सिद्दारमैया का जमीर अहमद खान पर विश्वासघात का आरोप, दावणगेरे उपचुनाव में पार्टी-विरोधी काम का दावा
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जमीर अहमद खान पर दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान उनके विरुद्ध काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। बेंगलुरु में उनके आवास पर हुई एक बैठक का वीडियो गुरुवार, 11 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें सिद्दारमैया खान के समर्थकों से नाराजगी में सवाल करते दिखे। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार को लेकर जोरदार लॉबिंग चल रही है।
क्या है पूरा मामला
जमीर अहमद खान के समर्थकों का एक दल बेंगलुरु में सिद्दारमैया के आवास पर पहुँचा और उनसे आग्रह किया कि वे खान को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल कराने में सहयोग करें। इस पर सिद्दारमैया ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि क्या समर्थकों को पता है कि दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के दौरान जमीर ने उनके खिलाफ काम किया था। वीडियो में सिद्दारमैया स्पष्ट रूप से नाराज दिखे और बातचीत अधूरी छोड़कर वहाँ से चले गए।
दावणगेरे उपचुनाव से जुड़ी विवाद की जड़
कांग्रेस ने दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में स्वर्गीय शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया था। बताया जाता है कि मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्ग इस निर्णय से असंतुष्ट थे और जमीर अहमद खान किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट दिए जाने के पक्षधर थे। उस समय समर्थ के पिता और पूर्व मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन ने सार्वजनिक रूप से जमीर खान को फटकार लगाते हुए कहा था कि उन्हें दावणगेरे की राजनीति में हस्तक्षेप करने के बजाय अपने क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
वायरल ऑडियो क्लिप और विवाद का गहराना
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह से पूर्व 3 मिनट 51 सेकंड का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। कथित तौर पर यह क्लिप जमीर अहमद खान और दावणगेरे के एक कांग्रेस नेता सिराज के बीच की बातचीत बताई गई, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मुस्लिम मतदाताओं को सक्रिय न करने और निर्दलीय उम्मीदवार तथा एसडीपीआई को समर्थन देने की बात कहे जाने का दावा किया गया। हालाँकि जमीर अहमद खान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए ऑडियो को फर्जी और राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि यह क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार की गई है।
कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक समीकरण
गौरतलब है कि कर्नाटक में हाल ही में हुए कैबिनेट के पहले विस्तार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया, जबकि जमीर अहमद खान को इस विस्तार में जगह नहीं मिली। राजनीतिक विश्लेषक इसे खान के लिए एक बड़ा झटका मान रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब खान पहले सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि सिद्दारमैया मुख्यमंत्री के रूप में अपना पूरा पाँच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे — एक बयान जिसे डीके शिवकुमार और सिद्दारमैया के बीच सत्ता-साझेदारी की चर्चाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया था।
फोरेंसिक जाँच की माँग
एसएस मल्लिकार्जुन और उनके पुत्र विधायक समर्थ मल्लिकार्जुन का कहना है कि चुनाव के दौरान जमीर खान की पार्टी-विरोधी गतिविधियाँ किसी से छिपी नहीं थीं। दोनों नेताओं ने वायरल ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जाँच कराए जाने की माँग की है। कर्नाटक कांग्रेस में यह आंतरिक कलह ऐसे समय में सतह पर आई है जब पार्टी को राज्य में अपनी सरकार को स्थिर रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस प्रकार सँभालता है।