भाजपा विधायक अनिल गोयल का नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बयान: एक ऐतिहासिक कदम
सारांश
Key Takeaways
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उद्देश्य महिलाओं को नेतृत्व में सशक्त बनाना है।
- भाजपा विधायक ने कांग्रेस के विरोध को बेबुनियादी बताया।
- परिसीमन से सभी राज्यों में सीटें बढ़ेंगी।
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा विधायक डॉ. अनिल गोयल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए बुलाए गए संसद के विशेष सत्र पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने गुरुवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि यह एक ऐतिहासिक विधेयक है, जो मोदी सरकार द्वारा संसद में पेश किया जा रहा है। इस पर तीन दिनों तक चर्चा होगी, जिससे देश की महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होगा। यह विधेयक महिलाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान करेगा, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।
भाजपा विधायक ने कहा कि कांग्रेस के समय में यह विधेयक आना चाहिए था, लेकिन अफसोस है कि कांग्रेस ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। अब जब हमारी सरकार इसे लेकर आ रही है, तब कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।
इसके अलावा, डॉ. गोयल ने उन तर्कों को खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा है कि परिसीमन के बाद दक्षिण के राज्यों का प्रतिनिधित्व संसद में कम हो जाएगा। उन्होंने इसे बेबुनियादी करार दिया और कहा कि परिसीमन से पहले सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी, ताकि किसी भी राजनीतिक हितों पर कोई असर न पड़े।
उन्होंने कांग्रेस से अपील की है कि इस विधेयक का विरोध न करें, क्योंकि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को शक्ति प्रदान करना है।
भाजपा विधायक ने कांग्रेस पार्टी को सुझाव दिया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप न करें और जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत बनाने की दिशा में काम करें।
उन्होंने कहा कि यदि सोनिया गांधी इस विधेयक का विरोध कर रही हैं, तो इससे स्पष्ट होता है कि उन्हें इसके प्रावधानों की जानकारी नहीं है। अगर उन्हें इससे संबंधित जानकारी होती, तो वह इसका विरोध नहीं करतीं। ऐसे में मेरा सुझाव है कि वे पहले इस विधेयक के प्रावधानों के बारे में जानें, फिर किसी निष्कर्ष पर पहुँचें।