24 जुलाई 2026
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कर्नाटक: भाजपा ने कांग्रेस को महिला आरक्षण बिल पर किया घेराव, कहा- महिला विरोधी चेहरा उजागर

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कर्नाटक: भाजपा ने कांग्रेस को महिला आरक्षण बिल पर किया घेराव, कहा- महिला विरोधी चेहरा उजागर

सारांश

कर्नाटक में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे कांग्रेस का 'महिला विरोधी चेहरा' करार दिया। क्या महिलाएं इसका जवाब देंगी? जानिए पूरी कहानी।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किया है।
अशोक ने इसे महिला विरोधी करार दिया।
महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है।
परिसीमन पर भी चर्चा की गई है।
कांग्रेस ने पहले तीन तलाक कानून का भी विरोध किया था।

बेंगलुरु, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) पर कांग्रेस पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल का विरोध करके कांग्रेस ने अपना “महिला विरोधी चेहरा” उजागर कर दिया है।

प्रेस वार्ता में अशोक ने कहा, “देश की महिलाएं कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगी। ऐसे में कांग्रेस के महिला विंग को भंग कर देना उचित होगा।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महिलाओं को संवैधानिक अधिकार देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया, लेकिन विपक्षी दलों ने लोकसभा में इसका विरोध किया।

अशोक ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सोच है कि महिलाओं को २,००० रुपये और मुफ्त बस यात्रा देना ही पर्याप्त है, जबकि उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनावों में महिलाएं इसका जवाब देंगी।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ६० वर्षों तक शासन करने के बावजूद उन्होंने महिला आरक्षण लागू नहीं किया। वहीं, जब वर्तमान सरकार ने यह कदम उठाया, तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया।

परिसीमन के मुद्दे पर भी अशोक ने कहा कि दक्षिण भारत की १२९ लोकसभा सीटों को बढ़ाकर १९५ तक किया जा सकता है और यदि इस पर कोई मतभेद था तो चर्चा की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि परिसीमन एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका पहले भी पालन किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सड़कों पर उतरकर कांग्रेस से सवाल करना चाहिए और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले तीन तलाक कानून का भी विरोध किया था।

अशोक ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे का चुनावी लाभ नहीं उठा रही है, बल्कि कांग्रेस भी इस बिल का समर्थन कर इसका श्रेय ले सकती थी। उन्होंने कहा कि यह बिल तीन वर्षों में लागू हो जाएगा, लेकिन पिछले ६० वर्षों में इसे लागू नहीं किया गया।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मंचों पर महिलाओं के अधिकारों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन उन्हें लागू करने में विफल रही है।

अंत में अशोक ने कहा, “यदि कांग्रेस ने इस बिल के समर्थन में वोट नहीं दिया, तो उसके महिला विंग को भंग करना चाहिए। महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी करने वाली कांग्रेस सरकार को जनता कभी माफ नहीं करेगी।”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह एक कानून है जो महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए बनाया गया है।
आर. अशोक ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस बिल का विरोध कर अपना 'महिला विरोधी चेहरा' उजागर किया है।
कांग्रेस का महिला विंग क्या कर रहा है?
कांग्रेस के महिला विंग को भंग करने की बात की गई है यदि वे इस बिल के समर्थन में वोट नहीं देते।
क्या भाजपा इस मुद्दे का लाभ उठा रही है?
आर. अशोक ने कहा कि भाजपा इस मुद्दे का चुनावी लाभ नहीं उठा रही है।
महिला आरक्षण बिल कब लागू होगा?
अशोक के अनुसार, यह बिल तीन वर्षों में लागू होगा।
राष्ट्र प्रेस
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