कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र को हटाने की 'साजिश' वाला वायरल ऑडियो फर्जी — सदानंद गौड़ा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक की राजनीति में नया भूचाल तब आया जब सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप तेज़ी से वायरल होने लगी, जिसमें कथित तौर पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा को कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को उनके पद से हटाने की रणनीति पर चर्चा करते हुए सुना जा सकता है। 29 जून 2026 को सामने आई इस क्लिप ने राज्य भाजपा इकाई के भीतर आंतरिक खींचतान की अटकलों को एक बार फिर हवा दे दी है। हालांकि, गौड़ा ने स्पष्ट शब्दों में इसे फर्जी करार देते हुए कहा कि क्लिप में सुनाई देने वाली आवाज़ उनकी नहीं है।
ऑडियो में क्या सुनाई देता है
वायरल क्लिप में कथित रूप से गौड़ा की आवाज़ यह कहती सुनी जा सकती है कि विजयेंद्र का राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में तीन साल का कार्यकाल नवंबर तक पूरा हो जाएगा और पार्टी को अनावश्यक विवाद से बचते हुए शांतिपूर्वक नेतृत्व परिवर्तन करना चाहिए।
क्लिप में मौजूद व्यक्ति कहता है, 'नवंबर तक उनके राज्य अध्यक्ष के तौर पर तीन साल पूरे हो रहे हैं। हम कोई और विवाद क्यों खड़ा करें? हमें शांति से काम जारी रखना चाहिए और दो महीने बाद उन्हें हटा देना चाहिए। जुलाई, अगस्त और सितंबर में तैयारी करनी चाहिए और अक्टूबर में उन्हें हटा देना चाहिए।'
इसी बातचीत में एक अज्ञात व्यक्ति की आवाज़ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर 'दोहरा खेल' खेलने का आरोप लगाती है। कथित गौड़ा की आवाज़ इस पर केवल यह कहती है कि वह ईश्वर में विश्वास रखते हैं।
सदानंद गौड़ा का खंडन
गौड़ा ने बिना किसी संदेह के इस ऑडियो को नकार दिया। उन्होंने कहा, 'सोशल मीडिया पर मौजूद ऑडियो क्लिप फर्जी है। क्लिप में सुनाई दे रही आवाज़ मेरी नहीं है। मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता। मैं ऐसी किसी भी कथित ऑडियो क्लिप या वीडियो पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा, जो गलत तरीके से मेरे नाम से जोड़ी जा रही हैं।'
भाजपा नेताओं की सतर्क प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद और पूर्व मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि उन्होंने यह ऑडियो नहीं सुना है और प्रामाणिकता की जाँच किए बिना कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
पुजारी ने कहा, 'कोई भी प्रतिक्रिया देने से पहले हमें यह जाँचना चाहिए कि ऑडियो असली है या नहीं। बीवाई विजयेंद्र पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा नियुक्त राज्य अध्यक्ष हैं और उनके साथ सहयोग करना हमारी जिम्मेदारी है।'
पृष्ठभूमि: क्रॉस-वोटिंग और आंतरिक तनाव
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक भाजपा हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में क्रॉस-वोटिंग की घटना से उबरने की कोशिश कर रही है, जिसमें भाजपा उम्मीदवार बेहद कम अंतर से जीत पाया था। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने माना कि इस घटना के बाद से आंतरिक समीक्षा की चर्चाएँ चल रही हैं।
गौरतलब है कि इन्हीं राजनीतिक उथल-पुथल के बीच विजयेंद्र ने विपक्ष के नेता आर. अशोक के साथ नई दिल्ली की यात्रा की और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात की। उन्होंने धर्मस्थल में भगवान मंजूनाथ की पूजा-अर्चना भी की और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ किसी संबंध के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
आगे क्या होगा
फिलहाल भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है। ऑडियो की प्रामाणिकता की कोई आधिकारिक जाँच अभी तक घोषित नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवंबर 2026 में विजयेंद्र के कार्यकाल की स्वाभाविक समाप्ति से पहले कर्नाटक भाजपा में नेतृत्व को लेकर अटकलें और तेज़ हो सकती हैं।