कर्नाटक: BJP का आरोप — कांग्रेस सरकार ने रोका रागी किसानों का ₹1,611 करोड़ का MSP भुगतान
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने बुधवार, 3 जून को राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने केंद्र की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना के तहत रागी बेचने वाले एक लाख से अधिक किसानों का ₹1,611 करोड़ का बकाया भुगतान रोक रखा है। यह आरोप ऐसे समय आया है जब मानसून दस्तक दे चुका है और किसान बुवाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हैं।
मुख्य आरोप और आँकड़े
आर. अशोक के अनुसार, बकाया भुगतान में सबसे बड़ा हिस्सा तुमकुरु ज़िले के 34,543 किसानों का ₹370 करोड़ है। इसके अलावा हासन के 29,090 किसानों का ₹320 करोड़, मैसूर के 16,659 किसानों का ₹179 करोड़, चिक्कमगलुरु के 14,297 किसानों का ₹169 करोड़ और मांड्या के 11,521 किसानों का ₹126 करोड़ लंबित बताया गया है।
‘सरकार के पास चार्टर्ड उड़ानों के पैसे, किसानों के नहीं’
विपक्षी नेता ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार के पास बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों, दिल्ली के लिए चार्टर्ड उड़ानों और पार्टी आलाकमान को खुश करने वाली गतिविधियों के लिए पैसा है, लेकिन किसानों का बकाया चुकाने के लिए नहीं। उन्होंने कहा, ‘एक तरफ किसान खेती के लिए तैयार हो रहे हैं, दूसरी तरफ उन्हें अपनी कड़ी मेहनत से कमाए पैसे पाने के लिए कांग्रेस सरकार का दरवाज़ा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।’
किसानों पर असर और चेतावनी
आर. अशोक ने दावा किया कि बुवाई के मौसम से पहले किसानों को ज़मीन तैयार करने, बीज और खाद ख़रीदने के लिए कथित तौर पर कर्ज़ का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने इसकी वजह ‘न कुदरत, न सूखा, बल्कि कांग्रेस सरकार का दिवालिया प्रशासन’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबित ₹1,611 करोड़ तुरंत जारी नहीं किए गए, तो भाजपा किसानों के साथ मिलकर पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन शुरू करेगी।
मंत्रिमंडल विस्तार और सिद्दारमैया पर निशाना
विपक्ष के नेता ने राज्य मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को लेकर भी कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि आंतरिक सत्ता संघर्ष और आगामी राज्यसभा चुनावों को लेकर चिंताओं के कारण यह प्रक्रिया अटकी हुई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर भी तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे राज्य को ‘गंभीर वित्तीय संकट’ में छोड़कर नेतृत्व डीके शिवकुमार को सौंपने की तैयारी में हैं, और अब उनके सारे प्रयास अपने बेटे के लिए बड़ा पद हासिल करने पर केंद्रित हैं।
आगे क्या
गौरतलब है कि कर्नाटक में रागी की MSP खरीद कांग्रेस सरकार की प्रमुख कृषि गारंटियों में से एक रही है, और भुगतान में देरी का यह आरोप ऐसे समय आया है जब राज्य पहले से ही नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों से जूझ रहा है। राज्य सरकार की ओर से इन आँकड़ों पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है, जबकि किसान संगठनों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में निर्णायक साबित हो सकती है।