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कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने TN के CM विजय को लिखा पत्र, मेकेदातु और कावेरी पर माँगा सहयोग

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कर्नाटक BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने TN के CM विजय को लिखा पत्र, मेकेदातु और कावेरी पर माँगा सहयोग

सारांश

कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय को खुला पत्र लिखकर मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर परियोजना के समर्थन और कावेरी विवाद पर परिपक्व संवाद की अपील की — यह पत्र जोसेफ विजय की बेंगलुरु यात्रा से ठीक पहले आया है।

मुख्य बातें

कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने 3 अगस्त 2025 को तमिलनाडु के CM सी.
जोसेफ विजय को खुला पत्र लिखा।
विजयेंद्र ने मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर परियोजना के लिए तमिलनाडु का समर्थन माँगा, यह कहते हुए कि यह तमिलनाडु के पानी के हिस्से को प्रभावित नहीं करेगी।
जोसेफ विजय के जल्द बेंगलुरु आकर CM डी.के.
शिवकुमार से कावेरी विवाद पर बातचीत करने की खबरें हैं।
विजयेंद्र ने तिरुवल्लुवर मूर्ति विवाद का उदाहरण देकर दोनों राज्यों के बीच सहयोग की परंपरा को रेखांकित किया।
पत्र का समापन संदेश: 'कावेरी हमारे लोगों को बाँटने के बजाय उन्हें एकजुट करे।'

कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने 3 अगस्त 2025 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को एक खुला पत्र लिखकर कावेरी नदी विवाद और मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर परियोजना पर सहयोग का आग्रह किया। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब जोसेफ विजय के जल्द ही बेंगलुरु आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कावेरी मुद्दे पर बातचीत करने की खबरें हैं।

मेकेदातु परियोजना पर विजयेंद्र का तर्क

विजयेंद्र ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर परियोजना तमिलनाडु के पानी के जायज हिस्से को प्रभावित किए बिना बेंगलुरु की पेयजल आवश्यकताओं को बड़े पैमाने पर पूरा कर सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि इस परियोजना को समर्थन देना दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग का एक सशक्त प्रतीक बनेगा।

विजयेंद्र ने कहा कि कावेरी न केवल बेंगलुरु बल्कि उसके पूरे बेसिन में बसे कई कस्बों की जीवनरेखा है। उन्होंने रेखांकित किया कि कर्नाटक में रहने वाले कन्नड़ और तमिल — दोनों समुदायों के लाखों लोग पीने के पानी के लिए इसी नदी पर निर्भर हैं।

अनिश्चित मानसून और किसानों की चिंता

BJP नेता ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि अनिश्चित मानसून ने कर्नाटक के किसानों और नागरिकों पर भारी दबाव डाला है। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में कर्नाटक की जल-संबंधी चिंताओं को नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं होगा। उन्होंने जोसेफ विजय से आग्रह किया कि वे शिवकुमार के साथ बातचीत में कर्नाटक के किसानों और नागरिकों के प्रति सहानुभूति और एक परिपक्व राजनेता की समझ के साथ उपस्थित हों।

दोनों राज्यों के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख

विजयेंद्र ने पत्र में याद दिलाया कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने गहरे और स्थायी संबंध रहे हैं — साझा इतिहास, संस्कृति, व्यापार और लोगों के बीच घनिष्ठ रिश्ते इसकी नींव हैं। उन्होंने कहा कि लाखों तमिल लोगों ने बेंगलुरु को अपना घर बनाया है और इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वहीं तमिलनाडु में रहने वाले कन्नडिगा लोगों ने भी पड़ोसी राज्य की प्रगति में अपनी भूमिका निभाई है।

गौरतलब है कि विजयेंद्र ने बेंगलुरु में तिरुवल्लुवर की मूर्ति स्थापना के लंबे समय से लंबित मुद्दे का उदाहरण दिया, जिसे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की समझदारी और उदारता से सुलझाया गया था। उनके अनुसार यह उदाहरण सिद्ध करता है कि जब लोगों के व्यापक हित को प्राथमिकता दी जाती है, तो कठिन मुद्दे भी हल हो सकते हैं।

पत्र का समापन संदेश

विजयेंद्र ने उम्मीद जताई कि जोसेफ विजय कर्नाटक की जायज चिंताओं का सम्मान करते हुए तमिलनाडु के हितों की भी रक्षा करेंगे। उन्होंने पत्र का समापन इस भावपूर्ण संदेश के साथ किया: 'कावेरी हमारे लोगों को बाँटने के बजाय उन्हें एकजुट करे।' अब सबकी नज़रें जोसेफ विजय की बेंगलुरु यात्रा और दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच होने वाली बातचीत के नतीजे पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और मेकेदातु परियोजना को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश इसमें साफ़ दिखती है। जोसेफ विजय, जो मुख्यमंत्री के रूप में नए हैं, पर दोनों राज्यों के जल-राजनीति के पुराने घावों को संभालने की ज़िम्मेदारी है। कावेरी विवाद दशकों पुराना है और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद अनसुलझा बना हुआ है — ऐसे में एक खुले पत्र की अपील कितनी कारगर होगी, यह देखना होगा। असली परीक्षा दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक में होगी, जहाँ भावनात्मक अपीलों से आगे ठोस जल-बँटवारे के फॉर्मूले पर सहमति बनानी होगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बी.वाई. विजयेंद्र ने जोसेफ विजय को पत्र क्यों लिखा?
कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय से मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर परियोजना का समर्थन करने और कावेरी विवाद पर बेंगलुरु में होने वाली वार्ता में सहयोगपूर्ण रवैया अपनाने का आग्रह किया। यह पत्र जोसेफ विजय की प्रस्तावित बेंगलुरु यात्रा से पहले लिखा गया।
मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर परियोजना क्या है?
मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर कर्नाटक की एक प्रस्तावित जल परियोजना है जिसका उद्देश्य बेंगलुरु और उसके आसपास के क्षेत्रों को पीने का पानी उपलब्ध कराना है। कर्नाटक का तर्क है कि यह परियोजना तमिलनाडु के पानी के हिस्से को प्रभावित नहीं करेगी, जबकि तमिलनाडु इस पर आपत्ति जताता रहा है।
कावेरी नदी विवाद क्या है और इसमें दोनों राज्यों की क्या स्थिति है?
कावेरी नदी के जल-बँटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच दशकों पुराना विवाद है। सर्वोच्च न्यायालय ने वर्षों में कई आदेश दिए हैं, फिर भी अनिश्चित मानसून के वर्षों में पानी छोड़ने की मात्रा को लेकर दोनों राज्यों में तनाव बना रहता है।
तमिलनाडु के CM जोसेफ विजय बेंगलुरु कब आ सकते हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, जोसेफ विजय जल्द ही बेंगलुरु आकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से कावेरी मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं। यात्रा की सटीक तारीख की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विजयेंद्र ने तिरुवल्लुवर मूर्ति का उदाहरण क्यों दिया?
विजयेंद्र ने बेंगलुरु में तिरुवल्लुवर की मूर्ति स्थापना के विवाद का उल्लेख यह दर्शाने के लिए किया कि दोनों राज्यों के नेता मिलकर कठिन मुद्दे सुलझा सकते हैं। यह विवाद पूर्व CM बी.एस. येदियुरप्पा और पूर्व CM एम. करुणानिधि के सहयोग से सुलझाया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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