कर्नाटक युवा कांग्रेस ने छह पदाधिकारियों को निलंबित किया, दिल्ली 'संसद चलो' कार्यक्रम में अनुपस्थिति पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक प्रदेश युवा कांग्रेस (केपीवाईसीसी) ने 6 नवंबर 2026 को छह पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन का कारण दिल्ली में आयोजित पार्टी के प्रमुख कार्यक्रमों — मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन और 'संसद चलो' कार्यक्रम — में बार-बार अनुपस्थित रहना बताया गया है। निलंबित पदाधिकारियों में हावेरी जिला के विधायक और राज्य मंत्री रुद्रप्पा मनप्पा लमानी के पुत्र दर्शन कुमार लमानी भी शामिल हैं।
किन पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबित छह पदाधिकारियों में केपीवाईसीसी के राज्य सचिव अब्दुल अजीज, सूरज अवती, पवन सालियन और अभिषेक सी. के साथ-साथ दर्शन कुमार लमानी शामिल हैं। दर्शन लमानी संगठनात्मक चुनाव के माध्यम से हावेरी जिला कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। पार्टी नेतृत्व ने पाया कि उन्होंने सौंपी गई जिम्मेदारियाँ समुचित ढंग से नहीं निभाईं, जिसके बाद अनुशासनात्मक प्रक्रिया शुरू की गई।
निलंबन आदेश किसने जारी किया
यह आदेश केपीवाईसीसी अध्यक्ष मंजुनाथ एचएस, राष्ट्रीय सचिव एवं केपीवाईसीसी सह-प्रभारी तारिका भगवाना और श्रीनिवास राठौड़ द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पदाधिकारियों की बार-बार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया। सभी निलंबित पदाधिकारियों को अगले आदेश तक प्रभावी यह निलंबन है और उन्हें पार्टी मंच के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
दर्शन लमानी की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नवंबर 2020 में दर्शन लमानी को केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) पुलिस ने गोवा में हेमंत कुमार और सुनीश नामक दो अन्य व्यक्तियों के साथ कथित तौर पर कृत्रिम मादक पदार्थों की तस्करी और डार्कनेट से जुड़े मामले में हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया था। उनके पिता रुद्रप्पा मनप्पा लमानी कर्नाटक विधानसभा में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हावेरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
रुद्रप्पा लमानी: राजनीतिक परिचय
रुद्रप्पा लमानी जुलाई 2023 में कर्नाटक विधानसभा के उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए और तब से इस पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले 2016 से 2018 के बीच सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में उन्होंने वस्त्र एवं मुजराई मंत्री के रूप में कार्य किया था। यह निलंबन ऐसे समय में आया है जब युवा कांग्रेस एसआईआर मुद्दे पर पूरे देश में सक्रिय प्रदर्शनों के ज़रिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।
आगे क्या होगा
निलंबित पदाधिकारियों को पार्टी मंच के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। पार्टी नेतृत्व इसके बाद अंतिम निर्णय लेगा। यह कदम संकेत देता है कि कांग्रेस संगठनात्मक अनुशासन के मामले में सख्त रुख अपनाने के मूड में है, खासकर उन नेताओं के प्रति जो राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में भागीदारी से दूरी बनाते हैं।