तेलंगाना जल संकट: शिवसेना नेता सिंकारु शिवाजी बोले — रेवंत रेड्डी कर्नाटक से लाएं पानी, राहुल गांधी से करें बात
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना में गहराते जल और सूखा संकट के बीच मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की किसानों से एक फसल टालने की अपील ने विपक्षी दलों को आक्रामक कर दिया है। शिवसेना (शिंदे) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष सिंकारु शिवाजी ने 25 अक्टूबर 2026 को मांग की कि मुख्यमंत्री रेड्डी कर्नाटक सरकार से संपर्क कर तेलंगाना के लिए पानी सुनिश्चित करें।
किसानों के हित में उठाई आवाज़
सिंकारु शिवाजी ने कहा, 'अगर आज किसान खेतों में नहीं जाएंगे, तो हम क्या खाएंगे? इसका दूसरा विकल्प क्या है? आप (मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी) किसानों से कह रहे हैं कि यह मत करो, वह मत करो, तो फिर एक किसान अपना गुजारा कैसे करेगा?' उन्होंने सवाल किया कि अगर किसान फसल उगाना बंद कर दें, तो देश की खाद्य सुरक्षा कैसे बनेगी।
शिवसेना नेता ने स्पष्ट कहा कि कर्नाटक में पानी की कोई कमी नहीं है और वहाँ कांग्रेस की सरकार है। उनका तर्क था कि चूँकि तेलंगाना और कर्नाटक दोनों राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, इसलिए रेवंत रेड्डी के लिए कर्नाटक से जल आपूर्ति का रास्ता निकालना कहीं अधिक आसान होना चाहिए।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री का हवाला
सिंकारु शिवाजी ने कहा, 'कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार कई बार तेलंगाना आ चुके हैं। उन्होंने कई बैठकों में भरोसा दिलाया है कि हम आएंगे, आपका समर्थन करेंगे और आपके साथ खड़े हैं। आज आप (रेवंत रेड्डी) मुख्यमंत्री हैं, आप उनसे कह सकते हैं — वे पानी ला सकते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि रेवंत रेड्डी को राहुल गांधी से भी बात करनी चाहिए ताकि कर्नाटक सरकार पर दबाव बने और तेलंगाना के किसानों को पानी मिल सके।
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में खरीफ सीजन को लेकर किसान पहले से ही आशंकित हैं। मुख्यमंत्री रेड्डी की फसल टालने की अपील को राज्य के किसान संगठनों ने भी नकारात्मक रूप से लिया है।
राहुल गांधी पर सीधा निशाना
जल संकट के मुद्दे के साथ-साथ शिवसेना नेता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया, 'राहुल गांधी का देशद्रोहियों से मिलना सब भारत देख रहा है। भारत की जनता पूरी तरह जागरूक है।' हालाँकि उन्होंने किसी विशिष्ट मुलाकात या व्यक्ति का नाम नहीं लिया।
सिंकारु शिवाजी ने यह भी कहा कि जो लोग भारत के विकास में बाधा डालते हैं, उन्हें देशद्रोही माना जा सकता है — चाहे वे किसी भी गठबंधन, पार्टी या नेता हों। उन्होंने जनता से अपील की कि वे देखें कि असल में भारत का विकास कौन कर रहा है।
ईवीएम और 'वोट चोरी' विवाद पर प्रतिक्रिया
'वोट चोरी' के मुद्दे पर शिवाजी ने कहा कि कांग्रेस कभी ईवीएम का बहाना बनाती है, कभी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का। उनके अनुसार विपक्ष को पहले से ही पता है कि उसे जनता का समर्थन नहीं मिलेगा, इसीलिए यह 'ड्रामा' रचा जा रहा है। क्रिकेट की उपमा देते हुए उन्होंने कहा, 'जैसे कोई बल्लेबाज खुद अपनी विकेट पर शॉट मारकर हिट-विकेट आउट हो जाता है, राहुल गांधी बिल्कुल वैसा ही अपने साथ कर रहे हैं।'
आगे क्या
तेलंगाना जल संकट पर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि यह मामला दो कांग्रेस-शासित राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय जल साझाकरण के व्यापक प्रश्न से भी जुड़ा है। आने वाले दिनों में यदि संकट और गहराता है, तो इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान और बढ़ सकता है।