कर्नाटक ने राष्ट्रीय ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाए ₹423 करोड़, मंत्री केजे जॉर्ज ने की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के ऊर्जा एवं पर्यटन मंत्री केजे जॉर्ज ने बुधवार, 10 जून को घोषणा की कि पावर कंपनी ऑफ कर्नाटक लिमिटेड (PCKL) ने राष्ट्रीय ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर ₹423 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह उपलब्धि अप्रैल से 8 जून 2026 की अवधि के दौरान रणनीतिक ऊर्जा व्यापार के ज़रिये हासिल की गई।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री जॉर्ज ने ऊर्जा मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद बेंगलुरु स्थित बेलकु भवन में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि राज्य ने गर्मी के मौसम में बिजली की माँग को सफलतापूर्वक प्रबंधित करते हुए राजस्व भी कमाया।
जॉर्ज के अनुसार, PCKL ने दिन के समय कम लागत वाली बिजली खरीदी और व्यस्त घंटों के दौरान जलविद्युत, तापीय तथा अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली उत्पन्न की, जिसे बाद में राष्ट्रीय ग्रिड को बेचा गया। बिजली की औसत बिक्री दर ₹9.08 प्रति यूनिट रही।
ऊर्जा प्रबंधन की रणनीति
मंत्री ने इस उपलब्धि को कुशल बिजली उत्पादन, ग्रिड प्रबंधन और ऊर्जा बाज़ार में कर्नाटक की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण बताया। गौरतलब है कि गर्मियों के महीनों में बिजली की माँग चरम पर होती है, ऐसे में अतिरिक्त बिजली का व्यावसायिक उपयोग राज्य के लिए एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।
मानसून की तैयारी
जॉर्ज ने समीक्षा बैठक में मानसून सीज़न के लिए विभाग की तैयारियों का भी जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश या तेज़ हवाओं से बिजली आपूर्ति बाधित होने पर उसे शीघ्र बहाल किया जाए।
निवारक उपायों के तहत बिजली आपूर्ति कंपनियों (ESCOMs) ने राज्यभर में 33,400 बिजली के खंभे, 1,441 ट्रांसफार्मर और 343.56 किलोमीटर बिजली लाइनें बदली हैं। आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए 20,012 नियमित लाइनमैन और 4,883 विशेष मानसून गैंगमैन तैनात किए गए हैं।
भंडार और आपातकालीन क्षमता
त्वरित बहाली कार्य को सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने 99,530 खंभे और 12,733 ट्रांसफार्मर का स्टॉक तैयार रखा है। मंत्री ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में कर्नाटक की बिजली माँग और खपत के रुझानों की भी समीक्षा की।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक समेत कई राज्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार और ग्रिड स्थिरता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऊर्जा व्यापार से मिले इस राजस्व से राज्य के बिजली क्षेत्र की वित्तीय स्थिति को बल मिलने की उम्मीद है।