9 जुलाई 2026
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कर्नाटक में मानसून का कहर: बेलागावी-शिवमोग्गा में बाढ़ का खतरा, केआरएस बांध में पानी की आवक तेज

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कर्नाटक में मानसून का कहर: बेलागावी-शिवमोग्गा में बाढ़ का खतरा, केआरएस बांध में पानी की आवक तेज

सारांश

महीनों की सूखे जैसी स्थिति के बाद कर्नाटक में मानसून ने पलटवार किया है — और इस बार राहत के साथ आफत भी आई है। बेलागावी से हासन तक नदियाँ उफान पर हैं, खेत डूब रहे हैं और किसान मुआवजे की माँग कर रहे हैं। केआरएस बांध में पानी की आवक तेज है और IMD ने अगले कुछ दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है।

मुख्य बातें

कर्नाटक में 8 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरी ताकत पकड़ी; बेलागावी , शिवमोग्गा , हासन और धारवाड़ सबसे प्रभावित।
बेलागावी में दूधगंगा , मार्कंडेय और घटप्रभा नदियाँ उफान पर; गन्ने-मक्के-मिर्च के खेत जलमग्न, किसानों ने मुआवजे की माँग की।
केआरएस बांध में पानी की आवक 5,734 से बढ़कर 7,531 क्यूसेक ; जलस्तर 81.55 फीट , अधिकतम क्षमता 124.80 फीट ।
हेमावती बांध में 16,593 क्यूसेक आवक; जलस्तर 2,898.40 फीट , अधिकतम 2,922 फीट ।
शिवकुमार गुरुवार को बेलागावी का दौरा करेंगे; बेलूर तालुक में स्कूल-आंगनवाड़ी बंद।
IMD ने आने वाले दिनों में कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।

कर्नाटक में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 8 जुलाई 2026 तक पूरी ताकत पकड़ ली है, जिससे राज्य के उत्तरी और दक्षिणी दोनों हिस्सों में नदियाँ उफान पर हैं, जलाशय तेजी से भर रहे हैं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बेलागावी, शिवमोग्गा, हासन और धारवाड़ जिलों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है।

बेलागावी में बाढ़ जैसे हालात

बेलागावी जिले में दूधगंगा, मार्कंडेय और घटप्रभा नदियाँ लगातार बारिश के कारण उफान पर हैं। नदी तटों से लगभग आधा किलोमीटर तक फैले गन्ने, मक्के और मिर्च के खेत पानी में डूब गए हैं। स्थानीय किसानों के अनुसार, घटप्रभा नदी में चार दिन पहले तक बहुत कम पानी था, लेकिन महाराष्ट्र और पश्चिमी घाट में भारी बारिश के बाद यह अचानक उफान पर आ गई।

किसानों ने सरकार से मुआवजे की माँग की है। उनका कहना है कि पहले मानसून की देरी से फसलें प्रभावित हुईं और अब बाढ़ ने नुकसान और बढ़ा दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब किसान महीनों की सूखे जैसी स्थिति से उबरने की कोशिश कर रहे थे।

बेलागावी के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद रोशन ने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार गुरुवार को जिले का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने महाराष्ट्र के कोयना जलाशय में पानी छोड़े जाने की निगरानी के लिए अधिकारियों की एक टीम तैनात की है। बाढ़ की किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी ज़रूरी तैयारियाँ कर ली गई हैं।'

केआरएस और हेमावती बांध में पानी की तेज आवक

मांड्या स्थित कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध में कावेरी कैचमेंट एरिया और मडिकेरी जिले में हुई भारी बारिश के बाद पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में जलाशय में 7,531 क्यूसेक पानी आ रहा है, जो पिछले दिन 5,734 क्यूसेक था। केआरएस का जलस्तर अभी 81.55 फीट है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 124.80 फीट है। कुल 49.452 टीएमसी स्टोरेज क्षमता में से अभी 12.485 टीएमसी पानी जमा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि कावेरी बेसिन में बारिश जारी रहने पर आवक और बढ़ेगी।

हासन जिले के गोरूर स्थित हेमावती बांध में 16,593 क्यूसेक पानी आ रहा है, जबकि 300 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। बांध का जलस्तर 2,898.40 फीट है, जबकि अधिकतम स्तर 2,922 फीट है। 37.103 टीएमसी की कुल क्षमता में से 18.782 टीएमसी पानी भरा हुआ है। चिकमगलूर जिले के पड़ोसी मुदिगेरे में हुई भारी बारिश को इस आवक का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

शिवमोग्गा, हुबली और धारवाड़ में स्थिति

शिवमोग्गा जिले के मलनाड इलाके में लगातार बारिश से तुंगा नदी उफान पर है। हुबली की कई झीलें भी पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के बाद भर गई हैं। धारवाड़ जिले में गर्मियों में सूख चुकी झीलें अब पूरी तरह भर गई हैं। कलाघटागी तालुका के लोग, जो पीने के पानी की भारी कमी झेल रहे थे, उन्होंने बारिश का स्वागत किया है — हालाँकि बाढ़ का खतरा अब एक नई चुनौती बन गया है।

गौरतलब है कि यह वही क्षेत्र है जो महीनों पहले तक सूखे की चपेट में था, और अब अचानक अतिवृष्टि से जूझ रहा है — यह कर्नाटक के जल प्रबंधन की पुरानी विडंबना को फिर उजागर करता है।

एहतियाती कदम और स्कूल बंद

हासन जिले में सकलेशपुर, अलूर, बेलूर और अरकलगुड में तेज हवाओं के साथ लगातार बारिश हो रही है। बेलूर के तहसीलदार श्रीधर कंकनावाड़ी ने बुधवार को बेलूर तालुक के कसाबा ए और कसाबा बी जोन के साथ-साथ अरेहल्ली, बिक्कोडु और चिक्कनहल्ली होबली में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राइमरी और हाई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी।

इस बीच, दक्षिण कन्नड़ जिले में शिराडी घाट से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-75 पर मानसून की बारिश से कई झरने बन गए हैं, जो मंदिर यात्रा के मौसम में हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।

आगे क्या होगा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। अधिकारी नदियों के जलस्तर और जलाशयों में पानी की आवक पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, खासकर उत्तरी कर्नाटक के बाढ़-संभावित जिलों में। नदी तटों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

महीनों तक जल संरक्षण और सूखा प्रबंधन की अपर्याप्त तैयारी; और अब, अचानक अतिवृष्टि से निपटने की सीमित क्षमता। जो किसान सूखे से उबर ही रहे थे, वे अब बाढ़ की मार झेल रहे हैं — यह उत्तरी कर्नाटक में हर मानसून में दोहराई जाने वाली कहानी है। केआरएस और हेमावती जैसे बड़े बांधों में पानी की आवक तेज है, लेकिन निचले इलाकों में चेतावनी तंत्र और निकासी योजना की कमज़ोरियाँ हर बार उजागर होती हैं। मुख्यमंत्री का दौरा राजनीतिक संकेत ज़रूर है, पर दीर्घकालिक समाधान के लिए नदी-बेसिन प्रबंधन और किसान मुआवजे की पारदर्शी प्रणाली की दरकार है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में बाढ़ की स्थिति अभी कहाँ सबसे गंभीर है?
8 जुलाई 2026 तक बेलागावी जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ दूधगंगा, मार्कंडेय और घटप्रभा नदियाँ उफान पर हैं और खेत जलमग्न हैं। शिवमोग्गा में तुंगा नदी और हासन में हेमावती बांध क्षेत्र में भी हालात गंभीर हैं।
केआरएस बांध का जलस्तर अभी कितना है?
कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध का जलस्तर 8 जुलाई को 81.55 फीट है, जबकि अधिकतम क्षमता 124.80 फीट है। बांध में 7,531 क्यूसेक पानी आ रहा है और कुल 49.452 टीएमसी क्षमता में से 12.485 टीएमसी पानी जमा है।
बेलागावी के किसानों को क्या नुकसान हुआ है और सरकार क्या कर रही है?
बेलागावी में गन्ने, मक्के और मिर्च की फसलें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। किसानों ने सरकार से मुआवजे की माँग की है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार गुरुवार को जिले का दौरा करेंगे और डिप्टी कमिश्नर ने कोयना जलाशय से पानी छोड़े जाने की निगरानी के लिए टीम तैनात की है।
IMD ने कर्नाटक के लिए क्या अलर्ट जारी किया है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तरी कर्नाटक के बाढ़-संभावित जिलों में अधिकारी नदियों के जलस्तर पर कड़ी नज़र रख रहे हैं।
क्या कर्नाटक में स्कूल बंद किए गए हैं?
हाँ, बेलूर के तहसीलदार श्रीधर कंकनावाड़ी ने बुधवार को बेलूर तालुक के कसाबा ए और कसाबा बी जोन तथा अरेहल्ली, बिक्कोडु और चिक्कनहल्ली होबली में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राइमरी और हाई स्कूलों में छुट्टी घोषित की है।
राष्ट्र प्रेस
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