18 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्नाटक: BJP का आरोप — कांग्रेस सरकार ने रोका रागी किसानों का ₹1,611 करोड़ का MSP भुगतान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्नाटक: BJP का आरोप — कांग्रेस सरकार ने रोका रागी किसानों का ₹1,611 करोड़ का MSP भुगतान

सारांश

कर्नाटक में मानसून के साथ ही सियासी तपिश भी बढ़ी। BJP नेता आर. अशोक का दावा — कांग्रेस सरकार ने रागी बेचने वाले 1 लाख से ज़्यादा किसानों का ₹1,611 करोड़ MSP भुगतान रोका है। तुमकुरु, हासन, मैसूर, चिक्कमगलुरु और मांड्या सबसे ज़्यादा प्रभावित। बकाया जारी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी।

मुख्य बातें

अशोक ने कांग्रेस सरकार पर 1 लाख+ किसानों का ₹1,611 करोड़ रागी MSP भुगतान रोकने का आरोप लगाया।
सबसे बड़ा बकाया तुमकुरु में — 34,543 किसानों के ₹370 करोड़ ।
हासन (₹320 करोड़), मैसूर (₹179 करोड़), चिक्कमगलुरु (₹169 करोड़), मांड्या (₹126 करोड़) भी प्रभावित।
बकाया जारी न होने पर भाजपा ने राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन की चेतावनी दी।
अशोक ने मंत्रिमंडल विस्तार में देरी और सिद्दारमैया-शिवकुमार सत्ता संघर्ष पर भी सवाल उठाए।

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार, 3 जून को राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने केंद्र की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के तहत रागी बेचने वाले एक लाख से अधिक किसानों का ₹1,611 करोड़ का बकाया भुगतान रोक रखा है। यह आरोप ऐसे समय आया है जब मानसून दस्तक दे चुका है और किसान बुवाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं।

मुख्य आरोप और आँकड़े

आर. अशोक के अनुसार, बकाया भुगतान में सबसे बड़ा हिस्सा तुमकुरु ज़िले के 34,543 किसानों का ₹370 करोड़ है। इसके अलावा हासन के 29,090 किसानों का ₹320 करोड़, मैसूर के 16,659 किसानों का ₹179 करोड़, चिक्कमगलुरु के 14,297 किसानों का ₹169 करोड़ और मांड्या के 11,521 किसानों का ₹126 करोड़ लंबित बताया गया है।

‘सरकार के पास चार्टर्ड उड़ानों के पैसे, किसानों के नहीं’

विपक्षी नेता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के पास बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों, दिल्ली के लिए चार्टर्ड उड़ानों और पार्टी आलाकमान को खुश करने वाली गतिविधियों के लिए पैसा है, लेकिन किसानों का बकाया चुकाने के लिए नहीं। उन्होंने कहा, ‘एक तरफ किसान खेती के लिए तैयार हो रहे हैं, दूसरी तरफ उन्हें अपनी कड़ी मेहनत से कमाए पैसे पाने के लिए कांग्रेस सरकार का दरवाज़ा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।’

किसानों पर असर और चेतावनी

आर. अशोक ने दावा किया कि बुवाई के मौसम से पहले किसानों को ज़मीन तैयार करने, बीज और खाद ख़रीदने के लिए कथित तौर पर कर्ज़ का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने इसकी वजह ‘न कुदरत, न सूखा, बल्कि कांग्रेस सरकार का दिवालिया प्रशासन’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबित ₹1,611 करोड़ तुरंत जारी नहीं किए गए, तो भाजपा किसानों के साथ मिलकर पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन शुरू करेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार और सिद्दारमैया पर निशाना

विपक्ष के नेता ने राज्य मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को लेकर भी कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि आंतरिक सत्ता संघर्ष और आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चिंताओं के कारण यह प्रक्रिया अटकी हुई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे राज्य को ‘गंभीर वित्तीय संकट’ में छोड़कर नेतृत्व डीके शिवकुमार को सौंपने की तैयारी में हैं, और अब उनके सारे प्रयास अपने बेटे के लिए बड़ा पद हासिल करने पर केंद्रित हैं।

आगे क्या

गौरतलब है कि कर्नाटक में रागी की MSP खरीद कांग्रेस सरकार की प्रमुख कृषि गारंटियों में से एक रही है, और भुगतान में देरी का यह आरोप ऐसे समय आया है जब राज्य पहले से ही नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों से जूझ रहा है। राज्य सरकार की ओर से इन आँकड़ों पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है, जबकि किसान संगठनों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनके पीछे का ज़िला-वार आँकड़ा गंभीर सवाल खड़ा करता है — यदि वाकई एक लाख से अधिक रागी किसानों का बकाया अटका है, तो यह कांग्रेस की ‘गारंटी’ राजनीति की सबसे संवेदनशील नस पर चोट है। कर्नाटक की वित्तीय हालत, पाँच गारंटियों के बोझ और मंत्रिमंडल पुनर्गठन की अटकलों के बीच यह विवाद महज़ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि शासन-क्षमता का परीक्षण है। असली कसौटी यह होगी कि सरकार ज़िला-वार आँकड़ों का खंडन प्रमाणों के साथ करती है या भुगतान जारी कर मामला शांत करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में रागी किसानों का कितना MSP भुगतान बकाया है?
BJP नेता आर. अशोक के अनुसार, राज्य की कांग्रेस सरकार ने रागी बेचने वाले 1 लाख से अधिक किसानों का कुल ₹1,611 करोड़ का MSP भुगतान रोक रखा है। यह आरोप 3 जून को बेंगलुरु में लगाया गया।
किस ज़िले के किसानों का सबसे ज़्यादा भुगतान अटका है?
आर. अशोक द्वारा दिए गए आँकड़ों के अनुसार, तुमकुरु ज़िले के 34,543 किसानों का ₹370 करोड़ का बकाया सबसे बड़ा है। इसके बाद हासन (₹320 करोड़), मैसूर (₹179 करोड़), चिक्कमगलुरु (₹169 करोड़) और मांड्या (₹126 करोड़) का नंबर है।
भाजपा ने सरकार को क्या चेतावनी दी है?
भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित ₹1,611 करोड़ तुरंत जारी नहीं किए गए, तो वह किसानों के साथ मिलकर पूरे कर्नाटक में विरोध-प्रदर्शन शुरू करेगी। आर. अशोक ने इसे किसानों की आजीविका से ‘खिलवाड़’ बताया।
मंत्रिमंडल विस्तार पर आर. अशोक ने क्या कहा?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आलाकमान के स्तर पर आंतरिक सत्ता संघर्ष और आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चिंताओं के कारण कर्नाटक मंत्रिमंडल विस्तार अटका हुआ है। उन्होंने सिद्दारमैया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्य को वित्तीय संकट में छोड़ रहे हैं।
रागी MSP योजना क्या है?
रागी (फिंगर मिलेट) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र सरकार तय करती है, और कर्नाटक राज्य सरकार खरीद एजेंसियों के माध्यम से किसानों से सीधी खरीद करती है। भुगतान आमतौर पर खरीद के कुछ हफ्तों के भीतर किसानों के खातों में जमा किया जाना होता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले