पार्ट्स जुटाने या कर्मचारियों को वेतन और सेवानिवृत्ति लाभ देने तक के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं है।
सरकार पर सीधा हमला
आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस की शक्ति योजना ने कर्नाटक की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ तोड़ दी है। निगमों को कर्ज के जाल में धकेलने के लिए आप कर्नाटक की जनता और परिवहन कर्मचारियों को क्या जवाब देंगे?'
परिवहन मंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, 'बस स्टैंड पर अचानक दौरे कर कैमरों के सामने पोज देने का फोटोशूट ड्रामा बंद कीजिए। फोटो से परिवहन निगम आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, उन्हें सरकार का बकाया पैसा चाहिए।'
स्मार्ट कार्ड में देरी पर भी आपत्ति
आर. अशोक ने सार्वजनिक परिवहन उपयोगकर्ताओं के लिए स्मार्ट कार्ड लाने में हो रही देरी पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ठोस कदम उठाने के बजाय केवल आश्वासन देने में लगी है।
BJP की चेतावनी और माँग
BJP नेता ने सरकार से तत्काल ₹5,651 करोड़ जारी करने की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो BJP परिवहन कर्मचारियों के समर्थन में और कांग्रेस सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, 'अपने राजनीतिक हितों के लिए परिवहन कर्मचारियों के परिवारों को कंगाल मत बनाइए। निगमों को बकाया पैसा तुरंत जारी कीजिए।'
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार अपनी गारंटी योजनाओं के वित्तीय बोझ को लेकर पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है। गौरतलब है कि शक्ति योजना के तहत राज्य में महिलाओं को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा दी जाती है, जिसकी लागत की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा निगमों को की जानी है।